ताजमहल पर क्यों पसरा है सन्नाटा, जानिए आप भी

www.khaskhabar.com | Published : मंगलवार, 13 दिसम्बर 2016, 1:52 PM (IST)

आगरा। नोटबंदी की मार चौतरफा हो रही है। व्यापार तो चौपट हो ही रहे हैं शहर का पर्यटन व्यवसाय भी मंदी के दौर से गुजर रहा है। नोट की किल्लत से पर्यटकों की संख्या घटती जा रही है। आम तौर पर इस सीजन में जितने टूरिस्ट आते थे, उसके आधे टूरिस्ट ही नजर आ रहे हैं। विदेशी टूरिस्ट भारत का दौरा निरस्त करवा रहे हैं और दूसरे देशों की ओर रुख कर रहे हैं। इनमें नेपाल और श्रीलंका प्रमुख रूप से शामिल हैं। इससे आगरा की टूरिस्ट इंडस्ट्री पर बुरा असर हो रहा है। ज्यादातर होटलों के कमरे खाली पड़े हैं और कर्मचारियों को हटाया जा रहा है। आगरा में करीब 5 लाख लोग इस इंडस्ट्री से जुड़े हैं।यही नहीं टूरिस्ट की वजह से यहां मार्बल व्यवसाय भी मंदी के दौर में है। विदेशी सैलानियों के लिए ताजमहल का टिकट एक हजार रुपए हैं और आगरा किला में 750 रुपए लगते हैं जबकि फतेहपुरसीकरी में पांच सौ रुपए का टिकट है। इन तीन जगह के लिए विदेशी सैलानियों को टिकट के पैसे देने में ही दिक्कत हो रही है। बाकी फुटकर खर्च की बात अलग है।
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इस सीजन में आगरा के व्यवसाय में सबसे ज्यादा कमाई होती थी लेकिन इस बार सन्नाटा पसरा है। हालत यहां तक पहुंच गई है कि रविवार और अवकाश के दौरान भी सैलानियों की संख्या बहुत कम नजर आ रही है।
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