कानपुर। स्वतंत्र,
निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग के नियमों में कुछ संशोधन जरूरी
है। जिससे प्रत्याशियों में भय पैदा हो सके और आचार संहिता का कड़ाई से पालन हो सके।
यह बात राज्यपाल राम नाईक ने आईआईटी कानपुर में प्रेस वार्ता कर कही।
उन्होंने कहा कि यह सच है कि लोकसभा व विधानसभा के हर चुनावों में
चुनाव आयोग सख्त होता जा रहा है। पर अभी भी आयोग के बहुत से नियमों में संशोधन की जरूरत
है। आयोग को चाहिए कि पहले अधिक से अधिक मतदान के लिए ठोस कदम उठाये, साथ ही चुनाव
के दौरान ऐसा माहौल बने जिससे मतदाता अनायास मतदान के लिए मतदेय स्थल तक पहुंचे। केन्द्रीय
सुरक्षा बल इसका स्थाई हल नहीं है। उन्होने कहा कि चुनाव के दौरान चुनाव आयोग में आने
वाली शिकायतों का निस्तारण बहुत देर से होता है। जिससे प्रत्याशियों व आयोग के नियमों
को तोड़ने वालों पर खौफ नहीं होता। इसके साथ ही आचार संहिता का इस कदर कड़ाई से पालन
होना चाहिए कि लोगों पर आयोग के प्रति विश्वास बढ़ सके।
नैतिक
मूल्यों का हो प्रशिक्षण
राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग शिक्षा
में तो बहुत आगे चले जाते हैं पर नैतिक मूल्यों में कहीं न कहीं पीछे रह जाते हैं।
ऐसे में जरूरत है कि सभी उच्च शिक्षित प्राप्त छात्र-छात्राओं को नैतिक मूल्यों का
प्रशिक्षण दिया जाए। क्योंकि जब नैतिक मूल्य होंगे तभी समाज में आपकी इज्जत होगी।
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