मानव जीवन में प्रभुभक्ति और सत्संग ही सर्वाेतम मार्ग है :कलाप्रभसागर

www.khaskhabar.com | Published : रविवार, 15 जनवरी 2017, 4:22 PM (IST)

बाडमेर। श्री आर्य गुण गुरूकृपा जैन तीर्थ रामजी का गोल में भव्यातिभव्य अंजनशलाका व प्रतिष्ठा महोत्सव में रविवार को पांचवें दिन धार्मिक अनुष्ठानों एवं कार्यक्रमों का आयोजन हुआ । महोत्सव के पांचवें दिन आयोजित प्रवचन में आचार्य कलाप्रभसागर सूरिश्वर महाराज साहब ने कहा कि परमात्मा का सामीप्य ही जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। मानव जीवन में प्रभुभक्ति और सत्संग ही सर्वाेतम मार्ग है। जिस पर चलकर मनुष्य परमगति को प्राप्त कर सकता है। प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के मुख्य संयोजक भीमराज बोहरा ने बताया कि रविवार को नवोदित आर्य गुण गुरूकृपा जैन तीर्थ रामजी का गोल के अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव के पांचवें दिन महोत्सव समिति के अभिनन्दन एवं स्वागत कक्ष में रामजी का गोल जैन तीर्थ में आधार स्तम्भ, स्वर्ण स्तम्भ, रजत स्तम्भ सहित विभिन्न चढ़ावों के लाभार्थी परिवारों का महोत्सव समिति की ओर से तिलक, माला, साफा, श्रीफल एवं स्मृति-चिन्ह से बहुमान-सम्मान किया गया । अभिनन्दन अवसर पर बड़ी संख्या में जैन धर्मावलम्बी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

[@ ...तो इसलिए यहां किसान अपनी ही तैयार फसलों को कर रहें है नष्ट]