भारत के दूरदराज़ इलाक़ों में फ़सल बीमा के ज़रिए, खेती से जुड़े समुदायों को जलवायु और मौसम के झटकों से उबरने में मदद मिल रही है. यह सुरक्षा उत्तराखंड के सेब बाग़ानों से लेकर छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों में बसे गाँवों और मिज़ोरम की ढलानों पर मिर्च उगाने वाले समुदायों तक पहुँच रही है. फ़सलों का नुक़सान होने पर सहायता किसी किसान के स्थान पर निर्भर न रहे, इसी उद्देश्य से भारत सरकार की प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना (PMFBY) कठिन भूभागों में रहने वाले किसानों तक सुरक्षा पहुँचाने की कोशिश कर रही है. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा लागू इस योजना को UNDP का तकनीकी सहयोग मिल रहा है.हिमालय में जीवनरेखादेहरादून से लगभग 14 घंटे की दूरी पर, उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में हर्षिल गाँव भारत-चीन सीमा के पास ऊँचाई पर बसा है. गढ़वाल हिमालय से घिरा यह गाँव, क्षेत्र में सेब की खेती का जन्मस्थान माना जाता है. यहाँ 160 वर्ष से भी अधिक समय पहले पहली बार सेब के पेड़ लगाए गए थे.आज भी सेब यहाँ की स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. मगर सेवानिवृत्त सैनिक मोहन सिंह राणा के लिए खेती अब पहले जैसी भरोसेमन्द नहीं रही.सर्दियाँ छोटी हो रही हैं, बर्फ़बारी कम हो रही है और वन्यजीवों के हमले बढ़ रहे हैं. इन बदलावों ने हर खेती के मौसम को अधिक अनिश्चित बना दिया है.पास के धराली गाँव में सितम्बर आमतौर पर सबसे व्यस्त महीना होता है, जब सेब तोड़ाई के लिए तैयार होते हैं. इसी दौरान हिमालयी काले भालू और लंगूर भोजन की तलाश में जंगलों से नीचे आते हैं. वे सेब के पेड़ों को नुक़सान पहुँचाते हैं और फ़सल का बड़ा हिस्सा नष्ट कर देते हैं.मोहन सिंह राणा कहते हैं, “पहले जब हमारी फ़सलें बर्बाद होती थीं, तो गुज़ारे के लिए काम की तलाश में हमें गाँव छोड़ना पड़ता था. लेकिन अब बीमा दावों से मिली राशि के कारण कम से कम हमें गाँव छोड़ना नहीं पड़ता. हम यहीं रहकर फिर से शुरुआत कर सकते हैं.”2023 में ख़रीफ़ के मौसम के दौरान वन्यजीवों ने उनकी फ़सल को नुक़सान पहुँचाया था. इसके बाद उन्हें फ़सल बीमा के तहत दावा राशि मिली, जिससे उन्हें अपने नुक़सान से उबरने में मदद मिली.उनकी कहानी से स्पष्ट है कि जलवायु जोखिमों से आजीविका पर ख़तरा आने पर, दूरदराज़ इलाक़ों के किसानों तक भी समय पर सहायता पहुँचना कितना ज़रूरी है. © UNDP India भारत के छत्तीसगढ़ में मौहर गाँव की लक्ष्मी राठिया 7 से 8 एकड़ भूमि पर धान और मौसमी सब्ज़ियों की खेती करती हैं. छत्तीसगढ़: फ़सल नुक़सान के बाद नई शुरुआतहर्षिल से लगभग 1,300 किलोमीटर दूर, छत्तीसगढ़ के कोरबा ज़िले में घने जंगलों और बिखरी बस्तियों वाला आदिवासी क्षेत्र है. यहाँ अन्तिम छोर तक पहुँच बनाना विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण है.मौहार गाँव में लक्ष्मी राठिया 7 से 8 एकड़ भूमि पर धान और मौसमी सब्ज़ियों की खेती करती हैं.वह याद करती हैं, “जब भी कोई प्राकृतिक आपदा आती थी, चाहे सूखा हो या पानी की कमी, पूरी फ़सल नष्ट हो जाती थी. हमारे पास सहारा लेने के लिए कोई सुरक्षा कवच या मुआवज़ा नहीं था.”2023 में PMFBY के तहत नामांकन के बाद, अत्यधिक वर्षा से ख़रीफ़ फ़सल को हुए नुक़सान पर लक्ष्मी राठिया को 6,000 रुपये के प्रीमियम के बदले 97,956 रुपये मिले.वह कहती हैं, “मुआवज़े से मुझे नुक़सान से उबरने और खेती जारी रखने में मदद मिली. अब हमारे गाँव की और महिलाएँ भी इस योजना में नामांकन करा रही हैं और इसके लाभों के बारे में बात कर रही हैं.”लक्ष्मी राठिया के लिए, फ़सल बीमा ने जलवायु झटके के बाद खेती जारी रखने का सहारा दिया है. इससे गाँव की अन्य महिलाओं को भी योजना के बारे में जानने और नामांकन कराने की प्रेरणा मिली है. © UNDP India लालरिनसांगा और उनके जैसे अनेक किसानों के लिए फ़सल बीमा, एक मूल्यवान पारम्परिक फ़सल की खेती जारी रखने का भरोसा देता है. पूर्वोत्तर तक पहुँचती सुरक्षायह सफ़र आगे पूर्व की ओर, मिज़ोरम के सियाहा ज़िले तक पहुँचता है.मिज़ोरम के एकमात्र हवाई अड्डे लेंगपुई से 350 किलोमीटर से अधिक दूर और सड़क मार्ग से लगभग 12 घंटे की दूरी पर स्थित सियाहा, भारत-म्याँमार सीमा के पास है. इस दूरदराज़ ज़िले में एक गाँव से दूसरे गाँव तक पहुँचने में अक्सर पहाड़ी सड़कों से होकर कई घंटे लग जाते हैं.यहाँ सी लालरिनसांगा अपने एक एकड़ के खेत में मिज़ो बर्ड्स-आई चिली की खेती करते हैं, जो क्षेत्र की खड़ी ढलानों पर स्थित है.तीखे स्वाद और विशिष्ट सुगन्ध के लिए प्रसिद्ध यह मिर्च, मिज़ोरम की उच्च-मूल्य वाली फ़सलों में से एक है. इससे किसानों को कई पारम्परिक फ़सलों की तुलना में बेहतर आय मिलती है.लेकिन उच्च-मूल्य वाली फ़सल उगाने के साथ जोखिम भी बढ़ जाते हैं. तापमान में मामूली बदलाव, फूल आने के दौरान लम्बी वर्षा, या वृद्धि के अहम चरणों में अधिक नमी, मिर्च की पैदावार और गुणवत्ता दोनों को प्रभावित कर सकती है. इससे पूरे मौसम का निवेश जोखिम में पड़ जाता है.सी लालरिनसांगा कहते हैं, “हम हमेशा मौसम पर निर्भर रहे हैं, लेकिन आज यह कहीं अधिक अप्रत्याशित हो गया है. यह जानना कि मेरी फ़सल बीमित है, मुझे अनिश्चित मौसम के बावजूद मिर्च की खेती जारी रखने का भरोसा देता है.”मिज़ोरम के 2025-26 फ़सल सीज़न से PMFBY में शामिल होने के बाद, सी लालरिनसांगा ने अपनी फ़सल को इन जलवायु जोखिमों से बचाने के लिए नामांकन कराया.राज्य में अपने पहले ही सीज़न में, इस योजना के तहत 310 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि बीमा कवरेज के दायरे में आ चुकी है, और नामांकन लगातार बढ़ रहा है.सी लालरिनसांगा और उनके जैसे कई किसानों के लिए, फ़सल बीमा एक उच्च-मूल्य वाली स्थानीय फ़सल की खेती जारी रखने का भरोसा दे रहा है.जोखिम सुरक्षा का बढ़ता दायराभारत के कई दूरदराज़ गाँवों में कठिन भूभाग के कारण ज़रूरी सेवाओं तक पहुँच लंबे समय से सीमित रही है. ऐसे इलाक़ों में किसानों तक समय पर सहायता पहुँचाना आसान नहीं रहा.इसी कमी को दूर करने के लिए, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा लागू और UNDP के तकनीकी सहयोग से संचालित प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना, या PMFBY, किसानों तक जोखिम सुरक्षा पहुँचाने में मदद कर रही है.किसान भागेदारी के लिहाज़ से यह दुनिया का सबसे बड़ा फ़सल बीमा कार्यक्रम बन गई है.2016 में शुरू होने के बाद से, इस योजना के तहत 93 करोड़ से अधिक किसान आवेदनों का बीमा किया गया है, 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के दावों का निपटारा किया गया है और समय पर भुगतान के ज़रिये 12.43 करोड़ किसानों को सहायता मिली है.2018 से, UNDP और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय विविध कृषि-जलवायु क्षेत्रों में PMFBY के कार्यान्वयन को मज़बूत करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं.आज यह योजना 25 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में लागू है. यह 1.70 लाख से अधिक बैंक शाखाओं और लगभग 6 लाख वितरण केन्द्रों के ज़रिये किसानों तक पहुँच रही है.इन आँकड़ों के पीछे वे समुदाय हैं, जहाँ पहाड़ों, जंगलों और दूरदराज़ भूभागों के कारण सहायता तक पहुँचना पहले कहीं अधिक कठिन था.दूरदराज़ समुदायों के लिए, फ़सल बीमा केवल वित्तीय सुरक्षा कवच नहीं है. यह परिवारों को अपने गाँवों में बने रहने, नुक़सान से उबरने और बढ़ती अनिश्चितता के बावजूद खेती जारी रखने में मदद कर सकता है.
'काला हिरण' की रिलीज पर सलमान खान ने की रोक की मांग, मेकर्स बोले-फिल्म रिलीज के लिए तैयार ही नहीं
पीठ की अकड़न और कब्ज से हैं परेशान, सुप्त मत्स्येंद्रासन है रामबाण उपाय
'डबल डेट' शो में दिव्येंदु शर्मा ने नाम की स्पेलिंग बदलने और सोशल मीडिया अकाउंट्स के बारे ने खोले राज
दीया मिर्जा ने परिवार संग बिताए सुकून के पल, बोलीं-बाहर जाओ, सब रीसेट हो जाता है
‘बाहुबली’ यूनिवर्स को ग्लोबल ले जाने की तैयारी, आर्का मीडिया वर्क्स ने ड्रीम थिएटर को बनाया पार्टनर
'बिग बॉस' ने निरहुआ से मिलवाया और बदल गई किस्मत, आम्रपाली दुबे ने सुनाई भोजपुरी फिल्मों में आने की कहानी
फिर देर हो गई... अमिताभ बच्चन ने मजाकिया अंदाज में मांगी माफी, ब्लॉग में बताई वजह
यामी गौतम की फिल्म 'नई नवेली' का टीजर लॉन्च, हॉरर के साथ कॉमेडी का तड़का
परिणीति चोपड़ा ने 80 के दशक के ट्रेंड में पति राघव चड्ढा से पूछा सवाल, हम पैदा होते ही क्यों नहीं मिले?
बेटे आर्थर के 9वें जन्मदिन पर भावुक हुईं सेलिना जेटली, कहा- काश गले लगा पाती
हनुमान अंश लिखने के लिए विशाल चतुर्वेदी ने छोड़ी डिजिटल दुनिया, 45 दिन में लिखा पहला सीन
बिहार बाढ़ पर छलका अक्षरा सिंह का दर्द, कहा- जितना हो सके मदद के लिए आगे आइए
भारत ही नहीं, इंडोनेशिया में भी गूंज रहा गणपति बप्पा का नाम, ज्वालामुखी के किनारे 700 साल से विराजमान विघ्नहर्ता
उत्तराखंड की रक्षक हैं मां धारी देवी, अलकनंदा के बीच स्थित है चमत्कारी मंदिर
अक्टूबर की शुरुआत में आ सकती है होंडा एलिवेट फेसलिफ्ट, विक्टोरिस और सिएरा को देगी चुनौती
अल्लू अर्जुन के फैंस की पहल, 8 राज्यों में 820 इवेंट्स के जरिए 3 लाख लड़कियों तक पहुंचाया HPV वैक्सीन अवेयरनेस प्रोग्राम
जगतगुरु आचार्य बाबा श्रीचंद्रजी के 532वें प्रकाशोत्सव पर धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला, 8 से 20 सितंबर तक होंगे कार्यक्रम
राशिफल: इन राशियों के लिए सफलता के नए अवसर, जानिए सभी 12 राशियों का आज का भविष्यफल
BRICS समिट के लिए भारत पहुंचे रूसी राष्ट्रपति पुतिन: आज PM मोदी से द्विपक्षीय वार्ता, Su-57 और ब्रह्मोस-NG समेत बड़े रक्षा सौदों पर नजर

राजस्थान निकाय चुनाव 2026 : दूसरे चरण में जयपुर सहित 147 निकायों में मतदान शुरू, जयपुर में बूथ पर हंगामा, कोटा में शिक्षा मंत्री ने डाला पहला वोट

दिल्ली में हॉस्टल संकट पर एलजी ने लिया बड़ा एक्शन, आशीष सूद की अध्यक्षता में बनी 20 सदस्यीय जांच समिति
राशिफल: करियर, धन और रिश्तों के मामलों में कैसा रहेगा आपका दिन, पढ़ें 12 राशियों का फलादेश
परिणीति चोपड़ा ने 80 के दशक के ट्रेंड में पति राघव चड्ढा से पूछा सवाल, हम पैदा होते ही क्यों नहीं मिले?
शिल्पा शेट्टी ने पति राज कुंद्रा को दी जन्मदिन की बधाई, लिखा- तुम्हारे साथ जिंदगी और भी ज्यादा मजेदार है
दूसरे बच्चे के स्वागत की तैयारी में रणवीर-दीपिका, बेटी दुआ संग शेयर कीं प्यारी तस्वीरें
'बिग बॉस' ने निरहुआ से मिलवाया और बदल गई किस्मत, आम्रपाली दुबे ने सुनाई भोजपुरी फिल्मों में आने की कहानी
'बिग बॉस -20' के कैप्टेंसी टास्क में भिड़े घरवाले, नॉमिनेशन में इन 4 कंटेस्टेंट पर लटकी तलवार
यामी गौतम की फिल्म 'नई नवेली' का टीजर लॉन्च, हॉरर के साथ कॉमेडी का तड़का
बेटे आर्थर के 9वें जन्मदिन पर भावुक हुईं सेलिना जेटली, कहा- काश गले लगा पाती
अक्षरा सिंह ने टाइगर श्रॉफ के साथ तस्वीरें शेयर कर बढ़ाई हलचल, बोलीं- 'कुछ तस्वीरें गैलरी में रखने के लिए नहीं होतीं'
फिर देर हो गई... अमिताभ बच्चन ने मजाकिया अंदाज में मांगी माफी, ब्लॉग में बताई वजह
'सभी लोगों से खूब मेहनत करवाते हैं', अक्षय कुमार के जन्मदिन पर राशि खन्ना ने शेयर किया मजेदार वीडियो
'लस्ट स्टोरीज 3' का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज, प्यार, धोखा और चाहत के दिखे अलग-अलग रंग
प्रीति जिंटा ने बॉलीवुड के 28 साल के सफर को किया याद, बोलीं- 'कलाकार पर अच्छा काम देने का दबाव आज भी वैसा'
'दृश्यम: द कन्क्लूजन' का ट्रेलर हुआ रिलीज, क्या इस बार बच पाएगा विजय का परिवार
बिग बॉस 20: लव गिल का बॉडी शेमिंग को लेकर छलका दर्द, बोलीं-'वजन घटाया तो लोगों ने कहा- बहुत पतली लग रही हो'
हेमा मालिनी ने 'हनुमान अंश' को बताया हनुमानजी का आशीर्वाद, बोलीं-'आम लड़की ने बनाई ऐसी फिल्म, मैं भी देखना चाहती हूं'
खतरों के खिलाड़ी के सफर को याद कर भावुक हुए ओरी, बोले-हर मुश्किल के बाद आती है उम्मीद की किरण
'शहनाज से मत करो तुलना', लवप्रीत गिल की अपील, भोजपुरी सिनेमा की बदलती तस्वीर पर आम्रपाली दुबे ने रखी राय
सलमान से जैकलीन तक, इन सितारों के घर धूमधाम से मनाया जाता है गणेश उत्सव
महबूब खान: एक्टर बनने आए थे मुंबई, घोड़ों की नाल ठोकी और फिर रच दिया 'मदर इंडिया' का इतिहास
शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखता है अर्द्धहलासन, जानें करने का सही तरीका
एक पैर पर खड़े होकर करें ये आसान योगासन, शरीर के साथ मन भी रहेगा स्थिर
छोटा फल, बड़े फायदे: औषधीय गुणों का खजाना है करौंदा, आयरन और विटामिन-सी का अच्छा स्रोत
लहसुन की 1-2 कलियां रोज करें डाइट में शामिल, दिल से लेकर पेट तक मिल सकते हैं ये फायदे
शरीर और दिमाग के लिए फायदेमंद रोना, तनाव घटाने से लेकर आंखों की सफाई तक, जानें आंसुओं के फायदे
जिन इलाकों में लगे होते हैं खूब सारे पेड़, वहां बुजुर्ग आबादी रहती है डिप्रेशन से कोसों दूर: स्टडी में खुलासा
चेहरे की चमक से लेकर बालों की मजबूती तक, बादाम का तेल है कुदरती ब्यूटी टॉनिक
बालों के झड़ने से है परेशान, जानें तेल लगाने का सही समय और तरीका
छोटी-छोटी सावधानियां बरत कर मौसमी इंफेक्शन से बचें, पैरों को साफ और सूखा रखना चाहिए
पीठ की अकड़न और कब्ज से हैं परेशान, सुप्त मत्स्येंद्रासन है रामबाण उपाय
सर्वांगासन-हलासन के बाद क्यों जरूरी है मत्स्यासन, जानिए काउंटर पोज का महत्व
'कुछ दर्द दिखाई नहीं देते', जानिए मानसिक पीड़ा से जुड़े 5 बड़े मिथक और उनके तथ्य
गुर्दे की सेहत के लिए वरदान हैं ये योगाभ्यास, जानें करने का सही तरीका
प्रकृति का वरदान है लामज्जक, जोड़ों के दर्द और त्वचा रोगों में देता है आराम
सूर्य नमस्कार से लेकर अर्ध मत्स्येन्द्रासन तक: किडनी को हेल्दी रखने के लिए रोजाना करें ये 9 योगासन
रीढ़ को लचीला बनाता है तिर्यक ताड़ासन, जानें करने के सही तरीके और फायदे
योग साधना में उपयोगी मुद्राएं और बंध: मन की शांति से एकाग्रता तक, जानें इनके फायदे और सही तरीका
स्पाइन को रखना है सीधा तो करें ताड़ासन, पोस्चर सुधारने के साथ बढ़ता है आत्मविश्वास
सर्दी-जुकाम जैसा दिखने वाला आरएसवी वायरस बच्चों के लिए खतरनाक, डब्ल्यूएचओ ने जारी की चेतावनी
कमर दर्द और गर्दन की अकड़न से हैं परेशान; रोज करें ये योगासन, रीढ़ रहेगी मजबूत
देखें आज 11/09/2026 का राशिफल
Romantic things you should do during your honeymoon
Rishabh Pant to donate match fee towards rescue operations in Uttarakhand
Telegram becomes most downloaded app on Google Play Store
WhatsApp working on new mention badge features for group chatsDaily Horoscope