यहां कब्र के नीचे सपरिवार रहते हैं, जानिए क्यों ....

www.khaskhabar.com | Published : गुरुवार, 07 जनवरी 2016, 00:16 AM (IST)

अमूमन आपने सुना व देखा हो कि इंसान के मरने के बाद उसे जला दिया जाता है या उसे दफना दिया जाता है। यह सब करने के बाद सब उसे भूल जाते हैं। अगर इंसान को दफनाया जाता है तो हम कभी कभार उसकी कब्र की देखभाल कर आते हैं।

हर कोई यह समझता है है कि श्मशान घाट हो या कब्र। इंसान के मरने के बाद उसकी आत्मा भूत बनकर वहां पर उपस्थित रहती है और हर कोई वहां पर जाने से डरता है।

लेकिन आपको बता दें कि मिश्र देश के का एक शहर ऎसा है जहां पर लोग मरे हुए इंसान की इस तरह से कब्र बनबाते हैं कि कब्र की देखभाल करने के लिए वहां पर देखभाल करने वाला अपने परिवार के साथ रह सके।

जानकारी के अनुसार मिस्त्र अपने पिरामिड और ममी के लिए प्रसिद्ध है लेकिन यहां एक ऎसा शहर भी है, जिसे "मुदोंü-का-शहर" कहा जाता है। यहां कब्र को मकानों की तरह बनाया जाता है, जिनपर खिडकी, दरवाजे हैं और छतों पर पानी की टंकी भी है।

सैकडों कब्रों के बीच आज भी "एल-अराफा" नाम के इस शहर में पांच लाख की आबादी है। कब्रों को कमरों की शक्ल दी जाती है, जिसमें एक छोटा सा गार्डन भी होता है।

इतना ही नहीं, बाकायदा कब्रों को सजाया भी जाता है। मुदोंü के इस शहर में हर कब्र का रखवाला होता है। यहां के लोग कब्र को इस तरह बनाते हैं कि इसमें उसका रखवाला परिवार समेत रह सके।

रखवालों को इससे महीने में लगभग लगभग 8,000 रूपए की आमदनी हो जाती है। हालांकि, मुदोंü के बीच रहना कोई आसान काम नहीं।