जंजीरों में जकड़ा बेटा, मां मांगती थी ख्वाजा के दर पर रोज मन्नत, अब जागी उम्मीद

www.khaskhabar.com | Published : शनिवार, 25 फ़रवरी 2017, 1:40 PM (IST)

अजमेर। एक मां अपने जवान मानसिक बीमार बेटे को लेकर रोज अजमेर आती। जंजीर से जकड़े बेटे को आनासागर किनारे बिठाकर रोज ख्वाजा साहब के आस्ताने पर उसके ठीक होने की दुआं मांगती थी। शायद ख्वाजा ने उसकी दुआं कबूल की और अब बेबस मां को अपने जवान बेटे के ठीक होने की उम्मीद जागी है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने इस मानसिक रोगी युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
यहा दास्तां है उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की रहने वाली जरीना की। उसको खुदा ने कुछ ऐसे दु:ख से नवाजा जो किसी भी मां का कलेजा चीर देने के लिए काफी होता है। जरीना का जवान बेटा हाबिद मानसिक रोग का कुछ ऐसा शिकार हुआ की इस की जिन्दगी लोहे की जंजीर में उलझकर रह गई। अचानक हिंसक हो उठने वाले आबिद को पिछले कई बरसो से जंजीरों में जकड़ कर रखा जा रहा है । लेकिन जरीना को विश्वास था की जिस ने दर्द दिया वो ही दवा भी देगा। जरीना अपने कलेजे के टुकड़े को लेकर अजमेर चली आई। हाबिद को आनासागर राम प्रसाद घाट पर बिठाकर खुद ख्वाजा साहब की दरगाह में दुआ कर उस के ठीक होने की मन्नत मांगती रही। पिछले एक महीने से यह सिलसिला बदस्तूर जारी था। इसी बीच स्थानीय लोगो के माध्यम से चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग को मामले की खबर मिली। इसके बाद शनिवार को विभाग ने हाबिद को इलाज के लिए जेएलएन हॉस्पिटल भर्ती करवाया दिया। अजमेर के अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डा. लाल थदानी के अनुसार धार्मिक मान्यताए अपनी जगह है लेकिन अब विज्ञान अपना काम करेगा और आशा है की हाबिद बहुत जल्द ठीक हो जाएगा।

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