खास खबर Execlusive: नेताजी और टीपू की आंसुओं से सैफ़ई क्यों है ख़ामोश, पढ़ें पूरा मामला

www.khaskhabar.com | Published : सोमवार, 24 अक्टूबर 2016, 09:37 AM (IST)

गणेश दुबे, लखनऊ। देश की सबसे बड़ी पार्टी समाजवादी पार्टी में पिछले कुछ महीनो से उपजा विवाद आज बिखराव के करीब तक पहुँच गया ख़ास बात तो यह है कि इस सारे विवादों के बीच किसी को अपने सैफ़ई की सुध नहीं आई की यहाँ इतनी ख़ामोशी क्यों छाई है? सैफ़ई सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह का पैतृक गांव है, जहां कल तक लोग मुलायम, अखिलेश, रामगोपाल, शिवपाल और समाजवादी पार्टी की चर्चा करते नहीं अघाते थे। इस परिवार के लिए जान न्योछावर करने पर आमादा रहते थे आज उसी सैफ़ई के बुज़ुर्ग से लेकर युवा तक अपनी ज़ुबान खोलने को तैयार नहीं है। जहां मुलायम, शिवपाल और अखिलेश के एकसाथ ज़िंदाबाद के गगनभेदी नारे लगाये जाते थे आज उसी सैफई में सभी खामोश हैं।

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यादव परिवार में शुरू हुआ संघर्ष अब सड़क पर आ गया है। सैफ़ई के लोग परिवार में चल रही गुटबाज़ी पर खुलकर नहीं बोल रहे हैं। लेकिन एक आह, एक सिसक लिए आंसुओ को आंखों में लिए मुस्कुराने को मजबूर हैं। रामगोपाल से लेकर शिवपाल तक सबके पद अपनों ने ही छीन लिया फिर भी सैफ़ई खामोश रहा। जिस वक्त नेता जी की आंखों में आंसू छलक पड़े थे यह कहते हुए की जो अपने बाप का नहीं हुआ वो बात का क्या होगा।और जब अखिलेश विधायक मण्डल के साथ भावुक होते हुए कहे थे की नेता जी मेरे पिता हैं उनके हर फ़ैसले का स्वागत करूँगा। तब पूरा सैफ़ई भावुक था।

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शायद पुरे सैफ़ई गांव की आँखों में आंसू था। लेकिन लबों पर फिर भी ख़ामोशी ही थी। किसके ख़िलाफ़ बोले सैफ़ई ? सैफई के लोगों ने इस विवाद में भी ख़ामोशी ही दिखाई। सैफ़ई के युवा से लेकर बुजुर्ग तक इस बात से बेहद दुखी है कि मुलायम परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे सत्ता संघर्ष और आरोप प्रत्यारोप ने सबको चुप करा दिया है। अब तो परिवार में आरोप प्रत्यारोप खुलके लगाये जा रहे हैं। काश कभी आप सब ने सैफ़ई की आंखों में छिपा आंसू देख लिया होता, तो दावा है कि परिवार में सब कुछ पहले जैसे ही होता। सैफ़ई गांव में वही फ़ूल खिलते, वही नारे लगाये जाते जो सैफ़ई की परंपरा रही है।

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आख़िर जब कभी सैफ़ई जाओगे तो आंखों में आंखें डालकर कैसे मुस्कुरा पाओगे ? ये सवाल सैफ़ई के हर युवा, बुज़ुर्ग और महिलाओं की जुबाँ पर है। अब तो सैफई में भी लोग यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि टीपू के साथ कौन है और चाचा के संग कौन है? आइये देखते हैं सैफई के मिजाज में कौन किसके संग है?

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अखिलेश समर्थक कुनबा- चर्चा है कि अखिलेश के संग की लिस्ट में सबसे पहला नाम है डिंपल यादव का। डिंपल मुख्यमंत्री अखिलेश की धर्मपत्नी और सांसद भी हैं। उसके बाद अखिलेश के हर सुख-दुख में साथ निभाने वाला चाचा राम गोपाल यादव का ज़िक्र होता है। जो की इस समय पार्टी से 6 साल के लिए बर्खास्त कर दिए गए हैं। उसके बाद नाम आता है रामगोपाल के बेटे अक्षय यादव का। वह फिरोज़ाबाद से सांसद हैं। और अखिलेश के संग मज़बूती से खड़े रहते हैं। फिर आते है अखिलेश समर्थक तेज प्रताप सिंह यादव, जो की मुलायम के पोते हैं और उनकी शादी लालू प्रसाद यादव की बेटी से हुई है। तेज प्रताप मैनपुरी से सांसद हैं। चर्चा है कि मुलायम मैनपुरी से अपने छोटे बेटे प्रतीक को सांसद बनाना चाहते थे, लेकिन अखिलेश की वजह से तेजप्रताप बने। फिर हर परिस्थिति में अखिलेश का साथ देने वाले भाई धर्मेंद्र यादव, जो की मुलायम के भाई अभय राम के बेटे हैं। वह बदायूं से सांसद हैं।

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अखिलेश की टीम में फिर नाम आता है, मृदुला यादव का जो की तेज प्रताप की मां है। जो की 2015 में उन्हें सैफ़ई की ब्लॉक प्रमुख बनी थीं। उसके बाद अखिलेश के संग हैं संध्या यादव, जो की मुलायम की भांजी हैं। सैफ़ई में होने वाले सपा के कार्यक्रम की तैयारी में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अखिलेश के साथ खड़े हैं रामगोपाल के भतीजे अरविंद सिंह। जो की सपा से बर्खास्त कर दिए गए है और ये अखिलेश के कट्टर समर्थक हैं। रामगोपाल के एक और भतीजे हैं बिल्लू यादव जो की करहाल से ब्लॉक प्रमुख का पद संभाल रहे हैं।

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शिवपाल समर्थक कुनबा- शिवपाल समर्थक मुलायम के छोटे बेटे प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव भी है जो की समाजसेविका हैं और फ़िलहाल सपा की लखनऊ कैंट विधानसभा सीट से प्रत्याशी भी हैं। शिवपाल समर्थक मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता भी हैं। इसके बाद शिवपाल की टीम में हैं मुलायम के छोटे बेटे प्रतीक यादव।

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शिवपाल समर्थक कुनबा- शिवपाल समर्थक मुलायम के छोटे बेटे प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव भी है जो की समाजसेविका हैं और फ़िलहाल सपा की लखनऊ कैंट विधानसभा सीट से प्रत्याशी भी हैं। शिवपाल समर्थक मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता भी हैं। इसके बाद शिवपाल की टीम में हैं मुलायम के छोटे बेटे प्रतीक यादव। जो की मुलायम की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के लड़के हैं।

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इसके बाद शिवपाल के खास हैं उनके बेटे आदित्य यादव जो की प्रदेश के सहकारी संघ के चेयरमैन हैं। शिवपाल गुट में नाम आता है मुलायम और शिवपाल की बहन कमला देवी के पति डॉ अजंत सिंह यादव का जो की इटावा के ब्लॉक प्रमुख हैं। ये है सैफई कुनबा, जो की संयुक्त होकर विश्व का सबसे बड़ा राजनैतिक परिवार कहलाता है।

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