• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

सुरक्षा परिषद: क्षेत्रीय तनाव के बीच, ग़ाज़ा में युद्धविराम के लिए 'नाज़ुक स्थिति'

 - World News in Hindi

ग़ाज़ा पट्टी में इसराइली कार्रवाई और हमास व अन्य हथियारबन्द गुटों की गतिविधियों के कारण, वहाँ पिछले वर्ष अक्टूबर में लागू हुए युद्धविराम के लिए स्थिति नाज़ुक होती जा रही है. राजनैतिक एवं शान्तिनिर्माण मामलों के लिए यूएन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मध्य पूर्व संकट पर सुरक्षा परिषद की एक बैठक में सदस्य देशों को सम्बोधित करते हुए यह चेतावनी जारी की है. अप्रैल महीने के लिए, यूएन सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष देश बहरीन द्वारा मंगलवार को बुलाई गई इस बैठक में ग़ाज़ा में युद्धविराम, बिगड़ते मानवीय संकट और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा समर्थित शान्ति योजना पर चर्चा हुई.राजनैतिक एवं शान्तिनिर्माण मामलों के लिए यूएन सहायक महासचिव ख़ालेद ख़िएरी ने कहा कि पिछले कुछ हफ़्तों में उपजे तनाव व टकराव, मध्य पूर्व क्षेत्र में मची उथलपुथल से क़ाबिज़ फ़लस्तीनी इलाक़े में स्थिति पर से ध्यान हट गया है.उन्होंने बताया कि दुनिया की नज़रों से दूर हुए, ग़ाज़ा व पश्चिमी तट में हालात निरन्तर बिगड़ते जा रहे हैं. ग़ाज़ा में फ़लस्तीनी आबादी को लगभग हर दिन घातक हवाई हमलों और विकट मानवीय परिस्थितियों से जूझना पड़ रहा है. Tweet URL

वहीं, पश्चिमी तट में हिंसा, इसराइली बस्तियों के निवासियों की हिंसक गतिविधियाँ, विस्थापन मामलों और बस्तियों को बसाने की घटनाओं में तेज़ी आई है.सहायक महासचिव ख़िएरी के अनुसार, इससे पूरे समुदायों के लिए ख़तरा उपज रहा है और दो-राष्ट्र समाधान पर केन्द्रित समाधान की दिशा में राजनैतिक प्रक्रिया की सम्भावनाओं को ठेस पहुँच रही है.ग़ाज़ा में स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि पिछले वर्ष अक्टूबर में युद्धविराम शुरू होने के बाद से अब तक, इसराइली हमलों में 200 से अधिक बच्चों समेत लगभग 800 फ़लस्तीनी मारे जा चुके हैं. गोलाबारी, हवाई हमलों और गोलीबारी में 7 मानवीय सहायताकर्मियों की भी जान गई है.हालांकि, इसराइली सैन्य बलों का कहना है कि उसने अपनी कार्रवाई में हमास चरमपंथियों और उसके ठिकानों को निशाना बनाया है. पुनर्बहाली के लिए आवश्यकताएँग़ाज़ा में मानवीय सहायता आवश्यकताएँ भी चरम पर हैं. लगभग 18 लाख फ़लस्तीनियों, यानि क़रीब पूरी आबादी विस्थापित हुई है. सहायक महासचिव ने ध्यान दिलाया कि ग़ाज़ा के लिए तेज़ी से योजनाबद्ध ढंग से काम किए जाने की ज़रूरत है. केवल मानवीय सहायता के लिए नहीं, बल्कि जल्द पुनर्बहाली व पुनर्निर्माण प्रयासों के लिए.20 अप्रैल को, संयुक्त राष्ट्र, योरोपीय संघ ने विश्व बैंक के साथ मिलकर, ग़ाज़ा में हुई बर्बादी व पुनर्निर्माण सम्बन्धी आवश्यकताओं पर अपना एक साझा आकलन पेश किया था.इस अध्ययन के अनुसार, ग़ाज़ा में अगले एक दशक के दौरान, 71.4 अरब डॉलर की ज़रूरत होगी. पहले 18 महीनों में 26 अरब डॉलर से अधिक की आवश्यकता बताई गई है, ताकि अति-आवश्यक सेवाओं को बहाल किया जा सके, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को फिर से खड़ा किया जाए और आर्थिक स्थिति को सहारा मिल सके.क़ाबिज़ फ़लस्तीनी इलाक़े में विशाल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, संयुक्त राष्ट्र ने हाल ही में एक कोष (Horizon Fund) की शुरुआत की है. फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री मोहम्मद मुस्तफ़ा और मध्य पूर्व में वार्ता के लिए विशेष उप समन्वयक रमीज़ अलकबरोव इसके सह-अध्यक्ष हैं.यूएन सहायक महासचिव ने बताया कि इस कोष के ज़रिए, संयुक्त राष्ट्र को अपने प्रस्तावों व अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के अनुरूप, समय पूर्व पुनर्बहाली योजना तैयार करने और क़ानून का पाल करने में मदद मिलने की सम्भावना है.'बोर्ड ऑफ़ पीस' के लिए समर्थन UN Photo/Mark Garten ग़ाज़ा पट्टी के लिए शान्ति बोर्ड के कार्यकारी बोर्ड के सदस्य टोनी ब्लेयर ने सुरक्षा परिषद की बैठक को सम्बोधित किया. ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री और ‘बोर्ड ऑफ़ पीस’ के कार्यकारी बोर्ड के सदस्य टोनी ब्लेयर ने सदस्य देशों को कहा कि हम एक अहम पड़ाव पर पहुँच गए हैं.उन्होंने परिषद के सदस्यों से, यूएन और विश्व बैंक के ज़रिए ग़ाज़ा में सहायता अभियान और पुनर्बहाली के लिए वित्तीय संसाधनों की लामबन्दी का आग्रह किया है. उनके अनुसार, ये प्रयास 'बोर्ड ऑफ़ पीस' के समर्थन से ग़ाज़ा में प्रशासन के लिए राष्ट्रीय समिति के समन्वय में किए जाने होंगे.सुरक्षा परिषद ने पिछले वर्ष, ग़ाज़ा में हिंसक टकराव का अन्त करने के लिए अमेरिका-समर्थित योजना के सिलसिले में प्रस्ताव 2803 पारित किया था, जिसमें, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प की अगुवाई में ‘बोर्ड ऑफ़ पीस’ को स्थापित किए जाने का स्वागत किया गया है.ग़ाज़ा के पुनर्विकास के लिए एक संक्रमणकालीन प्रशासन के फ़्रेमवर्क को तैयार करने के लिए यह अहम है. इसके अलावा, एक अस्थाई अन्तरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (ISF) के लिए भी अधिकार दिए गए हैं.पूर्व प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति ट्रम्प की योजना के तीन प्रमुख बिन्दुओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हमास, जिस रूप में फ़िलहाल गठित है, उसकी ग़ाज़ा प्रशासन में कोई भूमिका नहीं हो सकती है.एक अहम परीक्षाउन्होंने कहा कि यदि निरस्त्रीकरण होता है, तो फिर ग़ाज़ा में लोगों और सामान के प्रवेश करने या बाहर जाने पर थोपी गई पाबन्दियों को वापिस लिया जा सकता है. “यह ग़ाज़ा में लोगों के लिए एक बड़ा पुरस्कार है.”“लेकिन, चूँकि भरोसा कम और संदेह बहुत अधिक है, एक संक्रमणकालीन अवधि की आवश्यकता है. हमें हमास द्वारा ग़ाज़ा में विसैन्यीकरण की प्रक्रिया के लिए सहमत होने और उसकी शर्तों का पालन करने की ज़रूरत है.”उन्होंने कहा कि इसराइल को भी इसी प्रक्रिया के तहत अपने दायित्वों को पूरा करना होगा.टोनी ब्लेयर ने भरोसा जताया कि एक बार सहमति बन जाने पर, ग़ाज़ा में लोगों के लिए प्रगति का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा: अतिरिक्त मानवीय सहायता व सामग्री, नई मेडिकल व्यवस्था, सीमा चौकियों पर पहले से अधिक आज़ादी, और इसराइली बलों की चरणबद्ध ढंग से वापसी.पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा कि ग़ाज़ा एक परीक्षा है. हम सभी के लिए. “क्या हम इतिहास को दोहराएंगे या फिर उसे बदल देंगे.”

यह भी पढ़े

Web Title-
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news
Khaskhabar.com Facebook Page:

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved