• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

भारत: 'साझा भविष्य के टाँके', सीमाओं की दूरियों को कम करती हस्तकला

 - World News in Hindi

कला और रचनात्मकता सीमाओं को नहीं पहचानतीं और इनमें इनसानों के बीच दूरियाँ मिटाने और नई समझ व दुनिया सृजित करने की अपार क्षमता है. कुछ ऐसी ही मिसाल, हाल में भारत की राजधानी नई दिल्ली में देखने को मिली जब अफ़ग़ान शरणार्थी महिलाएँ और कच्छ की कारीगर महिलाएँ एक साझा मंच पर जुटीं और उन्होंने पीढ़ियों से चली आ रही कढ़ाई की परम्पराओं का आदान-प्रदान किया. यह पहल, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) और उसके साझीदारों के सहयोग से सीखने, आपसी जुड़ाव और आजीविका के नए अवसरों की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम साबित हुई है.लकड़ी से बने और धूप से भरे एक हॉल में महिलाएँ साथ बैठकर कढ़ाई कर रही थीं - कुछ सोफ़ों पर, कुछ ज़मीन पर - और उनके आसपास, उनके बच्चे बेझिझक घूम रहे थे. कच्छ के शीशों के काम वाले डिज़ाइन व अफ़ग़ानी बुनाई का समन्वय - मानो हर टाँका सहयोग एवं आपसी विश्वास को मज़बूत कर रहा था.2017 में भारत में पहुँचीं 47 वर्षीय अफ़ग़ान शरणार्थी परवीन कक्कड़ के लिए यह सहयोग आत्मविश्वास और आय - दोनों लेकर आया. UNHCR के सहयोग से उन्होंने कढ़ाई किए अपने उत्पाद प्रदर्शित किए और बेचे. उन्होंने इसे “साँस्कृतिक आदान-प्रदान” बताया और कहा कि इन 10 दिनों में वह अपनी ज़िन्दगी की परेशानियाँ भूल सकीं. © UNHCR /Paridhi Jain कच्छ की कारीगर नेता धर्मिला अहिर, 80 महिलाओं के समूह का नेतृत्व करती हैं. उन्होंने कहा कि इस अनुभव से नए बाज़ारों के रास्ते खुले. कार्यशाला के बारे में उन्हें कारीगर क्लीनिक नामक ग़ैर-सरकारी संस्था के ज़रिये मालूम हुआ, “कच्छ की महिलाओं और अफ़ग़ान महिलाओं को साथ-साथ काम करने के लिए बुलाया गया.” भाषा अलग होने के बावजूद, कारीगरी व रचनात्मकता के धागे ने सभी को एक साथ जोड़ दिया. वो कहती हैं, “हमारे हाथ एक ही भाषा बोलते हैं,” युवा कारीगरों के लिए भी इसका असर साफ़ नज़र आया. 20 वर्षीय रसिला राबारी कहती हैं, “अब मैं रोज़ आय अर्जित करती हूँ. और यहाँ मेरे ऐसे दोस्त बनें हैं, जो हमेशा साथ रहेंगे.” © UNHCR/Paridhi Jain साझी सीख से साझा बाज़ार तकयह सहयोग, कार्यशाला पूरी होने के बाद भी जारी रहा. दोनों समुदायों की महिलाएँ एक साझा व्हाट्सऐप समूह के ज़रिये जुड़ी रहीं, जहाँ वे डिज़ाइन, विचार और ग्राहकों की ज़रूरतें साझा करती हैं. धर्मिला ने अफ़ग़ान महिलाओं के बनाए उत्पादों को अपने इंस्टाग्राम पेज पर भी बढ़ावा दिया.जब पाउच पर्स का ऑर्डर आया, तो जानकारी समूह में साझा की गई. परवीन और अन्य अफ़ग़ान महिलाओं ने मिलकर ये पर्स तैयार किए, और परवीन ने एक ही ग्राहक को 10 पर्स बेचे. बढ़ती मांग के साथ, ये महिलाएँ अब सीमाओं के पार टिकाऊ आजीविका की ओर बढ़ रही हैं. © UNHCR/Paridhi Jain परियोजना का विस्तारयह कार्यशाला ‘सीमाओं से परे कढ़ाई’ पहल का हिस्सा थी, जिसे भारत में यूएन शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) और भारतीय हस्तकला एवं डिज़ाइन संस्थान (IICD), जयपुर का सहयोग मिला. दस दिनों तक चली इस पहल में अफ़ग़ान शरणार्थी महिलाएँ और कच्छ की कारीगर महिलाएँ कढ़ाई के हुनर साझा करती रहीं और उन्होंने बाज़ार के लिए तैयार आधुनिक वस्तुएँ साथ मिलकर बनाईं. इस दौरान सम्वाद, सामुदायिक जुड़ाव और टिकाऊ आजीविका के रास्ते मज़बूत हुए.जैसे-जैसे दिन बीतते गए, साझा तकनीकें कढ़ाई किए गए ऐसे उत्पादों में ढलती गईं, जो सहनक्षमता, विस्थापन और अपनेपन की कहानियाँ अपने भीतर समेटे हुए हैं. यह पहल दिखाती है कि जब शरणार्थी और मेज़बान समुदाय मिलकर काम करें, तो सम्मान के साथ साझा भविष्य गढ़े जा सकते हैं. © UNHCR/Paridhi Jain UNHCR, पहले चरण की सफलता के बाद, बड़े बाज़ारों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार करने के लिए, 2026 में इस पहल का विस्तार करने के लिए सहयोग जुटा रहा है. वैश्विक बाज़ारों तक पहुँच के लिए MADE51 के साथ चर्चा चल रही हैं जोकि शरणार्थियों के हुनर से बनाए जाने वाले उत्पादों को वैश्विक बाज़ारों तक पहुँचाने में मदद करता है.साथ ही, भारतीय हस्तकला एवं डिज़ाइन संस्थान (IICD) के साथ सहयोग से डिज़ाइन, उत्पादन व बाज़ार की तैयारी को मज़बूती मिलेगी.MADE51, UNHCR की एक प्रमुख पहल है, जिसने 2018 से अब तक भारत के तीन प्रदेशों में 350 से अधिक शरणार्थी कारीगरों को, स्थानीय सामाजिक उद्यमों के साथ मिलकर सम्मानजनक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए हैं.यह लेख पहले यहाँ प्रकाशित हुआ है.

यह भी पढ़े

Web Title-
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news
Khaskhabar.com Facebook Page:

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved