मोहाली में नया मेडिकल कॉलेज बनेगा, अस्पताल 300 बैड का होगा

www.khaskhabar.com | Published : गुरुवार, 28 जून 2018, 11:10 PM (IST)

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मोहाली के सरकारी अस्पताल का स्तर बड़ा कर 200 से 300 बिस्तरों का करने को स्वीकृति दे दी है और मेडीकल कौंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार एक नया मेडीकल कालेज खाले जाने को भी सहमति दे दी है ।
डाक्टरी शिक्षा और अनुसंधान विभाग के कामकाज का जायज़ा लेने के लिए एक उच्च स्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि मोहाली में नया मेडिकल कॉलेज जल्दी से जल्दी कार्यशील हो जायेगा । डाक्टरी शिक्षा के स्तर में और कुशलता लाने के लिए मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को गुमराह करके मेडीकल पाठ्यक्रम चलाने वाली ग़ैर पेशेवर यूनिवर्सिटियाँ और संस्थाओं के विरुद्ध तीखी कार्यवाई करने के लिए भी बाबा फऱीद यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साईंसेज को कहा है। उन्होंने ऐसी संस्थाओं को बंद करने के अलावा उनके द्वारा चलाए जा रहे पाठ्यक्रमों की सीटेंं घटाने जैसे सख्त कदम उठाने के लिए भी वाईस चांसलर को कहा है ।
मुख्यमंत्री ने फिऱोज़पुर में पीजीआई का सैटेलाइट सैंटर खोले जाने का मुद्दा ऐसीएस स्वास्थ्य को तुरंत भारत सरकार के समक्ष उठाने के लिए कहा है । इस लिए 25 एकड़ ज़मीन की पहले ही शनाखत कर ली है जो केंद्र की तरफ से स्वीकृति मिलने के बाद तबदील की जानी है ।
बठिंडा में एम्स के प्रोजेक्ट की प्रगति का जायज़ा लेते हुए मुख्यमंत्री ने विभाग को कहा कि वह बठिंडा में एम्स के निर्माण में तेज़ी लाने के लिए केंद्र के पास मुद्दा उठाए जिससे यह प्रोजेक्ट निर्धारित समय में मुकम्मल हो सके । मुख्यमंत्री ने 66 केवी सब -स्टेशन, हाई ट्रांसमिशन लाईनों बदलने और पानी के रास्तो के निर्माण, नयी पहुँच सडक़ के निर्माण, एतराज़हीनता सर्टिफिकेट और बिल्डिंग फीस के भुगतान के लिए 20.58 करोड़ रुपए तुरंत जारी करने के लिए वित्त विभाग को कहा है ।
मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य को कहा कि वह सरकारी मेडिकल कालेज पटियाला के बुनियादी ढांचे का स्तर ऊँचा उठाने और अध्यापन संबंधी व्यापक कार्य योजना तैयार करें। यह देश की एक गौरवमयी मेडीकल संस्था है परन्तु पिछली सरकार की उदासीनता के कारण इसने अपनी शान खो दी है।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों से संबंधित विभिन्न प्रोजेक्टों की प्रगति पर निजी तौर पर निगरानी रखने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य और परिवार कल्याण को कहा है । मुख्यमंत्री ने 2 अन्य मेडिकल कॉलेजों के लिए भी रूप रेखा तैयार करने के लिए विभाग को कहा है जिनमें से एक संगरूर और एक गुरदासपुर या पठानकोट में होगा । उन्होंने कहा कि राज्य में डाक्टरी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूती प्रदान करने के लिए यह ज़रूरी हैं । इसके अलावा यह कांग्रेस के चुनाव घोषण-पत्र का हिस्सा भी हैं जिसमें राज्य में 5 मैडीकल कालेज स्थापित करने की बात कही थी ।
मेडिकल फेकल्टी की समयबद्ध पदोन्नती के सम्बन्ध में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने डाक्टरी शिक्षा और अनुसंधान विभाग को नियमित आधार पर विभागीय पदोन्नी कमेटी की मीटिंगें बुलाने के लिए कहा है ।
मीटिंग में स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा, वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री तेजवीर सिंह, वित्त सचिव अनिरुद्ध तिवाड़ी, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य सतीश चंद्रा, उप-कुलपति बाबा फऱीद यूनिवर्सिटी ऑफ मैडीकल साईंसेज़ डा. राज बहादुर, डायरैक्टर मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान डा. अविनाश कुमार, ओ.एस.डी. (मैडीकल सर्विसिज) / मुख्यमंत्री डा. गिरीश साहनी और प्रिंसीपल सरकारी मैडीकल कॉलेज पटियाला डा. बी.एस. सिद्धू उपस्थित थे ।

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