• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 2

जल संरक्षण में राजस्थान देश का ट्रेंड सेटर राज्य बना

जयपुर। राजस्थान में बरसात के पानी को सहेजने एवं उपयोग में लेने के लिए शुरू किए गए मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तहत प्रदेश में 96 हजार जल संरक्षण कार्य कराये गये। इसका परिणाम यह रहा कि गत वर्ष प्रदेश में अच्छी वर्षा हुई जिससे जल संरक्षण कार्यों में जल संग्रह हुआ।
इस अभियान की शुरूआत मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने झालावाड़ जिलें में 27 जनवरी, 2016 को की थी। पूरे प्रदेश में 295 खण्डों के 3029 गांवों में 27 जनवरी, 2016 से शुरू हुए मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के पहले चरण की ऐतिहासिक सफलता के बाद अब दूसरा चरण भी आरंभ हो गया है। इसका संचालन भी राजस्थान नदी बेसिन एवं जल संसाधन योजना प्राधिकरण के अध्यक्ष जल संचय और जलाशय में सुधार के विषेषज्ञ श्रीराम वेदीरे कर रहे है।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की मंशा के अनुरूप यह देश भर में जन सहभागिता और सीमित समय में आशातीत उपलब्धियां देने वाला ऐतिहासिक अभियान सिद्ध हुआ है। जिसमें पहली बार जीयो टेगिंग (अक्षांष देषान्तर) तथा मोबाइल एप्लीकेशन सहित सूचना एवं प्रौधोगिकी का भरपूर इस्तेमाल किया गया है। द्वितीय चरण में सेटेलाइट मेपिंग, वे-पोइन्ट एप्लीकेषन आदि के उपयोग के साथ ही ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही अभियान में वैज्ञानिक पहुंच और नैसर्गिक वाटर षेड मेप का भी प्रयोग किया गया है।
अभियान बना जन आन्दोलन
मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के प्रथम चरण की सफलता में समाज के सभी वर्गों सामाजिक संस्थाओं पुलिस सेना के जवानों अधिकारियों एवं कर्मचारियों एवं कॉरपोरेट संस्थाओं तथा मीडिया द्वारा भी श्रम एवं सहयोग राशि प्राप्त हुई है। जन सहयोग एवं जन सहभागिता की दृष्टि से जल आंदोलन भी साबित हुआ है।
अभियान में प्रदेष के समग्र विकास की बुनियाद मजबूत कर सुनहरे विकास के महा अभियान की अवधारणा समाई हुई है। इससे कृषि क्षेत्र में स्प्रिंक्लर सिंचाई क्षेत्र में बढावा मिलने के साथ ही कृषि एवं उद्ययानिकी से संबंधित केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं में किसानों को जल मित्तवयता वाली खेती बाडी को बढावा मिलेगा।
अभियान के प्रथम चरण में 3529 गांव में 96000 से अधिक कार्य पूर्ण किये जा चुके है इससे प्रदेष में 41 लाख जनसंख्या के लिये पेयजल की उपलब्धता हुई है वही 45 लाख मवेशियों के लिये भी पीने का पानी मुहैय्या हुआ है। अभियान की खास विषेषता यह है कि अधिकतर जल संग्रहण विकास कार्य ग्रामीणो की जन भागीदारी से किये जा रहे है। गांव वाले यह जान गये है कि वर्षा का जल न बहकर उनके खेत और गांव में ही रहे ताकि भूमि में आर्द्रता बनने के साथ ही कुएॅ व बावडिया भी रिचार्ज हो सके और भूमि का जल स्तर ऊपर आ सके।
मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के प्रथम चरण की आशातीत उपलब्धियॉ ने इस अभियान को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय पहचान दी है और अब इसका देश-विदेश में अनुकरण करने के प्रयास हो रहे है। वर्षा जल को बचाने के क्षेत्र में प्रदेष अब ट्रेंड सैटर बन गया है।
अभियान में गैर मरूस्थलीय जिलों में जहॉ-जहॉ स्ट्रेगर्ड ट्रेंच, मिनि परकोलेशन टैंक, डीप सीसीडी तथा तालाब गहरे कराने का कार्य हाथ में लिया गया वही मरूस्थलीय जिलों में टांके बनाकर जल संरक्षण कार्य किया गया तथा चयनित गांवों में प्रत्येक खेत अथवा घर पर एक-एक जल संरक्षण टांका स्वीकृत किया गया।
नवाचारों से देश का पहला राज्य बना


[@ बीजेपी से खफा हुए बापू के साधक, नहीं करेंगे मतदान]

[@ अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे]

यह भी पढ़े

Web Title-Persistent itching in school children, health department failed to cure
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: persistent, itching, school, children, health, department, failed, cure, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, jaipur news, jaipur news in hindi, real time jaipur city news, real time news, jaipur news khas khabar, jaipur news in hindi
Khaskhabar Rajasthan Facebook Page:
स्थानीय ख़बरें

राजस्थान से

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

Copyright © 2019 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved