• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

बदलते रोज़गार बाज़ार में युवजन के लिए भविष्य के कौशल

 - World News in Hindi

भविष्य की राह चुनना कभी आसान नहीं रहा. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे तेज़ तकनीकी बदलावों के दौर में, आज की युवा पीढ़ी के लिए यह तय करना और भी कठिन हो गया है कि आने वाले वर्षों में कौन-से कौशल प्रासंगिक बने रहेंगे. रोज़गार, सभ्य कामकाज और उद्यमिता के लिए युवजन को आवश्यक कौशल से लैस करने के महत्व को रेखांकित करने के लिए हर वर्ष 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस मनाया जाता है. वर्ष 2026 की थीम ‘साझा भविष्य के लिए कौशल’ एक अहम सवाल उठाती है - युवजन ऐसे श्रम बाज़ार के लिए कैसे तैयारी करें, जिसकी ज़रूरतें जीवनभर बदलती रहेंगी?कोलम्बिया विश्वविद्यालय में स्नातक छात्रों के करियर विकास की वरिष्ठ सहायक निदेशक फ्रांसेस्का फ़नेली ने कहा, “मेरा मानना है कि आज के युवजन को खुले विचारों वाला, लचीला और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप ढलने के लिए तैयार रहना चाहिए.”छात्रों व हाल में स्नातक हुए युवजन को प्रतिस्पर्धी एवं तेज़ी से बदलते रोज़गार बाज़ार में आगे बढ़ने में मदद करने के अपने अनुभव के आधार पर, उन्होंने यूएन न्यूज़ से इस चुनौती से निपटने के कारगर तरीक़ों पर बातचीत की.अनिश्चित भविष्य के लिए कौशलविश्व आर्थिक मंच के अनुसार, कामगार आज जिन कौशलों पर निर्भर हैं, उनमें से लगभग 40 प्रतिशत वर्ष 2030 तक बदल सकते हैं या पुराने पड़ सकते हैं. इसलिए बदलती परिस्थितियों के अनुरूप ढलना और जीवनभर सीखते रहना पहले से कहीं अधिक अहम है.फ्रांसेस्का फ़नेली का कहना है कि इसका समाधान ऐसा करियर तलाशना नहीं है, जिस पर AI का कोई असर न पड़े. कुछ छात्र ऐसे कुशल पेशों में अधिक रुचि दिखा रहे हैं, जिन्हें स्वचालन से कम प्रभावित माना जाता है. Photo courtesy of Francesca Fanelli. कोलम्बिया विश्वविद्यालय में स्नातक छात्रों के करियर विकास की वरिष्ठ सहायक निदेशक फ्रांसेस्का फ़नेली. मगर करियर के फ़ैसले केवल इस आधार पर नहीं किए जाने चाहिए कि कौन-से रोज़गार AI और तकनीकी बदलावों से सबसे कम प्रभावित होंगे.इसके बजाय, युवजन को अपनी रुचियों और क्षमताओं पर ध्यान देते हुए ऐसे कौशल विकसित करने चाहिए, जो अलग-अलग भूमिकाओं में काम आ सकें. साथ ही, उन्हें किसी एक करियर मार्ग तक सीमित न रहकर विभिन्न उद्योगों में अवसर तलाशने और नई सम्भावनाओं के लिए खुले रहने की आवश्यकता है.AI के साथ भी समाधान आपको ही करना हैकामकाज के भविष्य का अनुमान लगाना कठिन है, लेकिन फ्रांसेस्का फ़नेली के अनुसार एक बात स्पष्ट है: AI का प्रभावी इस्तेमाल कार्यस्थल पर एक अहम कौशल बनता जा रहा है.वह कहती हैं, “नियोक्ता अब ऐसे लोगों की तलाश कर रहे हैं, जिन्हें AI की समझ हो और इस तकनीक का इस्तेमाल करना आता हो.”इसमें सही सवाल पूछना, स्पष्ट निर्देश देना, AI से मिली जानकारी की तथ्य-जाँच करना और उसका इस्तेमाल कैसे किया जाए, यह तय करना शामिल है.फ्रांसेस्का फ़नेली कहती हैं, “AI का इस्तेमाल समस्या सुलझाने वाले के बजाय एक सहायक के रूप में करें. समस्या का समाधान आपको ही करना है.”AI को अपने लिए उपयोगी बनानारोज़गार तलाश रहे लोगों के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया में AI उपयोगी हो सकता है. फ्रांसेस्का फ़नेली रोज़गार सम्बन्धी विवरणों का विश्लेषण करने, नियोक्ताओं द्वारा माँगे गए कौशल पहचानने, आवेदन सामग्री को पद के अनुरूप बनाने और साक्षात्कार की तैयारी में AI के इस्तेमाल की सलाह देती हैं. उनके अनुसार, परिणामों की गुणवत्ता काफ़ी हद तक दिए गए निर्देशों की स्पष्टता पर निर्भर करती है.उन्होंने ज़ोर दिया कि हर आवेदन में उम्मीदवार का अपना अनुभव और व्यक्तित्व झलकना चाहिए.वह सलाह देती हैं, “सुनिश्चित करें कि भाषा आपकी अपनी हो और उसमें ऐसी बातें न हों, जो आप सामान्य रूप से कभी न कहें.” Tweet URL

कौशल से रोज़गार तकAI का इस्तेमाल सीखना रोज़गार बाज़ार की तैयारी का केवल एक हिस्सा है. कई छात्रों और हाल में स्नातक हुए युवजन के लिए रोज़गार तलाशने की प्रक्रिया बेहद अनिश्चित और कठिन हो सकती है.फ्रांसेस्का फ़नेली कहती हैं, “कई छात्र इस प्रक्रिया से इतने परेशान हो जाते हैं कि शुरुआत से पहले ही निराश होने लगते हैं.”आँकड़ों के अनुसार, अमेरिका में रोज़गार मिलने में औसतन 6.6 महीने लगते हैं. इतने लम्बे समय तक तलाश जारी रखने के लिए प्रभावी रणनीति और अस्वीकृति व आत्म-सन्देह से निपटने की क्षमता ज़रूरी है.मज़बूत शैक्षणिक योग्यताओं के बावजूद, कई स्नातकों को लगता है कि उनके पास व्यावहारिक अनुभव कम है. इसलिए वे स्वयं को कभी “अधिक योग्य या फिर कम योग्य” महसूस करते हैं.मगर इसका अर्थ यह नहीं कि उनमें नियोक्ताओं के लिए आवश्यक कौशल नहीं हैं. फ्रांसेस्का फ़नेली के अनुसार, अनेक युवजन पढ़ाई के दौरान विकसित अपनी क्षमताओं का महत्व कम आँकते हैं.उन्होंने कहा, “हर रोज़गार विज्ञापन में सहयोग, संचार और टीम में काम करने जैसे कौशल माँगे जाते हैं. सम्भवतः आपने अपनी शिक्षा के दौरान ये कौशल विकसित किए हैं. आपको बस इन्हें नियोक्ता के सामने सही ढंग से प्रस्तुत करना आना चाहिए.”‘मनचाहे रोजगार’ से आगेफ्रांसेस्का फ़नेली युवजन को सलाह देती हैं कि वे ‘आदर्श’ करियर तलाशने के लिए ख़ुद पर अधिक दबाव न डालें.उन्होंने कहा, “सपनों का रोज़गार हमेशा वैसा नहीं होता, जैसा आप सोचते हैं.”हर उम्मीद पूरी करने वाले कामकाज के बजाय, वह ऐसा रोज़गार चुनने की सलाह देती हैं, जिससे कम से कम किसी एक स्तर पर सन्तुष्टि मिले. जीवन को अर्थ केवल काम से नहीं, बल्कि परिवार, मित्रता, समुदाय और निजी रुचियों से भी मिल सकता है.उन्होंने कहा, “कभी-कभी रोज़गार केवल वित्तीय स्थिरता के लिए होता है, और इसमें कोई बुराई नहीं है.”मुख्य निष्कर्षआज कामगार जिन कौशलों पर निर्भर हैं, उनमें से लगभग 40 प्रतिशत वर्ष 2030 तक बदल सकते हैं या पुराने पड़ सकते हैं. कोलम्बिया विश्वविद्यालय की वरिष्ठ सहायक निदेशक फ्रांसेस्का फ़नेली के कुछ सुझाव -ऐसे करियर की तलाश न करें, जो AI के प्रभाव से पूरी तरह सुरक्षित हो.कार्यस्थल पर AI का प्रभावी इस्तेमाल एक अहम कौशल बनता जा रहा है.अलग-अलग उद्योगों में अवसर तलाशें और करियर की नई सम्भावनाओं के लिए तैयार रहें.अपनी रुचियों और क्षमताओं पर ध्यान दें और ऐसे कौशल विकसित करें, जो विभिन्न भूमिकाओं व क्षेत्रों में काम आ सकें.

यह भी पढ़े

Web Title-
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news
Khaskhabar.com Facebook Page:

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved