मिताली ने कहा, 1999 में मुझे जब भारत के लिए खेलने का मौका मिला...

www.khaskhabar.com | Published : मंगलवार, 01 मई 2018, 6:14 PM (IST)

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज महिला क्रिकेट जगत में सबसे अधिक कमाई करने वाली खिलाडिय़ों में से हैं, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब उन्हें पूरा एक सीजन एक ही बल्ले से साथ खेलना पड़ा था। बीबीसी की ओर से जारी एक वीडियो में मिताली ने कहा कि भले ही आज स्थिति बदल गई हो, लेकिन मैंने एक समय पर पूरा सीजन एक ही बल्ले के साथ खेला था।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस साल महिला क्रिकेट खिलाडिय़ों के सालाना केंद्रीय अनुबंध में संशोधन किया है। मिताली का सालाना वेतन 22500 डॉलर से 77000 डॉलर हो गया है। हालांकि, इसके लिए मिताली को काफी लंबा सफर तय करना पड़ा।

भारतीय महिला टेस्ट और वनडे टीम की कप्तान मिताली ने 1999 में आयरलैंड के खिलाफ वनडे प्रारूप में पदार्पण किया था। मिताली ने कहा कि उस दौरान उनके पास निजी प्रायोजक नहीं थे और उनके पिता ने उन्हें क्रिकेट किट खरीदकर दी थी, जो एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी के पास होना बेहद जरूरी है।


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मिताली ने कहा कि वर्ष 1999 में मुझे जब भारत के लिए खेलने का मौका मिला, मेरे पास प्रायोजक नहीं थे और मेरे पिता ने कड़ी मेहनत कर मुझे क्रिकेट किट लाकर दी, जो एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी के पास होना जरूरी है। अपने सालाना वेतन में हुई बढ़ोतरी से मिताली बहुत खुश हैं, लेकिन वे उन पुराने दिनों को भी नहीं भूली हैं। उन्होंने कहा, आज हम जिस स्थिति में हैं, उसे हासिल करने के लिए हमने बहुत संघर्ष किया है।

एक समय ऐसा भी था, जब हम पूरा सीजन एक ही बल्ले के साथ खेलते थे और आज मैं एक सीरीज के लिए कई बल्ले इस्तेमाल कर सकती हूं। मिताली के सालाना अनुबंध में भले ही बढ़ोतरी हुई हो, लेकिन उनकी आय बीसीसीआई की ओर से पुरुष क्रिकेट खिलाडिय़ों के लिए तय किए गए वार्षिक अनुबंध में सी-वर्ग में शामिल खिलाडिय़ों से भी कम है।

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