पीएम मोदी से मिल बोले नीतीश-राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर विपक्ष एकजुट है

www.khaskhabar.com | Published : शनिवार, 27 मई 2017, 00:03 AM (IST)

नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर विपक्ष की एकजुटता अक्षुण्ण है और स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में दिए गए भोज में वह इसलिए शिरकत करने आए हैं, क्योंकि यह मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रवींद्र जगन्नाथ के सम्मान में दिया गया। प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद नीतीश कुमार ने संवाददाताओं से कहा, राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर विपक्ष एकजुट है।

जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष ने कहा कि इसकी तुलना शुक्रवार को विपक्षी नेताओं के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा लंच पर आयोजित बैठक से करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पहले से स्पष्ट था कि विपक्ष की बैठक में जद-यू नेता शरद यादव शिरकत करेंगे।

नीतीश कुमार ने कहा, मॉरिशस की आधी आबादी बिहारी मूल के लोगों की है। हमारा मॉरिशस के लोगों के साथ भावनात्मक जुड़ाव है, इसलिए मैंने आमंत्रण को स्वीकार करना उचित समझा।

शुक्रवार को विपक्ष की बैठक के दौरान उनकी गैरमौजूदगी के बारे में पूछे गए सवाल में कुमार ने कहा, "दोनों के बीच क्या संबंध है? मैंने सोनिया गांधी से पहले ही 20 अप्रैल को मुलाकात की थी।
उन्होंने कहा, मैंने पहले ही फैसला किया था कि उस बैठक में शरदजी जाएंगे। आज का आमंत्रण बिहार के मुख्यमंत्री के लिए था। मुख्यमंत्री ने कहा, दोनों में तुलना करना हालात को गलत तरीके से पेश करना है।

नीतीश ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि मॉनसून आने से पहले वह राज्य में बाढ़ के हालात के अध्ययन के लिए विशेषज्ञों का एक दल भेजें। उन्होंने बिहार को विशेष दर्जा देने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को एक पत्र भी सौंपा है।नीतीश ने कहा, "हमारे पास जनता का जनादेश है, हम महागठबंधन में हैं। राज्य के मुद्दों को केंद्र के समक्ष उठाना हमारा कर्तव्य है।

मोदी और नीतीश के बीच करीब 30 मिनट तक मुलाकात हुई। मुलाकात के दौरान बिहार राज्य के विकास के मसलों पर चर्चा हुई। इसमें गंगा नदी में फैल रहा प्रदूषण और गाद की समस्या शामिल है।

आपको बता दें कि एक दिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा विपक्षी नेताओं की बैठक में नीतीश कुमार शामिल नहीं हुए थे। इसके बाद सियासी गलियारों में इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं। हालांकि, पीएम से मुलाकात के बाद नीतीश ने कहा कि इसका राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से बिहार में बाढ़ की समस्या, विशेष राज्य के दर्जा समेत राज्य से जुड़े मसलों पर चर्चा की और केंद्र का सहयोग मांगा।

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उन्होंने कहा कि 10 दिन में मानसून आने के बाद बिहार को बाढ़ की समस्या से जूझना पड़ेगा। प्रधानमंत्री मोदी से बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए केंद्रीय टीम को बिहार भेजने का अनुरोध किया, जिसे पीएमओ ने स्वीकार कर लिया। सोनिया गांधी की बुलाई बैठक में शामिल नहीं होने पर नीतीश ने एक बार फिर सफाई दी कि वह 20 अप्रैल को ही कांग्रेस अध्यक्ष से मिलकर जरूरी मुद्दों पर चर्चा कर चुके हैं। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ के सम्मान में शनिवार को लंच पार्टी का आयोजन किया था जिसमें नीतीश कुमार को भी निमंत्रण भेजा गया था। इस कारण वे इस लंच में शामिल हुए।

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इससे पहले शुक्रवार को नीतीश ने सोनिया की बैठक में न जाने पर सफाई दी कि जेडीयू की तरफ से पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने बैठक में शिरकत की। उन्होंने कहा कि बैठक में उनके न जाने का गलत मतलब निकाला गया। नीतीश ने यह भी कहा कि बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा होनी थी उन मुद्दों पर वह पिछले महीने अप्रैल में ही सोनिया गांधी के साथ मिलकर चर्चा कर चुके थे।

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