भाजपा की सफाई, राहुल गांधी के आरोप झूठे, जारी किए ये आंकडे

www.khaskhabar.com | Published : शनिवार, 24 दिसम्बर 2016, 10:32 AM (IST)

नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया है। गौारतलब है कि राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर अंबानी और अडानी जैसे कॉर्पोरेट घरानों की सरकार होने का आरोप लगाया था। अब बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए आंकडे जारी किए हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाए थे कि पीएम मोदी कार्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचा रहे हैं। साथ ही राहुल ने आरोप लगाए थे कि नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के सीएम रहते हुए सहारा और बिडला से पैसे लिए थे। अब बीजेपी ने राहुल के इन आरोपों का खंडन किया है।

बीजेपी प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने राहुल के इन आरोपों पर कहा कि बीजेपी ने यूपीए सरकार के वक्त बडे बिजनस घरानों को जो लोन दिया गया था, उसे हासिल करने की कवायद शुरू की। श्रीकांत ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान, अडानी को 72 हजार करोड का और अंबानी ग्रुप को 1 लाख 13 हजार करोड रुपये का लोन दिया गया था। बीजेपी ने कहा कि अडानी, अंबानी और माल्या का जन्म ढाई साल में नहीं हुआ है।

बीजेपी ने कहा कि ये लोग तब से फल फूल रहे हैं जब राहुल गांधी का जन्म भी नहीं हुआ था। इन दो उघोगपति घरानों के अलावा यूपीए सरकार द्वारा कई और कॉर्पोरेट घरानों को दिए गए लोन रिकवरी की प्रक्रिया तभी शुरू हुई जब 2014 में नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली। बीजेपी प्रवक्ता ने मीडिया के सामने इस संबंध में कई बैंक स्टेटमेंट्स और अन्य दस्तावेज पेश किए।


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इन दस्तावेजों से बीजेपी यह साबित करना चाहती है कि कांगेे्रस खैरात बांटने में लगी हुई थी और मोदी सरकार ने इनकी वसूली का अभियान चलाया। बीजेपी ने जो दस्तावेज पेश हैं उनमें 2005 से 2013 के दौरान विभिन्न कॉर्पोरेट घरानों को जो 36.5 लाख करोड़ रुपये का लोन दिया गया था,

उसे मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली यूपीए सरकार के दौरान माफ कर दिया गया था। साथ ही बीजेपी ने उन आरोपों का भी खंडन किया है कि जब बैंक विजय माल्या से लोन रिकवरी की प्रक्रिया शुरू करने वाले थे तब मोदी सरकार माल्या पर काफी नरम थी।


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बीजेपी ने कहा कि जब विजय माल्या विजय माल्या 1450 करोड रुपये का लोन चुका पाने में नाकाम रहे थे तब भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने माल्या ग्रुप के बैंक अकाउंट्स को फ्रीज कर दिया था। इसके बावजूद भी विजय माल्या को 1500 करोड़ रुपये का लोन दिया गया था। बीजेपी ने कहा कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद ही विजय माल्या से लोन रिकवरी की प्रकिया शुरू की गई।

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