पत्थरबाज को जीप पर बांधने का वीडियो, पीडित की आपबीती, जांच के आदेश

www.khaskhabar.com | Published : शनिवार, 15 अप्रैल 2017, 09:07 AM (IST)

श्रीनगर। सेना द्वारा एक शख्स को जीप के आगे बांधकर घुमाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सियासी तूफान खडा हो गया है। इस पूरे मामले की जांच की जाएगी। गृह मंत्रालय ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जिस व्यक्ति को सेना की जीप के आगे बांधकर घुमाया गया, उसकी पहचान हो गई है। इस व्यक्ति का नाम फारुख अहमद डार है। फारुख बडगाम का रहने वाला है। 26 साल के फारुख ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि वह पत्थरबाज नहीं है। फारुख का कहना है कि उसने तो जिंदगी में कभी भी पत्थर नहीं फेंके।

फारुख का कहना है कि वह तो शॉल पर कढाई का काम करता है और थोडी बहुत कारपेंट्री करता है। फारुख अपनी मां के साथ रहता है। फारुख की मां को अस्थमा है। इस घटना के बाद से फारुख काफी डरा और परेशान है। फारुख ने इस मामले में शिकायत करने से भी मना कर दिया है। फारुख का कहना है कि वे गरीब लोग हैं, क्या शिकायत करेंगे।

फारुख की मां का कहना है कि हमें किसी जांच की जरूरत नहीं है, हम गरीब लोग हैं, मैं इसको खोना नहीं चाहती, मेरे बुढापे का यह अकेला सहारा है। फारुख का कहना है कि वह 9 अप्रैल को श्रीनगर जा रहा था। श्रीनगर में उसके किसी रिश्तेदार की मौत हो गई थी।

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वह उसी रिश्तेदार के घर जा रहा था। फारुख का कहना है कि सेना से रास्ते में उसकी मोटरसाइकिल रूकवाई और उसे सुबह 11 बजे पकडा और करीब 4 घंटे तक जीप से बांधकर 25 किमी तक घुमाया। फारुख का कहना है कि आर्मी ने उसको आसपास के 9 गांवों में घुमाया गया। फारुख ने बताया कि उसकी छाती पर एक सफेद कागज लगाकर उसपर फारुख का नाम लिखा गया था। साथ ही जीप में बैठे आर्मीवाले चिल्ला रहे थे कि अब अपने किसी पर पत्थर फेंक कर दिखाओ।

फारुख के मुताबिक, उसकी ऐसी हालत देखकर कोई पास आने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था और सब वहां से भाग रहे थे। फारुख का कहना है कि करीब चार बजे उसको आर्मी कैंप में ले जाया गया। हांलांकि फारुख ने बताया कि उसको मारा-पीटा नहीं गया। आर्मी कैम्प में उसको चाय पिलाई गई और फिर उसके गांव के सरपंच के हवाले कर दिया गया।

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