शहरी निकायों की सभी सेवाएं ऑनलाइन देने के निर्देश

www.khaskhabar.com | Published : बुधवार, 18 जुलाई 2018, 9:40 PM (IST)

चंडीगढ। हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने सभी शहरी स्थानीय निकायों को मुख्यालय द्वारा विकसित और तैयार की गई सेवाएं नागरिकों को ऑनलाइन प्रदान करने के आदेश जारी किए हैं।

शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा प्रदेश के सभी नगर निगमों के आयुक्तों, उपायुक्तों और नगर परिषदों और नगरपालिकाओं के कार्यकारी अधिकारियों/सचिवों को एक परिपत्र के माध्यम से दिशानिर्देश जारी किए गए हैं कि मुख्यालय द्वारा जो ऑनलाइन एप्लीकेशन विकसित और तैयार की गई हैं, उनका उपयोग नागरिकों को ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करने के लिए किया जाए। कोई भी सेवा मैनुअली रूप से प्रदान न की जाए। डैशबोर्ड पर उपलब्ध एमआईएस के अनुसार यह पाया गया है कि कुछ शहरी स्थानीय निकायों ने अभी तक मुख्यालय द्वारा विकसित और तैयार की गई ऑनलाइन सेवाओं को अपनाया नहीं है और अभी तक मैनुअल पद्धति से सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।


मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रदेश में दी जाने वाली योजनाओं और सेवाओं में परिवर्तन लाने के विजन को साकार करने के लिए सरकार द्वारा ऑनलाइन सेवाएं शुरू की गई हैं। इन सेवाओं में समेकित ऑनलाइन प्लैटफॉर्म पर सभी जी2सी सेवाएं व योजनाएं, प्रदेशभर में सभी नागरिक टचप्वाइंट में सुधार लाने, नागरिक टचप्वाइंट पर उपलब्ध सभी जी2सी सेवाएं/योजनाएं और आरटीएस समय-सीमा के भीतर सेवा/योजना प्रदान करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, इन सेवाओं में नागरिकों और सरकार के बीच सक्रिय सम्बन्ध स्थापित करना, मोबाइल के माध्यम से सेवाओं और योजनाओं का लाभ उठाने का विकल्प प्रदान करना तथा नागरिकों व सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों का बेहतर दृष्टिकोण विकसित होना शामिल है।


इसके अतिरिक्त, प्रदेश में 25 ऑनलाइन नागरिक सेवाओं का शुभारम्भ किया गया है, जिसमें 58 उप सेवाएं भी शामिल हैं। इन सेवाओं में जन्म-मृत्यु पंजीकरण, विवाह पंजीकरण, बिल्डिंग प्लान, कब्जा प्रमाण पत्र, अग्निशमन स्कीम, फायर एनओसी, नगर परिषदों व पालिकाओं में धारा 128 के तहत डेंजरस ट्रेड लाइसैंस, धारा 330 के तहत बिजनैस लाइसैंस (केवल नगर निगमों में), धारा 331 के तहत बिजनैस लाइसैंस (केवल नगर निगमों में), धारा 335 के तहत बिजनैस लाइसैंस (केवल नगर निगमों में), धारा 336 के तहत बिजनैस लाइसैंस (केवल नगर निगमों में), सामुदायिक केन्द्रों की बुकिंग करना, मांस का आयात करने के लिए लाइसैंस, मांस की बिक्री के लिए लाइसैंस, गाड़ी और रेहड़ी चलाने का लाइसैंस, सुअर पालन के लिए लाइसैंस और दस्तावेजों की प्रति के लिए अनुरोध, कुत्तों का पंजीकरण, अस्थायी ढांचा स्थापित करने हेतु अनुमति, आटा मिल चलाने का लाइसैंस, टैंट मालिकों के लिए लाइसैंस, लॉजिंग हाऊस के लिए लाइसैंस और बेकरी के लिए लाइसैंस प्रदान करना शामिल है।

परिपत्र में यह भी कहा गया है कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि समेकित मंच के माध्यम से सभी नागरिक सेवाएं उपलब्ध हों तथा विभाग ने आगामी चरण में अन्य 17 ऑनलाइन नागरिक सेवाओं का विकास करना है। इन सेवाओं में 151 उप सेवाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, इन सेवाओं में पान बिक्री का लाइसैंस जारी करना, पानी, बर्फ और आइसक्रीम कारखानों के लिए लाइसैंस प्रदान करना, जॉब पोर्टर के लिए लाइसैंस, फल, सब्जी और गन्ने की बिक्री के लिए लाइसैंस, नगर धोबी घाट के लिए लाइसैंस, साइकिल रिक्षा के लिए लाइसैंस, आदि सेवाएं शामिल हैं।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य - शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे