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सूडान: कोर्दोफ़ान क्षेत्र में हिंसा के बीच, आम नागरिक विस्थापन के लिए मजबूर

 - World News in Hindi

परस्पर विरोधी सैन्य बलों के बीच युद्ध से जूझ रहे सूडान के उत्तर कोर्दोफ़ान प्रान्त में मंगलवार को हुए एक और ड्रोन हमले में बच्चों समेत कम से कम 13 लोगों के मारे जाने की ख़बर है. हिंसा के कारण देश के कई इलाक़ों में आम लोग विस्थापित होने के लिए मजबूर हो रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने कहा कि कोर्दोफ़ान क्षेत्र में हिंसा में तेज़ी आ रही है, जिससे स्थानीय नागरिकों की ज़िन्दगियों पर जोखिम बढ़ा है और लोग विस्थापित होने के लिए मजबूर हो रहे हैं.उत्तर कोर्दोफ़ान के अल ओबेद में ड्रोन हमले में 13 लोगों की जान गई है. उससे पहले, शनिवार को उत्तर दारफ़ूर में हुए एक ड्रोन हमले में और अधिक संख्या में लोग हताहत हुए थे, जिसे भूख संकट का केन्द्र के रूप में देखा जाता है. Tweet URL

सूडान की सशस्त्र सेना और अर्द्धसैनिक बल (RSF) के बीच अप्रैल 2023 में देश पर नियंत्रण हासिल करने के लिए हिंसक टकराव भड़क उठा था. RSF ने सूडान के पश्चिमी और दक्षिणी इलाक़ों में अपना दबदबा बढ़ाया है, जबकि देश की सशस्त्र सेना का राजधानी ख़ारतूम समेत पूर्वी हिस्से पर नियंत्रण है. लड़ाई की वजह से देश के कई क्षेत्रों में सूडानी नागरिक बेघर होने के लिए मजबूर हैं और देश एक विशाल विस्थापन संकट से जूझ रहा है. कुछ ही दिनों में इस लड़ाई को शुरू हुए 1 हज़ार दिन पूरे होने का दुखद पड़ाव भी नज़दीक आ रहा है.यूएन प्रवक्ता ने अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) का उल्लेख करते हुए बताया कि 31 दिसम्बर से 4 जनवरी के दौरान, हिंसा की वजह से 1 हज़ार से अधिक लोग दक्षिण कोर्दोफ़ान के एक इलाक़े से भागने के लिए मजबूर हुए हैं. वहीं, उत्तर कोर्दोफ़ान से सोमवार को 2 हज़ार लोग विस्थापित हुए थे. पिछले वर्ष, अक्टूबर के अन्त से लेकर दिसम्बर तक कोर्दोफ़ान क्षेत्र में लगभग 65 हज़ार लोगों के विस्थापित होने की जानकारी है. यूएन मानवतावादी कार्यालय (OCHA) के अनुसार सूडान में युद्ध की वजह से 1.2 करोड़ लोगों ने देश की सीमाओं के भीतर और सीमा पार करके अन्य देशों में शरण ली है, जिससे इस टकराव का असर इस क्षेत्र में स्थित अन्य देशों पर भी हुआ है. जीवन पटरी पर लाने की कोशिशेंयूएन प्रवक्ता ने सभी पक्षों से हिंसक टकराव को रोकने, आम नागरिकों की रक्षा सुनिश्चित करने और ज़रूरतमन्द आबादी तक जल्द से जल्द, सुरक्षित ढंग से मानवीय सहायता पहुँचाने का आग्रह किया है.इस बीच, यूएन एजेंसियाँ देश की राजधानी ख़ारतूम में रहन-सहन की परिस्थितियों में बेहतरी लाने के इरादे से प्रयासरत हैं, जिसे सरकारी सुरक्षा बलों ने पिछले वर्ष, अर्द्धसैनिक बल, RSF के क़ब्ज़े से वापिस ले लिया था. अब वहाँ लौटने वाले परिवार अपने जीवन को फिर से पटरी पर लाने की कोशिशों में जुटे हैं.यूएन विकास कार्यक्रम (UNDP) और उसके साझेदार संगठन हिंसा से प्रभावित रहे इलाक़ों में स्थानीय लोगों को मलबा हटाने, कामकाज के अवसरों को ढूंढने में मदद कर रहे हैं. साथ ही, बुनियादी ढाँचे को पहुँची क्षति के बावजूद दवाएँ वितरित करने के काम को समर्थन दिया जा रहा है.वहीं नज़दीकी शहर, अद-दामेर में, अन्य सेवाओं के साथ-साथ महिलाओं के लिए मनोसामाजिक समर्थन की भी व्यवस्था की गई है.

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