राजनेता करते रहे वादे, एक एनआरआई ने छह मुस्लिम और नौ हिंदू परिवारों को उपलब्ध करा दी छत

www.khaskhabar.com | Published : मंगलवार, 23 मई 2017, 3:21 PM (IST)

गुरुग्राम। मेवात के रवा गांव में आग से पूरी तरह तबाह होकर सडक़ पर आ चुके 15 परिवार को जब राजनीतिक लोग केवल आश्वासन देकर अपना पीछा छुड़ा रहे थे तो ऐसे में एक एनआरआई और उनकी संस्था ने सम्प्रदायिक एकता की मिशाल बनकर इन परिवारों को न केवल सहारा दिया बल्कि सभी को फिर से छत मुहैया कराकर जीवन की मुख्यधारा से जोड़ ने का काम किया है। लगभग 500 घरों के मुस्लिम बहुल्य इस गांव के निराश हो चुके लोग अब खुश है कि उजड़ चुके सभी हिंदू- मुस्लिम परिवारों को जल चुकी उनकी झोपड़ी की जगह पक्की छत मिल चुकी है।
दरअसल छह अपै्रल को रवा गांव के ही एक प्लाट में पड़े कूड़े में लगी तेज हवा के कारण पास ही स्थित एक झोपड़ी तक पहुंच गई थी। इसके बाद तो तेज हवा से भडक़ी आग ने एक के बाद एक आसपास के 40 घरों को अपनी चपेट में ले लिया। क्योंकि गांव में अधिकांश घरों की छत घास- फूस से बनी है, इसलिए एक घंटे में ही सभी मकान राख में बदल गए। इस आग से 15 परिवार तो बिलकुल सडक़ पर आ गए। उनके पास इतना भी नहीं बचा कि वे एक समय का खाना भी खा सके।

ऐसे में सरकार की तरफ से इन परिवारों को पंद्रह पंद्रह हजार का चेक दिया गया और जबकि विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने भी गांव का दौरा कर कुछ बेहतर करने का आश्वासन दिया। कांग्रेस की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर व पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव भी गांव में पहुंचे। लेकिन ग्रामीणों को तुरंत ही कोई राहत नहीं मिल सकी।
ऐसे में निस्वार्थ कदम संस्था के अध्यक्ष प्रमोद राघव के नेतृत्व में एक टीम भी ग्रामीणों से मिली और तुरंत ही उन ग्रामीण परिवारों की लिस्ट तैयार की, जो मकान जलने के कारण पूरी तरह सडक़ पर थे। मौके पर ही फैसला लिया गया कि इन सभी को झोपड़ी की जगह पक्का मकान बनाकर दिया जाएगा ताकि भविष्य में कभी मामूली सी आग ही विनाश का कारण न बन सके। अगले दो दिन में ही पक्की दीवार और उन पर झोपड़ी की जगह सीमेंट की टीनें डलवाना शुरू किया गया। अब ये मकान बनकर तैयार हो चुके हैं और निराश हो चुके सभी 15 परिवारों के लगभग 100 लोगों में फिर से बेहतर जीवन की आस जगी है।

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पक्का मकान मिलने पर तैमू, अख्तर खान और बसीर ने कहा कि जब नेताओं के आश्वासन अब तक भी केवल आश्वासन है जबकि निस्वार्थ कदम संस्था ने उन्हें पक्के मकान बनाकर सौंप भी दिए हैं। मजदूरी करके पेट पालने वाले बदलेराम, अमिचंद, भजनलाल, सेाहनलाल, रामचंद और श्याम ने बताया कि आग से घर जलने के बाद उन्हें विश्वास नहीं था कि कोई आदमी या संस्था उनके लिए इतना भी कर सकती है, लेकिन  एनआरआई प्रमोद राघव ने बिना किसी धार्मिक भेदभाव के उन सभी हिंदू व मुस्लिम लोगों को घर बनवाकर दिए हैं, जिनके मकान पूरी तरह राख हो चुके थे। 

जरूरतमंदों को उनका पक्का मकान सौंपने के बाद प्रमोद राघव ने कहा कि ऐसी विपदा में सामर्थ लोगों को आगे आकर जरूरतमंदों की सहायता करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि गांव में अधिकांश लोगों के मकान कच्चे हैं। छतों पर झोपड़ी है, इसलिए आग का खतरा ज्यादा बना हुआ है। इसलिए छतों को पक्का बनाकर देना ही सबसे बेहतर लगा ताकि भविष्य में आग के ऐसे खतरों से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि छह- मुस्लिम परिवार और नौ हिंदू परिवार आग के कारण बेघर हो गए थे, लेकिन अब फिर से ये जीवन की मुख्यधारा में लौट आए हैं। 

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