• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

संक्षेप में: ग़ाज़ा में सीमा चौकियाँ बन्द, अफ़ग़ानिस्तान में बिगड़ते मानवीय हालात

 - World News in Hindi

मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ती हिंसा, ग़ाज़ा पट्टी में पहले से ही गम्भीर मानवीय संकट को और गहरा रही है. संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने सोमवार को बताया कि इसराइली अधिकारियों ने, ग़ाज़ा में सभी सीमा चौकियों को बन्द और मानवीय सहायता गतिविधियों को स्थगित कर दिया है. उन्होंने न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में पत्रकारों को बताया कि ग़ाज़ा में मानवीय सहायता के लिए कर्मचारियों की तैनाती, चिकित्सा कारणों से मरीज़ों को बाहर ले जाने और लोगों के वापिस ग़ाज़ा लौटने पर भी फ़िलहाल रोक लगा दी गई है. Tweet URL

यूएन प्रवक्ता ने ध्यान दिलाया है कि ग़ाज़ा में लोग मानवीय सहायता और व्यावसायिक सामानों पर निर्भर हैं, जिनकी आपूर्ति बाहर से की जाती है.“यूएन और सहायता एजेंसियों ने लगातार प्रतिबन्धों के बावजूद आपूर्ति की निरन्तर और पूर्वानुमानित प्रवाह बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत की है, लेकिन पूर्ण सीमाबन्दी की स्थिति में यह सम्भव नहीं है.”“यह आवश्यक है कि सभी पारगमन मार्ग जल्द से जल्द दोबारा खोले जाएँ.”उधर, ईंधन की कमी के कारण, साझेदार संगठनों को सहायता के स्तर में कमी करनी पड़ रही है और फ़िलहाल जीवनरक्षक कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है.इससे बेकरी, अस्पताल और जलशोधन संयंत्र (desalination plants) प्रभावित हो रहे हैं, जबकि ठोस अपशिष्ट संग्रह (solid waste collection) रोक दिया गया है.वहीं, क़ाबिज़ पश्चिमी तट में भी इसराइली बलों ने, कई चौकियाँ बन्द कर दी हैं, जिससे फ़लस्तीनी शहरों और गवर्नरेट के बीच आवाजाही प्रभावित हो रही है. इससे लोगों की आजीविका, बुनियादी सेवाओं और मानवीय कार्यों तक पहुँच बाधित हो रही है.फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए यूएन एजेंसी (UNRWA) के प्रमुख फ़िलिपे लज़ारिनी ने ग़ाज़ा में स्थिति को “एक नई घुटन” क़रार दिया है.अफ़ग़ानिस्तान: भूकम्प पीड़ित हज़ारों परिवार मदद की आस मेंपिछले वर्ष, अफ़ग़ानिस्तान में आए भीषण और जानलेवा भूकम्प से प्रभावित लोग अब भी गम्भीर मानवीय संकट का सामना कर रहे हैं और अफ़ग़ानिस्तान व पाकिस्तान के बीच तनाव और हिंसक झड़पों से उनके लिए कठिनाई बढ़ने की आशंका है. Tweet URL मानवीय सहायता मामलों के लिए यूएन कार्यालय (OCHA) ने कहा है कि पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में भूकम्प से प्रभावित क़रीब 90 प्रतिशत परिवार अब भी अस्थाई और अपर्याप्त आश्रयों में रहने को मजबूर हैं.31 अगस्त 2025 को आए भूकम्प में लगभग 2,200 लोगों की मौत हो गई थी, और कुनार, नांगरहार और लघमान प्रान्त सबसे अधिक प्रभावित हुए थे.कुनार प्रान्त स्थित आपात सहायता केन्द्र से, OCHA के अधिकारी सईद आलम ख़ान ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र अनेक प्रभावित परिवारों तक राहत पहुँचा रहा है, लेकिन पुनर्बहाली के लिए निरन्तर वित्तीय सहायता बेहद आवश्यक है.“अब भी बड़ी संख्या में बच्चों को औपचारिक शिक्षा के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध नहीं हैं. स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच, आजीविका और टिकाऊ समाधान, ये सभी आज भी बड़ी चुनौतियाँ बनी हुई हैं.”OCHA के मुताबिक़, देश में कठोर सर्दी के बीच अन्तरराष्ट्रीय समुदाय की निरन्तर एकजुटता और वित्तीय समर्थन बेहद ज़रूरी है, ताकि लोगों की तात्कालिक ज़रूरतें पूरी करने के साथ-साथ शुरुआती पुनर्वास और दीर्घकालिक स्थिरता भी सुनिश्चित की जा सके.सूडान: हिंसक झड़पों के बीच गहराया संकटसूडान के कोर्दोफ़ान और ब्लू नाइल प्रान्तों में, सूडानी सशस्त्र बलों (SAF) और अर्द्धसैनिक बल (RSF) के बीच बढ़ते हिंसक टकराव की वजह से आम नागरिकों की मौत और घायल होने के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है.स्थानीय ख़बरों के अनुसार, उत्तर कोर्दोफ़ान की राजधानी अल ओबेद में गत सप्ताह ड्रोन हमलों में तेज़ी आई है.यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने पत्रकारों को बताया कि बीते दिन एक चिकित्सा सुविधा केन्द्र पर हमला हुआ. इस हमले में 12 लोग घायल हुए, जिनमें 5 चिकित्सा कर्मी शामिल हैं. वहीं, ब्लू नाइल प्रान्त के कुर्मुक शहर में, पिछले दो सप्ताह से लगातार ड्रोन हमले हो रहे हैं.ख़बरों के अनुसार, एक स्कूल पूरी तरह नष्ट हो गया है, जबकि बिजली स्टेशन को भी नुक़सान पहुँचाया गया है. बढ़ती हिंसा से स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा, बुनियादी ढाँचे और शिक्षा व्यवस्था पर गम्भीर असर पड़ रहा है.यूएन प्रवक्ता ने बताया कि कोर्दोफ़ान और ब्लू नाइल प्रान्तों में महत्वपूर्ण आपूर्ति मार्गों पर जारी युद्ध ने, व्यावसायिक यातायात और मानवीय गतिविधियों को बाधित कर दिया है.संयुक्त राष्ट्र के मानवीय समन्वय कार्यालय (OCHA) ने चेतावनी दी कि “हालात गम्भीर हैं और लोगों को तत्काल सहायता की आवश्यकता है.” अस्पतालों पर बढ़ता बोझ, धन की भारी कमी, आगज़नी और शरणार्थी शिविरों में फैल रही ख़सरा महामारी ने मानवीय हालात को और अधिक गम्भीर बना दिया है.प्रवक्ता ने ज़ोर देकर कहा कि “मानवीय सहायता तक तुरन्त और बेरोकटोक पहुँच सुनिश्चित करना तथा अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून का पालन करना ज़रूरी है.” © UNOCHA/Adedeji Ademigbuji दक्षिण सूडान के जोंगलेई प्रान्त में हाल ही में हुई हिंसा की वजह से विस्थापित बच्चे एक चर्च के बाहर बैठे हैं, जहाँ बड़ी संख्या में अन्य विस्थापितों ने शरण ली है.

यह भी पढ़े

Web Title-
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news
Khaskhabar.com Facebook Page:

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved