आधार डेटा हैकिंग मामले में बेंगलुरु का सॉफ्टवेयर इंजीनियर अरेस्ट

www.khaskhabar.com | Published : शुक्रवार, 04 अगस्त 2017, 6:51 PM (IST)

बेंगलुरु। आधार डेटा हैकिंग के मामले में बेंगलुरु की सेन्ट्रल क्राइम ब्रांच पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी अभिनव श्रीवास्तव एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर हैं और ओला कैब के कोरामंगला स्थिति मुख्यालय में काम करता है। श्रीवास्तव पर आरोप है कि वह यूआईडीएआई की वेबसाइट से आधार डेटा लेकर उसका दुरुपयोग कर रहे थे। श्रीवास्तव ने एक मोबाइल ऐप डेवलप किया है, जिसमें आधार से जुड़ी जानकारियां हैं। इस ऐप को नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर सर्वर पर होस्ट किया गया है। देश के नागरिकों की निजी जानकारी को सार्वजनिक कर के श्रीवास्तव ने एक गंभीर अपराध किया है।

यूआईडीएआई की तरफ से ओला कंपनी के इस कर्मचारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। यूआईडीएआई ने इस कर्मचारी के अलावा क्वार्थ टेक्नोलोजीज के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई है। पहले यह शिकायत हाई ग्राउंड पुलिस स्टेशन में 26 जुलाई को की गई थी, उसके बाद इसे साइबर क्राइम पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद पुलिस ने उनका पता लगातर उन्हें गिरफ्तार किया। बेंगलुरु पुलिस आयुक्त टी सुनील कुमार ने बताया आधार ई-केवाईसी सत्यापन मोबाइल एप्लिकेशन को जनवरी 2017 में विकसित किया और विज्ञापन से 40,000 रुपये अर्जित किए। आरोपी ने ई-अस्पताल आवेदन और उसके सर्वर के माध्यम से यूआईडीएआई डेटा तक पहुंचा। उन्होंने ऐप के माध्यम से लोगों को आधार जानकारी प्रदान की।

श्रीवास्तव ने आईडीएआई डेटा बिना प्राधिकरण के 1 जनवरी से 26 जुलाई के बीच ईकेवाईसी वेरिफिकेशन नाम की ऐप के जरिए डेटा हैक किया था। यह ऐप डेमोग्राफिक डेटा जैसा नाम, पता, केंद्रीय पहचान से व्यक्तियों का फोन नंबर, जैसी जानकारी आधार के लिए जमा डेटा के जरिए मुहैया कराती है। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद है और यह दावा करती है कि इसे MyGov ने स्टार्टअप कंपनी क्वार्थ टेक्नोलॉजी के लिए बनाया है, जिसे 2016 में टैक्सी सर्विस प्रोवाइडर कंपनी ओला ने खरीद लिया था।

जांच में हुआ ये खुलासा

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साइबर क्राइम पुलिस की जांच में इस बात का पता चला है कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्रीवास्तव आधार-ईकेवाईसी वेरिफिकेशन नाम से गैरकानूनी ऐप चला रहा था। जोकि आधार संख्या के सत्यापन के लिए यूआईडीएआई की केंद्रीय पहचान डेटा सेंटर तक पहुंचने के लिए भारत सरकार के डिजिटल इंडिया परियोजना के तहत बनाई गई आधार-सक्षम ई-हॉस्पिटल सिस्टम में हैक किया। यह ऐप आधार संख्या के सत्यापन के लिए यूआईडीएआई की केंद्रीय पहचान डेटा सेंटर तक पहुंच भारत सरकार के डिजिटल इंडिया परियोजना के तहत बनाई गई आधार-सक्षम ई-हॉस्पिटल सिस्टम को हैक कर जानकारियां चुराता था।

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