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नवरात्रि स्पेशल: यहां सोलहभुजी मां पूरी करती है भक्तों की हर मुराद, पुजारी नहीं बल्कि आदिवासी को है पूजा का पहला अधिकार

Navratri Special: Here, the Sixteen-Armed Goddess Fulfills Every Devotees Wish; Not a Priest, but a Tribal Member Holds the First Right to Worship - Astrology in Hindi

नई दिल्ली । 19 मार्च से देशभर में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होने वाली है, और इसके साथ ही देवी मंदिरों में तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। हमारे पुराणों में 51 शक्तिपीठ मंदिरों का जिक्र किया गया है जबकि लाखों की संख्या में सिद्धपीठ मंदिर स्थापित हैं। एक ऐसा ही मंदिर झारखंड की धरती पर स्थापित है, जहां नवरात्रि के नौवें दिन बलि की विशेष प्रथा आज भी कायम है। हम बात कर रहे हैं देवरी मंदिर (देउड़ी मंदिर) की। झारखंड की राजधानी रांची से दक्षिण-पश्चिम दिशा में एनएच-33 पर 60 किलोमीटर दूर तामार में मां जगदम्बा का देवरी मंदिर मौजूद है। यहां विराजित मां की प्रतिमा बाकी सिद्धपीठ मंदिरों से काफी अलग है। देवरी मंदिर में मां की सोलहभुजी प्रतिमा स्थापित है। सामान्य मां दुर्गा के आठ हाथ होते हैं लेकिन यहां मां 16 भुजाओं में अस्त्र और शस्त्र के साथ भक्तों की मनोकामना की पूर्ति करती हैं। यह मंदिर बहुत पुराना है और अब इसका जीर्णोद्धार चल रहा है। माना जाता है कि दो एकड़ में फैला यह प्राचीन मंदिर भगवान शिव की प्रतिमा पर स्थापित है।
मंदिर का निर्माण बड़े-बड़े पत्थरों से किया गया है और खास बात यह है कि मंदिर के निर्माण में सीमेंट का इस्तेमाल नहीं हुआ है। मंदिर की भव्य वास्तुकला दर्शकों के लिए एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करती है क्योंकि इसकी बलुआ पत्थर की दीवारें विभिन्न देवी-देवताओं की जटिल नक्काशी से सुशोभित हैं। माना जाता है कि मंदिर 700 से भी अधिक साल पुराना है।
स्थानीय मान्यता के मुताबिक, जिसने भी मंदिर की संरचना में बदलाव करने की कोशिश की है, उसे देवताओं के प्रकोप का सामना करना पड़ा है और इसके परिणाम भुगतने पड़े हैं। यही कारण है कि मंदिर की संरचना झारखंड की समृद्ध विरासत को दिखाती है।
मंदिर की एक खास बात और है जो इसे बाकी मंदिरों से अलग बनाती है। शक्तिपीठ और सिद्धपीठ मंदिरों में मुख्यत: पुजारी को पूजा का अधिकार होता है लेकिन देवरी मंदिर ऐसा मंदिर है, जहां पुजारी को हफ्ते में एक दिन पूजा का अधिकार मिला है और बाकी के छह दिन आदिवासी समुदाय के लोग मंदिर में मां की विशेष आराधना करते हैं। मार्च का महीना मंदिर और भक्तों के लिए खास होता है क्योंकि होली और चैत्र नवरात्रि का पर्व मंदिर में धूमधाम से मनाया जाता है।
चैत्र नवरात्रि में लाखों की संख्या में भक्त मां के अलग-अलग रूपों के दर्शन के लिए आते हैं। खुद भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मंदिर में कई बार दर्शन कर चुके हैं। उनके लगातार आगमन ने मंदिर की लोकप्रियता में बड़ा उछाल आया है।
--आईएएनएस

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Web Title-Navratri Special: Here, the Sixteen-Armed Goddess Fulfills Every Devotees Wish; Not a Priest, but a Tribal Member Holds the First Right to Worship
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Tags: navratri special, navratri, astrology in hindi
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