रक्षा मंत्री की नाथुला यात्रा पर बोला चीन, ऐतिहासिक संधि का सम्मान करे भारत

www.khaskhabar.com | Published : रविवार, 08 अक्टूबर 2017, 9:11 PM (IST)

पेइचिंग। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के नाथुला दर्रे का दौरा करने के एक दिन बाद चीन ने नया पैंतरा अख्तयार किया है। चीन ने 1890 के ब्रिटेन-चीन समझौते का हवाला देते हुए दावा किया कि इसमें चीन-भारत सीमा के सिक्किम सेक्टर के सीमांकन किया गया है। साथ ही इसने नई दिल्ली से आग्रह किया कि इसके प्रावधानों का पालन किया जाए। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के दौरे पर चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन-भारत सीमा के सिक्किम सेक्टर को ऐतिहासिक सीमा द्वारा सीमांकित किया गया है। सीतारमण के दौरे के बारे में सवालों के जवाब में मंत्रालय ने कहा, इस तथ्य का यह सर्वश्रेष्ठ प्रमाण है।

हम भारतीय पक्ष से आग्रह करते हैं कि वह तथ्यों का सामना करे, ऐतिहासिक सीमा समझौता के प्रावधानों और पक्षों के बीच प्रासंगिक समझौते का पालन करे व सीमावर्ती इलाकों में शांति बनाए रखने के लिए चीन के साथ मिलकर काम करे। विदेश मंत्रालय ने प्रत्यक्ष तौर पर 1890 के ब्रिटेन-चीन संधि का जिक्र नहीं किया। पेइचिंग ने डोकलाम गतिरोध के दौरान अक्सर इसका जिक्र करते हुए कहा था कि इसमें तिब्बत के साथ सिक्किम क्षेत्र को परिभाषित किया गया है, लिहाजा इलाके में सीमा का समाधान हो चुका है। सीतारमण ने शनिवार को चीन-भारत सीमा पर नाथू ला इलाके का दौरा किया और सेना व भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के अधिकारियों से बात की थी।

नाथू ला अंतिम चौकी है जो भारत के सिक्किम और चीन के तिब्बत की सीमा को अलग करता है। सीमा के सिक्किम सेक्टर में डोकलाम में भारत और चीन के सैनिकों के बीच 73 दिनों तक चले गतिरोध के बाद सीतारमण का दौरा इलाके का पहला उच्चस्तरीय दौरा था। जम्मू-कश्मीर से अरुणाचल प्रदेश के बीच 3488 किलोमीटर लंबी सीमा में से 220 किलोमीटर लंबी सीमा सिक्किम में पड़ती है। विवाद के समाधान के लिए दोनों पक्षों के बीच अभी तक 19 दौर की विशेष प्रतिनिधि स्तर की बातचीत हो चुकी है।

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आपको बता दें कि चीन और भारत के बीच 16 जून को डोकलाम गतिरोध शुरू हुआ था। तब चीन की सेना ने भूटान द्वारा दावा किए जा रहे क्षेत्र पर सडक़ निर्माण का काम शुरू किया था। भूटान की आपत्ति के बाद भारतीय सैनिकों ने भी इस मामले में दखल देकर निर्माण रुकवा दिया था। चीन ने पहले भारतीय श्रद्धालुओं को कैलाश मानसरोवर जाने के लिए नाथु ला का रास्ता खोल दिया था। डोकलाम विवाद के बाद चीन ने इस रास्ते को बंद कर दिया, जो अब तक नहीं खुला है।

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