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‘सूडान अत्याचारों की भट्टी’, बर्लिन सम्मेलन में देश के लिए उमड़ा समर्थन

 - World News in Hindi

पिछले तीन वर्ष से भीषण युद्ध से जूझ रहे सूडान में शान्ति के लिए एकजुटता दिखाने की ख़ातिर, बुधवार को बर्लिन में एक सम्मेलन हुआ है जिसमें दुनिया भर के विदेश मंत्रियों ने शिरकत की है. ध्यान रहे कि सूडान में भीषण युद्ध का चौथा वर्ष शुरू हो चुका है और मानवीय ज़रूरतें लगातार गम्भीर होती जा रही हैं. बर्लिन सम्मेलन का आयोजन जर्मनी, अफ़्रीकी संघ (AU), योरोपीय संघ (EU), फ्रांस और ब्रिटेन की सह-मेज़बानी में किया गया है. ऐसी ख़बरें हैं कि सूडान के लिए इस तीसरे अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन में, देशों ने 1 अरब डॉलर से अधिक की सहायता उपलब्ध कराने का संकल्प लिया. Tweet URL

संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने सूडान को “अत्याचारों की प्रयोगशाला” बताया.उन्होंने इसके प्रमाण के रूप में दारफ़ूर के अल फ़शर जैसे शहरों की घेराबन्दी, भोजन की क़िल्लत, युद्ध के हथियार के रूप में यौन हिंसा का इस्तेमाल, और स्कूलों व अस्पतालों को निशाना बनाए जाने का ज़िक्र किया.संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत मामलों के समन्वयक टॉम फ़्लैचर ने कहा, “केवल इस वर्ष के दौरान, ड्रोन विमानों ने 700 लोगों की जान ली है, और पिछले तीन वर्षों में 130 मानवतावादी कार्यकर्ता मारे गए हैं.”उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “मैं अक्सर उन लोगों के परिवारों को फ़ोन करता हूँ जिनकी मृत्यु हो गई है, और वे हमेशा पूछते हैं, क्या हमारे परिवार के सदस्यों की मौतें व्यर्थ गईं?”युद्ध से मानवता तार-तारअप्रैल 2023 में सूडानी सशस्त्र बल (SAF) और उनके पूर्व सहयोगी त्वरित समर्थन बल (RSF) के बीच शुरू हुए इस युद्ध ने, दुनिया का सबसे ख़राब मानवीय और विस्थापन संकट उत्पन्न कर दिया है.लगभग 3 करोड़ 40 लाख लोग यानि आबादी का दो-तिहाई हिस्सा, मानवीय सहायता पर निर्भर हो गया है. क़रीब 1 करोड़ 40 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं, 1 करोड़ 90 लाख लोग भुखमरी का सामना कर रहे हैं और लगभग 1 करोड़ बच्चे स्कूली शिक्षा से वंचित हैं.टॉम फ़्लैचर ने बताया कि मध्य पूर्व के युद्ध ने इस चुनौती को और बढ़ा दिया है जिसके कारण, भोजन, ईंधन और माल ढुलाई की लागत में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.उन्होंने कहा, “सूडान में इस्तेमाल होने वाले उर्वरक की आधी मात्रा खाड़ी देशों से आती है, और देश में अब अप्रैल-मई का मुख्य बुवाई सत्र चल रहा है.”संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी संगठनों ने, इस वर्ष देश भर में लगभग 1.4 करोड़ लोगों तक सहायता पहुँचाने के लिए 2.2 अरब डॉलर की मांग की है.उन्होंने "पहुँच मार्गों को खुला रखने" की आवश्यकता पर ज़ोर दिया.यह विपत्ति समाप्त होसंयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने सूडान के लोगों के साथ फिर से एकजुट होने के लिए अन्तरराष्ट्रीय समुदाय को धन्यवाद दिया. उन्होंने एक वीडियो सन्देश में कहा, “यह दुःस्वप्न समाप्त होना चाहिए. इसके लिए एकता और तात्कालिकता की आवश्यकता है.” नागरिकों की सुरक्षा होनी चाहिए, सहायता कर्मियों को सुरक्षित रूप से अपना काम करने दिया जाना चाहिए, और सहायता कार्यों के लिए पूरी तरह से धन उपलब्ध होना चाहिए.महासचिव ने स्पष्ट किया, “लेकिन हमें यह समझना होगा: केवल धन की उपलब्धता ही, शान्ति का विकल्प नहीं हो सकती. युद्ध का तत्काल बन्द होना ज़रूरी है. बाहरी हस्तक्षेप और हथियारों का प्रवाह जैसे कारक जो इस युद्ध को भड़का रहे हैं, वो अन्ततः बन्द होने चाहिए.”संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने ज़ोर दिया कि मानवाधिकार उल्लंघन के लिए ज़िम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए तत्काल संयुक्त कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है. © UNOCHA/Giles Clarke यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने मानवाधिकारों पर आधारित कुछ 'विश्वास बहाली' के उपायों का प्रस्ताव दिया है, जिन्हें युद्ध के पक्षों और प्रमुख सदस्य देशों को भी उपलब्ध कराया गया है.वोल्कर टर्क ने कहा कि सूडान में हो रहे विनाश के पीछे रणनैतिक और आर्थिक हितों का एक जटिल जाल और भारी मुनाफ़ा छिपा है. युद्धरत पक्ष अपने युद्ध का ख़र्च निकालने के लिए देश के सोने, पशुधन और 'अरबी गोन्द' (Gum Arabic) का दोहन कर रहे हैं, जबकि बाहरी ताक़तें अपने एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक हथियार और धन मुहैया करा रही हैं.उन्होंने सभी देशों से दारफ़ूर में हथियार प्रतिबन्ध का पूरी तरह पालन करने और सूडान की स्थिति को, अन्तरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) में दर्ज कराने का आग्रह किया.

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