• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

ईरान संकट: जहाज़ों की आवाजाही में बाधाएँ, क़ीमतों में उछाल व आपूर्ति में देरी की आशंका 

 - World News in Hindi

मध्य पूर्व में भीषण टकराव और गहराते संकट के बीच, समुद्री जहाज़ों की आवाजाही में व्यवधान आ रहा है और इसकी वजह से सामान की क़ीमतों में उछाल आने और विश्व भर में मानवीय सहायता की आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है. वहीं, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी संगठन (UNHCR) ने मध्य पूर्व के विभिन्न देशों में विस्थापितों की संख्या में वृद्धि होने और उनकी आवश्यकताओं के मद्देनज़र, इस संकट को एक विशाल मानवीय आपात स्थिति घोषित कर दिया है. अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) में मानवतावादी अभियान के लिए उप निदेशक ऐन कैथरीन शाफ़ेर ने बताया कि ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ और लाल सागर जलक्षेत्र में अस्थिरता पनपने से सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है.उन्होंने कहा कि समुद्र के रास्ते से होकर गुज़रने वाला यातायात बहुत हद तक धीमा हो गया है. सूडान के पोर्ट सूडान बन्दरगाह पर ऐसी स्थिति है, लेकिन अन्य बन्दरगाहों पर भी यही तस्वीर उभर रही है.ईरान पर इसराइली व अमेरिकी हमलों से भड़के हिंसक टकराव और ईरान की जवाबी कार्रवाई ने, ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ में जहाज़ों की आवाजाही को लगभग पूरी तरह से रोक दिया है. इस घटनाक्रम से संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ और साझेदार संगठन भी प्रभावित हैं, जोकि ग़ाज़ा पट्टी, सूडान और आपात हालात से जूझ रहे अन्य देशों व क्षेत्रों में मानवीय सहायता पहुँचाने में जुटे हैं. ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’, ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा जलमार्ग है, जो फ़ारस की खाड़ी (Persian Gulf) को अरब सागर से जोड़ता है. यह विश्व में उन समुद्री जलमार्गों में से है, जोकि रणनैतिक रूप से बहुत अहम हैं. हर दिन वैश्विक तेल व गैस आपूर्ति और कमर्शियल सामान का एक बड़ा हिस्सा, इसी जल क्षेत्र से होकर गुज़रता है. Tweet URL

मध्य पूर्व में व्याप्त तनातनी के बीच, जहाज़रानी कम्पनियों ने ‘आपात शुल्क’ के तौर पर, प्रति कंटेनर लगभग 3 हज़ार डॉलर का सरचार्ज लगाना शुरू कर दिया है.इससे ज़रूरतमन्द आबादियों के लिए टैंट, तिरपाल समेत अन्य महत्वपूर्ण सामान की क़ीमतें बढ़ने और उनकी आपूर्ति में देरी होने की सम्भावना है.शरणार्थी आबादी की बढ़ती ज़रूरतेंइस बीच, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी संगठन (UNHCR) ने बताया है कि हिंसक टकराव की चपेट में आए देशों में, इस संकट से पहले ही, लगभग ढाई करोड़ शरणार्थियों, देश की सीमाओं के भीतर विस्थापित हुए लोगों या हाल ही में अपने देश लौटने वाले शरणार्थियों ने शरण ली हुई थी. मगर, बमबारी व हवाई हमलों में बड़ी संख्या में आम लोगों की जान गई है, अहम प्रतिष्ठान क्षतिग्रस्त हुए हैं और लाखों लोग बेघर होने के लिए मजबूर हुए हैं. इसके मद्देनज़र, यूएन शरणार्थी एजेंसी, ज़रूरतमन्द शरणार्थी आबादी तक तत्काल जीवनरक्षक सहायता और महत्वपूर्ण सेवाएँ पहुँचाने के लिए सक्रिय है.यूएन एजेंसी ने सुरक्षा की तलाश में दूसरे इलाक़ों या सीमा पार करके अन्य देशों में शरण लेने की कोशिश कर रहे लोगों को सुरक्षा मुहैया कराई जानी होगी.UNHCR ने अज़रबैजान, क़तर, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, कुवैत समेत खाड़ी क्षेत्र में स्थित देशों, ईरान, इराक़, इसराइल, जॉर्डन, लेबनान व सीरिया में आम नागरिकों व विस्थापित आबादी के लिए स्थिति पर चिन्ता जताई है. यूएन एजेंसी, विस्थापित लोगों के लिए आश्रय, संरक्षण सेवाएँ, राहत सामग्री के वितरण और आवश्यक होने पर आपात नक़दी सहायता मुहैया कराने के लिए तैयार है.हालांकि, मानवीय सहायता कार्यों के लिए वित्तीय संसाधनों की भारी क़िल्लत है, जिसके मद्देनज़र, यूएन एजेंसी ने दानदाताओं से तत्काल समर्थन मुहैया कराने की अपील की है.बड़ी संख्या में विस्थापितईरान में 16 लाख शरणार्थियों ने शरण ली हुई थी, जिनमें अधिकाँश अफ़ग़ानिस्तान हैं, और इनमें बड़ी संख्या में लोगों को मदद व समर्थन की आवश्यकता है. यूएन एजेंसी के आगमन केन्द्र और हैल्पलाइन खुले हुए हैं और हर दिन शरणार्थियों के 250 कॉल आ रहे हैं.लेबनान में 96 हज़ार लोग जबरन बेघर हुए हैं और उन्होंने 440 से अधिक केन्द्रों में शरण ली हैं. इसराइल द्वारा जगह छोड़कर जाने के आदेशों के बीच माउंट लेबनान, बेरूत, और बेका घाटी के अन्य हिस्सों से लोग सीमित सामान के साथ घर छोड़कर जा रहे हैं. यूएन एजेंसी ने भयभीत और बेचैनी से जूझ रहे 22 हज़ार से अधिक विस्थापितों को 65 हज़ार सामान, कम्बल, ग़द्दे, सौर लैम्प समेत अन्य सामग्री वितरित की हैं. 33 हज़ार सीरियाई नागरिकों और लगभग 3 हज़ार लेबनानी नागरिकों ने सीमा पार करके सीरिया में प्रवेश किया है, जिनमें लेबनान में रह रहे सीरियाई शरणार्थी भी हैं, जो अपने घर जाने का निर्णय पहले ही ले चुके थे.

यह भी पढ़े

Web Title-
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news
Khaskhabar.com Facebook Page:

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved