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होर्मुज़ व्यवधान की भारी आर्थिक क़ीमत के बीच, UNCTAD का पूर्व चेतावनी मंच

 - World News in Hindi

मध्य पूर्व में जारी युद्ध और अस्थिरता के बीच, दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक - होर्मुज़ में शुरू हुआ परिवहन व्यवधान, अब एक व्यापक विकास जोखिम में तब्दील हो चुका है. संयुक्त राष्ट्र के व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) ने मार्च की शुरुआत से ही चेतावनी दी है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में उत्पन्न व्यवधान केवल ऊर्जा बाज़ारों तक सीमित नहीं हैं. होर्मुज़ जलडमरूमध्य से, वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का लगभग एक-चौथाई हिस्सा गुज़रता है.साथ ही, यहाँ से तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) और उर्वरकों की भी बड़ी मात्रा गुज़रती है. ये सभी वस्तुएँ परिवहन लागत, खाद्य उत्पादन और मुद्रास्फीति पर सीधे प्रभाव डालती हैं.गहराता संकटयह व्यवधान तेज़ी से और अधिक गहरा रहा है, क्योंकि होर्मुज़ संकरे जलमार्ग से जहाज़ों की आवाजाही में लगभग 95 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि तेल और गैस की क़ीमतों, टैंकर मालभाड़े (tanker freight rates), समुद्री ईंधन लागत और युद्ध-जोखिम बीमा प्रीमियम में तेज़ वृद्धि हुई है.UNCTAD ने 1 अप्रैल तक चेतावनी दी कि यह झटका व्यापार, क़ीमतों और वित्तीय बाज़ारों तक फैल रहा है. साथ ही, विकासशील अर्थव्यवस्थाएँ कमज़ोर मुद्रा, शेयर बाज़ारों में गिरावट और बाहरी उधारी की बढ़ती लागत जैसी चुनौतियों का सामना कर रही हैं.इसका प्रभाव अब गैस से आगे बढ़कर अनाज तक पहुँच चुका है.UNCTAD के विश्लेषण के अनुसार, ऊर्जा और उर्वरक आपूर्ति में व्यवधान खाद्य उत्पादन, आपूर्ति और क़ीमतों के लिए जोखिम बढ़ा रहा है, ख़ासकर उन देशों में जो पहले से ही ऊँचे आयात बिल, ऋण दबाव और सीमित वित्तीय संसाधनों से जूझ रहे हैं. © OCHA/Matteo Minasi मध्य पूर्व युद्ध प्रभाव अब ईंधन आपूर्ति से आगे बढ़कर अनाज तक पहुँच चुका है. निगरानी के लिए एक विशेष मंच UNCTAD, इन जोखिमों पर नज़र रखने के लिए Strait of Hormuz dashboard नामक मंच शुरू कर रहा है.यह प्लैटफ़ॉर्म शिपिंग, खाद्य, ऊर्जा और वित्त से जुड़े नए संकेतकों को एक साथ प्रस्तुत करेगा, जिससे यह समझने में मदद मिलेगी कि ये झटके किस तरह विकसित हो रहे हैं.साथ ही, यह इनकी तुलना कोविड-19 और यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद उत्पन्न आपूर्ति व्यवधानों जैसे पिछले संकटों से भी करने में सक्षम होगा. © NASA/GSFC/Jacques Descloitres 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' की सैटेलाइट से प्राप्त तस्वीर. बढ़ता दबावUNCTAD के अनुसार, ऊर्जा की बढ़ी हुई लागत, उर्वरक और खाद्य क़ीमतों को ऊपर ले जा सकती है. इसके अलावा, परिवहन लागत बढ़ने से आयात बिल महँगे हो सकते हैं, और वित्तीय स्थितियों के सख़्त होने से देशों की प्रतिक्रिया देने की क्षमता सीमित हो सकती है.UNCTAD की एक नवीन रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि यह मुद्दा अभी क्यों महत्वपूर्ण है.रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक व्यापार ने 2026 की शुरुआत सकारात्मक गति के साथ की है, लेकिन इसके साथ ही बढ़ती अस्थिरता भी सामने आई है.भू-राजनैतिक अनिश्चितता, मुद्रास्फीति का दबाव और व्यापार लागत में वृद्धि जैसी चुनौतियाँ विकासशील देशों की निवेश सम्भावनाओं, मांग और विकास की सम्भावनाओं पर नकारात्मक असर डाल रही हैं.

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