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वन अग्नि की रोकथाम हेतु आधुनिक तकनीकों का होगा उपयोग : भरमौरी

Forest fire prevention is the use of modern technologies: Brmuri - Shimla News in Hindi

शिमला। आकाशवाणी के शिमला केन्द्र से वन एवं मत्स्य मंत्री ने लोगों से बातचीत की व जन समस्याओं को सुना। वन मंत्री ने कहा कि वनों में पौधरोपण के लिए अच्छी नर्सरियों का होना महत्वपूर्ण है। हमारी सरकार ने सत्ता में आते ही बन्द पड़ी नर्सरियों को पुर्नस्थापित किया। इससे जहां-जहां हमें पौधरोपण करना होता है, वहां नजदीक ही नर्सरियों में स्थानीय पौधे तैयार किये जाते हैं। प्रदेश के हरित आवरण को बढाने के लिए वर्ष 2013-14, 2014-15, 2015-16 व 2016-17 (बरसात के मौसम) तक लगभग 48,000 हैक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण किया गया। पौधरोपण कार्यक्रमों में चौड़ी पत्ती, फलदार व औषधीय प्रजातियों पर बल दिया जा रहा है। वनीकरण कार्यक्रम में लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करने हेतु वन विभाग द्वारा स्मृति वन योजना शुरू की गई है, जिसके अन्तर्गत लोगों द्वारा अपने जन्मदिन, महत्वपूर्ण कार्यों जैसे सालगिरह, अपने प्रियजनों की पुन्यतिथि इत्यादि मौकों पर पौधरोपण किए जाने का प्रावधान है जिससे यादगार के साथ-साथ वन क्षेत्र में भी वृद्धि हो सके। अभी यह योजना शहरी क्षेत्र में शुरू की गई है तथा आगामी वर्ष में ग्रामीण क्षेत्रों में भी शुरू की जायेगी। प्रदेश में गत चार वर्षों के दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग एक करोड़ औषधीय पौधे लगाये गए तथा वर्ष 2016-17 में 35 लाख औषधीय पौधे लगाये जा रहे हैं। पौधों की जीवित प्रतिशतता बढाने के लिए पौधारोपण क्षेत्रों के रख-रखाव की अवधि तीन वर्ष से पांच वर्ष तथा कैटप्लान के तहत सात वर्ष की गई है तथा प्रभावी सुरक्षा हेतु आरसीसी फैंसिंग को बढावा दिया जा रहा है। इससे वनों पर दबाव कम होगा तथा अधिक अवधि तक रखरखाव से वन क्षेत्रों में वृद्धि होगी। जिसके परिणाम भारतीय वन सर्वेक्षण संस्थान, देहरादून द्वारा वर्ष 2015 की इंडिया स्टेट आफ फॉरेस्ट रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश में वनों के कुशल संरक्षण/प्रबन्धन के परिणामस्वरुप 13 वर्ग किमी वन क्षेत्र में वृद्धि दर्ज की गई जो सराहनीय है और कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जायेगा। भरमौरी ने बताया कि वनों की आग से रोकथाम हेतु भारतीय रिमोट सैंसिंग केन्द्र हैदराबाद के सहयोग से वन अग्नि चेतावनी प्रणाली विकसित की गई जिसके तहत क्षेत्रीय अधिकारियों व कर्मचारियों को अमल में लाने हेतु अविलम्ब सूचना उपलब्ध करवाई जाती है व वन अग्नि की रोकथाम में स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें आय का अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध करवाने हेतु चीड़ की पत्तियों को स्थानीय लोगों द्वारा एकत्र करवा कर विभिन्न औद्योगिक कम्पनियों को बेचने पर बल दिया जा रहा है। वन मंत्री ने बताया कि किसानों को बंदरों की समस्या से निजात दिलाने के उपायों के तहत आठ बन्दर नसबंदी केंद्रों में अब तक 1,16,810 बन्दरों की नसबंदी की गई। बन्दरों के उत्पात से निजात पाने हेतु वन्य प्राणी (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 62 के तहत बन्दरों को नगर निगम शिमला तथा प्रदेश की नसबन्दी किये गये बन्दरों के पुर्नवास हेतु वन वाटिकाएं स्थापित किया जाना प्रस्तावित है।
भरमौरी ने बताया कि विलुप्त होती वन्यप्राणी प्रजातियों के सरंक्षण हेतु सरकार कई परियोजनाएं जैसे राज्य पक्षी जुजुराणा प्रजजन केन्द्र सराहन, मोनाल प्रजनन केन्द्र मनाली व चैहड़ प्रजनन केन्द्र चायल में सफलतापूर्वक कार्यान्वित की जा रही है और भरमौर में भूरा भालु व कस्तूरी मृग प्रजनन केन्द्र जल्द खोला जायेगा। वन मंत्री ने राज्यपाल व मुख्यमंत्री का धन्यावाद किया कि जनजातीय क्षेत्रों में नौतोड नियम व आवश्यक विकासात्मक कार्यों के लिए जनजातीय क्षेत्रों में वन अधिनियम में दो वर्ष की छूट दी गई है। इससे स्कूल, डिसपेन्सरी/अस्पताल, विद्युत एवं दूरसंचार लाईन, ऊनी नवीनीकरण स्त्रोत, कौशल विकास/ व्यवसायिक प्रशिक्षण केन्द्र, ऊर्जा उप केन्द्र, संचार पोस्ट, सडक निर्माण/चौडा करना, वीआरओ के पुल व पुलिस संस्थान आदि के कार्यों के लिए लाभ मिलेगा और इन कार्यों की अनुमति अब राज्य सरकार द्वारा ही दी सकेगी। वन मंत्री ने आकाशवाणी के अधिकारियों व कर्मचारियों का धन्यावाद किया कहा कि प्रदेश की अधिकतर जनता गांव में रहती है उनके पास सिर्फ रेडियो ही देश-विदेश की जानकारी का साधन है।

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Web Title-Forest fire prevention is the use of modern technologies: Brmuri
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