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ग़ाज़ा: भीषण सर्द तूफ़ानों का क़हर, क़रीब 65 हज़ार परिवार प्रभावित

 - World News in Hindi

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने बताया है कि ग़ाज़ा पट्टी में पिछले महीने आए भीषण सर्द तूफ़ानों से, क़रीब 65 हज़ार परिवार प्रभावित हुए हैं. इसके अलावा, विस्थापितों के लिए बनाए गए बहुत से आश्रय स्थल, अनेक क्षेत्रों में जल निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने और ज़मीन के निचले इलाक़ों में स्थित होने के कारण, पानी में डूब गए हैं. इस बीच संयुक्त राष्ट्र और उसके मानवीय सहायता साझीदार संगठन राहत प्रयास कार्य जारी रखे हुए हैं.OCHA ने मंगलवार को बताया है कि “तेज़ तूफ़ानों के कारण अनेक तम्बू उड़ गए या क्षतिग्रस्त हो गए, अनेक घर ढह गए और लोगों का निजी सामान पानी में भीग गया.”उधर, तूफ़ानों के कारण अस्थाई शिक्षा केन्द्र और ऐसे रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिनका प्रयोग ग़ाज़ा में ज़रूरी सामान पहुँचाने के लिए किया जाता था. बेहतर आश्रय विकल्पों की ज़रूरतबीते दिसम्बर में, राहत कर्मियों ने लगभग 80 हज़ार परिवारों तक मानवीय सहायता पहुँचाई. इस दौरान, 40 हज़ार से अधिक तम्बू, 1 लाख 35 हज़ार से ज़्यादा तिरपाल और गद्दे व कम्बल जैसे हज़ारों अन्य सामान वितरित किए गए हैं.हालाँकि, आश्रय क्षेत्र में काम करने वाले यूएन साझीदारों ने बल देकर कहा कि “ ग़ाज़ा में, तम्बू मुख्य और एकमात्र आश्रय विकल्प नहीं बन सकते, क्योंकि ये केवल अस्थाई सुरक्षा देते हैं.”उन्होंने कहा कि अधिक स्थाई समाधानों की ओर तेज़ी से क़दम बढ़ाने की तुरन्त ज़रूरत है, जिसमें आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों की मरम्मत भी शामिल है. © WFP/Maxime Le Lijour ग़ाज़ा में एक लड़का, बारिश के कारण ढह गए अपने परिवार के टैंट को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा है. भूमि की कमीयूएन साझीदारों ने चेतावनी दी कि “भूमि की उपलब्धता नहीं होने के कारण लोगों का पुनर्वास मुश्किल हो रहा है और ठोस आश्रय समाधान तेज़ी से लागू करने में देरी हो रही है.”साथ ही, हाल ही में हुई वर्षा ने अक्टूबर में लागू हुए युद्धविराम के दौरान हुई कुछ प्रगति को पीछे धकेल दिया है.अनुमान है कि ग़ाज़ा पट्टी में क़रीब 10 लाख लोगों को, अब भी पूरी तरह तात्कालिक आपात आश्रय सहायता की ज़रूरत है.इस बीच, आपात दूरसंचार व्यवस्था को बेहतर बनाने पर काम कर रहे यूएन साझीदार संगठनों ने बताया कि पिछले सप्ताह उन्होंने रेडियो कवरेज सुधारने के लिए नए उपकरणों की आपूर्ति पूरी की है.ये उपकरण, येरूशेलम में अगस्त 2024 से पहले से रखे गए थे और ग़ाज़ा में प्रवेश के लिए इसराइली मंज़ूरी का इन्तेज़ार कर रहे थे.OCHA ने कहा कि मानवीय अभियानों की सुरक्षा मज़बूत करने के लिए यह क़दम बेहद अहम है, लेकिन इसके बावजूद बिजली आपूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण उपकरणों सहित, अन्य कई संसाधनों को अब भी ग़ाज़ा पट्टी में प्रवेश की अनुमति नहीं मिल पाई है.

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