फरीदाबाद, गुरुग्राम में शराब के ठेको की ई बिडिंग से राज्य के 123 करोड़ रुपए ज्यादा मिले

www.khaskhabar.com | Published : गुरुवार, 29 मार्च 2018, 10:05 PM (IST)

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने फरीदाबाद, गुरुग्राम (पूर्व) और गुरुग्राम (पश्चिम) के तीन राजस्व जिलों में फैले 42 जोन में शराब के ठेकों की नए सिरे से ई-बिडिंग करवाने के लिए सूझबूझ से लिए गये फैसले दृष्टिगत राज्य को अत्यधिक लाभांश मिला है। आबकारी एवं कराधान विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि पहले चरण में, जहां समूह (कार्टलिजेशन) बनाने की आशंका व्यक्त की गई थी वहां विभाग को इन 42 जोन में 663.69 करोड़ रुपये की संचयी बोली राशि मिली। लेकिन इन जोन के लिए 27 मार्च, 2018 और 28 मार्च, 2018 को आयोजित नई ई-बिडिंग के दौरान विभाग को 787.11 करोड़ रुपये की संचयी बोली राशि प्राप्त हुई, जिससे सरकार को 1,23.42 करोड़ रूपए की बड़ी राशि मिली।मुख्यमंत्री, मनोहर लाल और आबकारी एवं कराधान मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के साथ विचार-विमर्श और चर्चा के बाद नये सिरे से बिडिंग कराने का फैसला लिया गया। प्रारंभिक बोली राशि के मुकाबले 18.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे वर्ष 2018-19 के लिए आबकारी नीति की सफलता परिलक्षित होती है। विस्तृत जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि 14 मार्च, 2018 से 20 मार्च, 2018 तक सभी जिलों में आयोजित ई-बिडिंग के पहले चरण के दौरान पाया गया कि गुरूग्राम (पूर्व), गुरुग्राम (पश्चिम) और फरीदाबाद को छोड़कर सभी जिलों में उच्च राजस्व वृद्घि हुई है, जिससे उनकी वास्तविक राजस्व क्षमता हासिल हुई है।सोनीपत, पानीपत और कैथल जैसे जिलों में भी 20 प्रतिशत से अधिक की राजस्व वृद्धि हुई है, जो इससे पहले के वर्षों में हुई वृद्धि से अधिक है। लेकिन, दूसरी तरफ पिछले साल गुरुग्राम (पश्चिम) और फरीदाबाद में लाइसेंस फीस की तुलना में क्रमश: 4.08 प्रतिशत और 2.13 प्रतिशत की नकारात्मक वृद्धि दर्ज हुई थी। यद्यपि गुरुग्राम (पूर्व) में 1.84 प्रतिशत की अल्प वृद्धि हुई थी, जो जिले की वास्तविक क्षमता को नहीं दर्शाती।फरीदाबाद, गुरुग्राम (पूर्व) और गुरुग्राम (पश्चिम) उच्च राजस्व क्षमता वाले जिले हैं, जो खुदरा ठेकों की नीलामी से राज्य के कुल राजस्व का एक-तिहाई से अधिक का योगदान करते हैं। ऐतिहासिक रूप से इन जिलों ने लगातार वार्षिक राजस्व वृद्धि दर्शाई है।


2017-18 के दौरान सर्वोच्च न्यायालय के 500 मीटर के प्रतिबंध के बावजूद राष्ट्रीय/राज्य राजमार्ग पर इन तीन जिलों को छोड़कर सभी जिलों में नकारात्मक वृद्धि देखी गई थी।फरीदाबाद में 2017-18 में 18.51 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि देखी गई, जो राज्य में सबसे ज्यादा है। इसी प्रकार, 2017-18 के दौरान गुरुग्राम जिले के राजस्व में 10.31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।प्रवक्ता ने कहा कि 2018-19 के लिए शुरू की गई बोली राशि गुरुग्राम (पूर्व), गुरुग्राम (पश्चिम) और फरीदाबाद के जिलों की वास्तविक क्षमता के अनुरूप नहीं थी, जो कि कार्टलाइजेशन पर सरकार को संदेह था।


राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर एक ठोस निर्णय लिया और मुख्यमंत्री और आबकारी एवं कराधान मंत्री के साथ चर्चा के बाद विभाग ने इन तीनों आबकारी जिलों से संबंधित इन 42 जोन के आवंटन को मंजूरी न देने का फैसला किया और 22 मार्च, 2018 को नए सिरे से बिडिंग करवाने का फैसला लिया।इसी दौरान, फरीदाबाद जिले के पहले दौर के सबसे ज्यादा बोलीदाताओं में से एक ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में 26 मार्च 2018 को एक याचिका दायर की, जिसमें सरकार के नए सिरे से बोली लगाने के फैसले को चुनौती दी गई। यह मामला 27 मार्च, 2018 को अदालत में उठाया था और इसे खारिज कर दिया गया।प्रवक्ता ने बताया कि नये सिरे से बिडिंग के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को 123.42 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिला है।

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