पानी पीने के बाद झगडते थे लोग, आज भी बना है बावडी का रहस्य

www.khaskhabar.com | Published : गुरुवार, 29 मार्च 2018, 3:41 PM (IST)

श्योपुर। दुनिया में कई तरह की अजीब घटनाओं के बारे में सुनने को मिलता है। कुछ घटनाओं पर तो यकीन हो जाता है लेकिन कुछ के बारे में सुनकर ऐसा लगता है कि यह लोगों की मनगढंत कहानी है। ऐसा लगता है जैसे व्यक्ति किसी कहानी को सुना रहा है। हमारे भारत देश में ही कई ऐसी रहस्यमयी चीजें हैं, जिनके बारे में कोई पता नहीं लगा पाया है। उन्हीं जगहों में से एक है ‘तांत्रिक बावडी’ जो आज भी रहस्यमय बनी हुई है। मध्य प्रदेश के श्योपुर शहर से 20 किमी दूर गिरधरपुर कस्बे में एक महल में ‘तांत्रिक बावडी’ है। बताया जाता है कि यह महल करीब 250 साल पुराना है।

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पानी पीने के बाद ऐसे हो था विवाद...
इस बावडी से जुडी कहानी बताते है कि इस बावडी का पानी पीने से सगे भाई तक आपस में लडने-झगडने लगते थे। राजपरिवार और अन्य लोगों के साथ जब ऐसी घटनाएं बढ गईं तो शासक ने इस बावडी को बंद करने का फैसला लिया।

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राजा गिरधर सिंह ने बनवाई थी 8 बावडियां...
इस नगर को राजा गिरधर सिंह गौड ने बसाया था। राजा गिरधर सिंह ने 250 साल पहले अपने शासनकाल में गढी में 8 बावडियां तैयार करवाई थीं। इसमें एक बावडी है, जिसे तांत्रिक बावडी कहा जाता है। इसके अलावा ऐसा भी माना जाता है कि यह नगर जादूगरों और तांत्रिकों के लिए प्रसिद्ध रहा है। तांत्रिकों को लेकर लोगों के बीच एक भय आज भी बना हुआ है। कहते है कि एक बार दो जादूगरों के बीच कडा मुकाबला हुआ। एक जादूगर ने ताड के पेड को जादू से पेड को तोड दिया, तो दूसरे ने उसे जोड दिया। लेकिन पेड के जुडने में एक सिरा थोडा अंतर से जुडा। यह पेड काफी दिनों तक मौजूद रहा।

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तांत्रिक ने किया था जादू टोना...
इस बावडी को लेकर गांववालों के बीच एक किस्सा जुबान पर है। लोग कहते हैं कि इस बावडी का पानी पीने से सगे भाई झगडने लगते थे। जब राजपरिवार और अन्य लोगों के बीच ऐसी घटनाएं होने लगी तो राजा ने इस पटवा दिया। ऐसा बताया जाता है कि एक नाराज तांत्रिक ने जादू-टोना कर दिया था, जिसके बाद से इस बावडी के पानी का ऐसा प्रभाव हो गया था। यह बावडी करीब 100 वर्ग फीट की है और यह 10 फीट गहरी है। यह बावडी गढी परिसर में सोरती बाग में शिवजी के स्थान के पास स्थित है। यहां पहले आम के पेड थे और इस बाग में राजा अक्सर आते थे। आज यहां चार-पांच बावडियां बची हैं। एक बावडी में आज भी पानी भरा रहता है।

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