चारा घोटाला: चौथे केस में लालू को कुल 14 साल की सजा, 60 लाख का जुर्माना

www.khaskhabar.com | Published : शनिवार, 24 मार्च 2018, 12:18 PM (IST)

रांची। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने शनिवार को चारा घोटाले के चौथे मामले में दो अलग-अलग धाराओं में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू यादव को सात-सात साल जेल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उन पर 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ये दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी या अलग-अलग। लालू यादव के वकील ने कहा कि शाम तक यह स्पष्ट हो जाएगा। सीबीआई जज शिवपाल ने सजा का ऐलान कर दिया।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री के वकील प्रभात कुमार ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘लालू प्रसाद को भारतीय दंड संहिता के तहत सात साल कैद की सजा सुनाई गई है और साथ में 30 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इसके साथ ही भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम के तहत सात साल कैद की सजा सुनाई है और 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।’’ यदि यह दोनों सजाएं एक के बाद चलेंगी तो लालू को 14 साल जेल में बिताने होंगे।

वहीं, कोर्ट में मौजूद वकील विष्णु कुमार शर्मा ने मीडिया को साफ बताया कि इस मामले में 2 अलग-अलग धाराओं में लालू प्रसाद यादव को सजा हुई है। इस प्रकार से 7-7 साल की कुल 14 साल की सजा हुई है। उन्होंने साफ किया कि एक सजा पूरी होगी, उसके बाद दूसरी सजा शुरू होगी।

अदालत ने 19 मार्च को अपने फैसले में लालू प्रसाद को चौथे चारा घोटाले में दोषी ठहराया गया है लेकिन राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा को बरी कर दिया गया था। रांची में चारा घोटाले में लालू प्रसाद और मिश्रा के खिलाफ पांच-पांच मामले चल रहे हैं। इस मामले में 31 आरोपी हैं, जिनमें से 19 को दोषी ठहराया गया है जबकि 12 को बरी कर दिया गया।

लालू को पहले चारा घोटाले में 2013 में दोषी ठहराया गया था और पांच साल जेल की सजा सुनाई गई थी। उन्हें 23 दिसंबर 2017 को इसके दूसरे मामले में दोषी ठहराया गया था और साढ़े तीन वर्ष की सजा सुनाई गई थी। वहीं चारा घोटाले के तीसरे मामले में उन्हें 24 जनवरी को पांच वर्ष की सजा सुनाई गई थी। वर्ष 2000 में बिहार से झारखंड के अलग हो जाने के बाद चारा घोटाले से जुड़े सारे मामलों को रांची स्थानांतरित कर दिया गया था।

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