मायावती का पलटवार, मोदी भी बताएं BJP के खातों में है कितना पैसा

www.khaskhabar.com | Published : मंगलवार, 27 दिसम्बर 2016, 12:46 PM (IST)

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी के बैंक खाते में 104 करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा होने की जांच के मामले में बसपा सुप्रीमो मायावती ने खुद मोर्चा संभालते हुए पीएम मोदी पर पलटवार किया है। अपने भाई आनंद कुमार के खाते की प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच के बाद मायावती ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
मायावती ने कहा कि बसपा में प्रभावशाली लोगों को शिथिल करने के लिए केंद्र सरकार सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर उन्हें परेशान कर सकती है। सोमवार को मैंने सपा, कांग्रेस के गठबंधन का पर्दाफाश किया उससे भाजपा के लोग हिल गए हैं। तभी मेरे परिवार और पार्टी के बारे में ऐसी घिनौनी हरकत की। यह हमारे लिए सोने पर सुहागा है, अब घर बैठे हमारी सरकार बनेगी। इसके लिए मैं भाजपा का आभार प्रकती हूं। कुदरत से मेरी प्रार्थना है कि नोटबंदी जैसे और 2-3 फैसले ये ले लें। हम आसानी से सरकार बना लेंगे। यह हमें बहुत बड़ा तोहफा दे रहे हैं। हमें राजनीतिक फायदा होगा। मैं इनका आभार प्रकट करती हूं।
मायावती ने कहा, ‘बीएसपी ने काला धन नहीं जमा किया है और अगर बीएसपी के अकाउंट की जांच हो रही है तो बीजेपी यह भी बताए कि नोटबंदी से पहले और बाद में उसके अकाउंट में कितना पैसा जमा किया गया है।’ मायावती ने कहा कि बीएसपी ने अपने नियमों के मुताबिक ही चलकर एक रूटीन प्रक्रिया के तहत ही पैसे बैंक में जमा कराए हैं। उन्होंने कहा कि सभी जमा नियमों के तहत है, धन नोटबंदी से पहले जमा किया गया था। माया ने कहा, ‘यह पैसा अगस्त के आखिर से आया। उस समय कोई नोटबंदी नहीं हुई थी। मैं अगस्त के आखिर से नवंबर तक उत्तर प्रदेश में रहीं, दिल्ली नहीं जा सकी। दिल्ली आने पर हिसाब-किताब जांच कर पैसे अकाउंट में जमा करवाने थे। इत्तेफाक से तभी नोटबंदी का फैसला आ गया। यह तो पार्टी का पैसा है और हमारे दफ्तर में जमा है तो क्या उस पैसे को फेंक देंगे? हमने कोई हेरा-फेरी नहीं की। हमारे पास एक-एक पैसे का हिसाब है। हमने पूरी निष्ठा से पैसे जमा कराए। बीजेपी के इशारे पर चलकर कुछ चैनल इसे तोड़ मरोडक़र गलत तरह से प्रदर्शित कर रहे हैं।
बसपा की छवि खराब करने की कोशिश

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माया ने ईडी की जांच को बसपा की छवि खराब करने की कोशिश करार दिया। उन्होंने कहा, ‘बीजेपी के इशारे पर चलकर जिस भी चैनल और अखबार ने रिपोर्ट छापी है, वे बीएसपी की छवि धूमिल कर रहे हैं। तथ्यों को तोड़-मरोडक़र पेश कर रहे हैं। इसी दौरान बीजेपी सहित अन्य पार्टियों ने भी अपना पैसा बैंकों में जमा कराया है लेकिन उनकी चर्चा भी नहीं होती और न ही उनकी खबरें मीडिया में आती हैं। यह केंद्र सरकार की दलित विरोधी मानसिकता नहीं है तो क्या है।’
दलितों के खिलाफ बीजेपी

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बीएसपी सुप्रीमो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दलित कार्ड भी खेला। माया ने कहा, ‘दलित विरोधी बिलकुल नहीं चाहते कि एक दलित की बेटी के हाथ उत्तर प्रदेश की सत्ता की चाबी आए। बड़े-बड़े धन्नासेठ-उद्योगपति नोटबंदी के फैसले से अभी भी परेशान नहीं नजर आ रहे हैं। बीजेपी में अगर थोड़ी भी ईमानदारी है तो उसको बीएसपी के बैंकों में जमा कराए गए पैसों की जानकारी के साथ-साथ अपनी पार्टी के भी अकाउंट की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। इससे बीएसपी के खिलाफ जातिवादी मानसिकता के साथ ही राजनीतिक द्वेष की भी भावना दिखती है।’
भाई ने किया नियमों का पालन
अदिति बनीं मिस कोहिनूर-ए-ताज, SEE PIC

माया ने अपने भाई का भी बचाव किया। वह बोलीं, ‘मेरे भाई आनंद कुमार पिछले कई सालों से अपना कारोबार कर रहे हैं। उनसे मिली जानकारी के मुताबिक उन्होंने भी आईटी नियमों के अनुसार ही अपने अकाउंट में पैसे जमा कराए हैं लेकिन फिर भी सरकार उसे बवंडर बनाए हुए है। कल से इस खबर को ऐसे पेश किया जा रहा है जैसे यह राशि भ्रष्टाचार से जुड़ी हुई है। मुझे खास सूत्रों से जानकारी मिली है कि बीएसपी में जो भी प्रभावशाली लोग हैं उन्हें शिथिल करने के लिए बीजेपी अपनी सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर उन्हें परेशान कर सकती है और कुछ को परेशान कर रही है।’
उत्तर प्रदेश में बनेंगी बसपा सरकार
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माया ने दावा किया कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में उनकी ही पार्टी पूर्ण बहुमत से जीतेगी। माया ने कहा, ‘विधानसभा चुनाव में बीएसपी की सरकार आने जा रही है। इससे बीजेपी एंड कंपनी को साल 2007 के उत्तर प्रदेश चुनाव की तरह ही फायदा कम नुकसान ज्यादा होगा। उस समय भी मेरे खिलाफ आय से ज्यादा संपत्ति का मामला बनाकर पेश किया गया। लेकिन साल 2007 में इन सब आरोपों को नकार के उत्तर प्रदेश की जनता ने मुझे पूर्ण बहुमत दिया था। केंद्र की बीजेपी सरकार बीएसपी के खिलाफ घिनौने हथकंडे अपना रही है।’
मायावती ने कहा कि पूरे देश में अकेली बसपा ऐसी पार्टी थी जिसने मीटिंग बुलाकर 10 नवंबर को पर्दाफाश किया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की रैली में कोई ताली नहीं बजा रहा है सिवाए उनके कुछ चमचों के। मायावती पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज है। खुद पर दर्ज इस मुकदमे पर उन्होंने कहा कि यह ताज प्रकरण का मामला (आय से अधिक संपत्ति का मामला) तब दर्ज हुआ जब केंद्र में बीजेपी का सरकार थी।
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प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को रूटीन जांच के दौरान पाया था कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की करोलबाग ब्रांच में बसपा के अकाउंट में नोटबंदी के बाद 104 करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा किये गए हैं। वहीं इसी ब्रांच में माया के भाई आनंद कुमार के अकाउंट में भी 1 करोड़ 43 लाख रुपये जमा हुए हैं। ईडी ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को इसकी जानकारी दे दी है और अब बीएसपी के नेताओं से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। नियमों के मुताबिक किसी भी राजनीतिक पार्टी को 20 हजार रुपये से कम चंदे पर उसे देनेवाले की पहचान जाहिर करना जरूरी नहीं। बसपा ने लगातार निर्वाचन आयोग के आगे यही कहा है कि उसे 20 हजार रुपये से ज्यादा कोई चंदा नहीं मिला, इसलिए उसे दानदाता का नाम बताना जरूरी नहीं। निर्वाचन के सामने जुलाई में पेश किए गए घोषणापत्र में भी पार्टी ने कहा कि उसके अकाउंट में मार्च 2016 तक 514 करोड़ रुपये जमा हैं। हालांकि इस नियम का फायदा सभी राजनीतिक पार्टियां उठाती रही हैं।

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