वाई. सी. मोदी ने संभाला एनआईए प्रमुख का कार्यभार

www.khaskhabar.com | Published : सोमवार, 30 अक्टूबर 2017, 3:23 PM (IST)

नई दिल्ली। भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी वाई.सी. मोदी ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी का कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने शरद कुमार का स्थान लिया है। मोदी 2002 गुजरात दंगों की जांच करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बनाई गई जांच टीम का हिस्सा थे। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, आतंकवाद रोधी जांच एजेंसी ने बताया कि असम-मेघालय कैडर के 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी योगेश चंद्र मोदी ने एनआईए महानिदेशक का पद संभाल लिया है। उन्होंने हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी शरद कुमार का स्थान लिया है जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है।

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के आदेश के अनुसार, मोदी 31 मई 2021 को सेवानिवृत्त होने तक इस पद को संभालेंगे। मोदी ऐसे समय एनआईए की कमान संभाल रहें हैं जब जांच एजेंसी पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों द्वारा जम्मू एवं कश्मीर में अलगाववादियों व पथराव करने वाले लोगों के वित्त पोषण के मामले की जांच कर रही है। मोदी ने इससे पहले 22 सितम्बर को एनआईए में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) का कार्यभार संभाला था। यहां कार्यभार संभलने से पहले वह केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में विशेष निदेशक के पद पर नियुक्त थे। मोदी को वर्ष 2005 में सीबीआई का अतिरिक्त निदेशक बनाया गया था।

वह 2002 के गुजरात दंगों की जांच के लिए बने विशेष जांच दल (एसआईटी) के सदस्य थे। एसआईटी ने नरेंद्र मोदी (उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री) को दंगे से जुड़े गुलबर्ग सोसाइटी हत्याकांड मामले में दोषमुक्त कर दिया था। एनआईए के अनुसार, वाई.सी. मोदी को जांच और संचालन का 33 वर्षो का लंबा अनुभव है।

एनआईए के अनुसार, उन्होंने 2002 से 2010 और 2015 से 2017 तक दो खंडों में सीबीआई के साथ लगभग 10 वर्षो तक काम किया और इस दौरान उन्होंने आतंकवाद रोधी मामलों के अलावा विशेष अपराध और आर्थिक अपराधों के मामलों में भी काम किया। मोदी को वर्ष 2001 में उत्कृष्ट सेवा के पुलिस मेडल और वर्ष 2008 में प्रतिष्ठित सेवा के राष्ट्रपति पुलिस मेडल सम्मान से नवाजा गया।

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शरद कुमार को 5 अगस्त 2013 को एनआईए प्रमुख बनाया गया था। उनके कार्यकाल में दो बार विस्तार किया गया और पिछले वर्ष अक्टूबर 2013 को अंतिम बार उनका कार्यकाल बढ़ाया गया था।
बयान के अनुसार, शरद कुमार के कार्यकाल में, एनआईए ने कई कठिन आतंकवादी अपराधों और बोधगया मंदिर बम धमाका, पटना में नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान विस्फोट, पठानकोट एयरबेस हमला, आईएसआईएस और जम्मू एवं कश्मीर आतंकवाद वित्तपोषण मामले समेत कई जटिल मामलों को सुलझाने में उल्लेखनीय सफलता पाई। एजेंसी ने कहा कि एनआईए ने कोलकाता, रायपुर और जम्मू में नई शाखा बना कर पूरे देश में अपनी भौगोलिक स्थिति बढ़ाई है। लखनऊ शाखा के कार्यालय और आवासीय परिसर का भी इस वर्ष अगस्त में उद्घाटन किया गया।

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