• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

अमेरिकी सीनेट के प्रस्ताव में चीन को सबसे बड़ा खतरा बताया गया, भारत से गहरे जुड़ाव पर जोर

US Senate Resolution Identifies China as Foremost Threat, Emphasizes Deeper Engagement with India - World News in Hindi

वाशिंगटन। अमेरिकी सीनेटरों के दो-पार्टी समूह ने एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें चीन को अमेरिका का सबसे बड़ा दुश्मन और रणनीतिक प्रतिद्वंदी बताया गया है। इसके साथ ही सीनेटरों ने बीजिंग का मुकाबला करने के लिए भारत के साथ गहरे जुड़ाव और मजबूत हिंद-प्रशांत गठबंधन की मांग की गई है। सीनेटर क्रिस कून्स और कई रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक सीनेटरों द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया है कि चीन के पास अमेरिका और उसके सहयोगियों की सुरक्षा, आर्थिक खुशहाली और रणनीतिक हितों को कमजोर करने का इरादा और क्षमता है। इस प्रस्ताव में चीन पर न्यूक्लियर, साइबर, समुद्री और स्पेस एसेट्स सहित अपनी मिलिट्री क्षमताओं को तेजी से बढ़ाने का आरोप लगाया गया। इसमें कहा गया है कि बीजिंग हिंद-प्रशांत में जबरदस्ती, आक्रामक और धोखेबाज गतिविधियों का इस्तेमाल कर रहा है और ताइवान स्ट्रेट में जबरदस्ती या बलपूर्वक यथास्थिति को बदलने की कोशिश कर रहा है।
इस प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि चीन सैन्य तकनीक और मटीरियल साझा करके ईरान, उत्तर कोरिया और रूस सहित अमेरिका के दुश्मनों का समर्थन करता है।
लॉमेकर्स ने बीजिंग पर आरोप लगाया कि वह अमेरिकी कॉम्पिटिटिवनेस को कमजोर करने और रणनीतिक क्षेत्रों पर हावी होने के लिए सरकार के समर्थन वाली आर्थिक और औद्योगिक नीति का इस्तेमाल कर रहा है। प्रस्ताव में बौद्धिक संपदा की चोरी, जबरदस्ती तकनीकी ट्रांसफर, एक्सपोर्ट कंट्रोल और मार्केट एक्सेस में रुकावटों का जिक्र किया गया।
सीनेटरों ने चेतावनी दी कि चीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी नई तकनीक में अमेरिका से आगे निकलने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि ये तकनीक 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था और सैन्य क्षमता को परिभाषित करेंगी।
प्रस्ताव में चीन को गैर-कानूनी फेंटानिल और नाइटाजीन बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्रीकर्सर केमिकल्स के यूएस में आने से भी जोड़ा गया।
नई दिल्ली में ध्यान से देखे गए एक सेक्शन में, सीनेट ने चतुर्भुजीय सुरक्षा संवाद (क्वाड) के जरिए भारत के साथ अमेरिका के जुड़ाव को बढ़ाने की मांग की।
क्वाड भारत, यूनाइटेड स्टेट्स, जापान और ऑस्ट्रेलिया को एक साथ लाता है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच इस ग्रुप को खास पहचान मिली है।
प्रस्ताव में जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और फिलीपींस जैसे सहयोगियों के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता को फिर से सुनिश्चित किया गया। इसने हिंद-प्रशांत साझेदारों के बीच मजबूत त्रिपक्षीय सहयोग का भी समर्थन किया और ताइवान स्ट्रेट में शांति और स्थिरता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।
सीनेट के इस कदम में चीन के खिलाफ मजबूत रोकथाम, कड़े एक्सपोर्ट कंट्रोल, रणनीतिक अमेरिकी उद्योग में निवेश पर रोक और साउथ चाइना सी और ताइवान स्ट्रेट में नेविगेशन की आजादी बनाए रखने की कोशिशों की मांग की गई।
इसने अमेरिका से चीन और दूसरे कॉम्पिटिटर्स की तुलना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और दूसरी बेसिक टेक्नोलॉजी सेक्टर्स में दबदबा बनाने की भी अपील की।
यह प्रस्ताव नॉन-बाइंडिंग है, लेकिन यह चीन की मिलिट्री बढ़त, आर्थिक तरीकों और ग्लोबल इंस्टीट्यूशन्स में असर को लेकर वाशिंगटन में बढ़ती दोनों पार्टियों की चिंता को दिखाता है।
--आईएएनएस

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-US Senate Resolution Identifies China as Foremost Threat, Emphasizes Deeper Engagement with India
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: us senate, resolution, identifies, china, foremost threat, deeper engagement, india, \r\n, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news
Khaskhabar.com Facebook Page:

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved