दीवानी न्यायालय से फरार कैदी दिल्ली में दबोचा गया

www.khaskhabar.com | Published : रविवार, 18 दिसम्बर 2016, 1:51 PM (IST)

आजमगढ़। दीवानी न्यायालय में पेशी के दौरान 28 अक्टूबर को फरार बन्दी अमरेज उर्फ दिनेश यादव उम्र 30 वर्ष पुत्र जालन्धर निवासी महेशपुर थाना महराजगंज दिल्ली में दबोच लिया गया। मुखबिर की सूचना पर चार दिन पूर्व एक एसआई के नेतृत्व में दिल्ली रवाना हुई पुलिस टीम ने उसे दिल्ली के संगम बिहार इलाके से गिरफ्तार किया।
उसके साथ ही आपराधिक प्रवृत्ति का सिधारी थानाक्षेत्र के भीमपुरा गांव निवासी धर्मेन्द्र राम पुत्र कान्ता भी दबोचा गया है। कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें लेकर जिले की पुलिस दिल्ली से चल दी है।

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अमरेज उर्फ दिनेश यादव के ऊपर हत्याए बैंक लूट, बाइक लूट, पुलिस पर फायर करने सहित तमाम संगीन मामले पंजीकृत है। इसके अलावा इस बन्दी के पहले ही दीवानी न्यायालय पेशी से फरार एक बन्दी एवं जेल की ऊंची दीवारें लांघकर एक साथ फरार हुये तीन कैदियों का अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका है। हत्या व गैंगेस्टर सहित पांच संगीन अपराधों में वांछित अमरेज उर्फ दिनेश यादव 13 जनवरी 2015 से यहां के कारागार में बन्द था। बीते 28 अक्टूबर को उसे दीवानी न्यायालय में पेशी पर लाया गया था। पेशी के दौरान ही पुलिसकर्मियों को धक्का देकर वह फरार हो गया था। शुरूआती दौर में पुलिस ने बन्दी की इस फरारी को काफी गोपनीय रखा। साथ ही अपने स्तर से पुलिस जल्द से जल्द उसे दबोच लेने का यत्न करती रही। पुलिस को जब कोई सफलता नहीं मिली तो उसने अगले दिन 29 अक्टूबर को बन्दी के फरारी का रहस्योद्घान किया।

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बन्दियों के फरारी की बात इस जिले के लिए कोई नई नहीं है। इसके पहले 20 सितम्बर 2016 को दीवानी न्यायालय में पेशी पर आया बलात्कार का आरोपी मेंहनाजपुर थानाक्षेत्र के ओहनी गांव का रहने वाला अश्वनी पुत्र महेन्द्र पुलिस को धक्का देकर फरार हो गया था। मानवाधिकार आयोग के निर्देशानुसार कोर्ट में पेशी के दौरान सिपाहियों ने उसके हाथ की हथकड़ी खोल दी थी।
इसी का उसने लाभ उठाया और न्यायालय कक्ष में प्रवेश के दौरान साथ मौजूद सिपाहियों को धक्का देते हुये फरार हो गया। शोर मचाते हुये सिपाहियों ने उसका पीछा भी किया मगर उसकी रफ्तार इतनी तेज थी कि वह फरार हो जाने मेंं कामयाब रहा। यह फरार बन्दी अपने गांव की ही 14 वर्षीया एक किशोरी से बलात्कार करने के आरोप में बीते 24 अगस्त 2016 को गिरफ्तार किया गया था। यह बन्दी भी अभी तक पुलिस की पहुंच से दूर है।

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इसके पहले 17 अगस्त को सिधारी थाना क्षेत्र के इटौरा, चण्डेश्वर स्थित सर्वसुविधायुक्त मण्डलीय कारागार से तीन कैदी जेल की 22 फिट ऊंची दीवारें फांदकर फरार हो गये। फरार हुये इन कैदियों में गाजीपुर जिले के मरदह थानाक्षेत्र के महारे गांव का प्रकाश मुसहर, गहमर थानाक्षेत्र के मनिया गांव का चन्द्रशेखर मुसहर एवं नन्दगंज थानाक्षेत्र के अगस्ता गांव का जितेद्र्र मुसहर शामिल रहा।
गाजीपुर के रहने वाले यह तीनों कैदी वर्ष 2014 में जिले के तरवां थानाक्षेत्र के एक मंदिर में सोते समय वहां के पुजारी सत्यनारायण सिंह की ईंट से कूचकर हत्या कर दिये थे तथा मंदिर की प्रतिमा का कीमती मुकुटए हार व कर्णफूल लूटकर फरार हो गये थे। पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार करके दो जून 2014 को जेल भेजा।

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तभी से यह बन्द थे। आखिरकार यह तीनों एक साथ फरार हो जाने में कामयाब रहे। इनकी फरारी के साथ ही जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर अंगुलियां उठायी जाने लगी। इस मामले में जेल अधीक्षक व चार बन्दी रक्षकों को निलम्बित किया जा चुका है। साथ ही पुलिस कप्तान की ओर से इन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की पांच टीमें गठित की गयी।
यह टीमें फिसड्डी साबित हुई और आज तक फरार हुये इन तीनों बन्दियों का सुराग नहीं लग सका है। सब मिलाकर एक फरार बन्दी अमरेज उर्फ दिनेश यादव को गिरफ्त में लेने के बाद कुछ हद तक पुलिस ने खुद अपनी ही पीठ थपथपा लिया है।

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