• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

पाकिस्तान: बाढ़ों का भीषण प्रकोप, शोक के लिए भी समय नहीं

 - World News in Hindi

पाकिस्तान में इस वर्ष भी विनाशारी बाढ़ों ने भारी तबाही मचाई है जिसमें 1,000 से अधिक लोगों मौत हो गई है और लोगों को, अपने प्रियजन की मौत पर शोक मनाने का भी समय नहीं मिल पा रहा है क्योंकि वो ख़ुद भी अपने वजूद के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं. जून से आई भीषण बाढ़ों ने 60 लाख से अधिक लोगों को प्रभावित किया है और मृतकों में 250 बच्चे भी हैं.इस वर्ष की बारिश को, असाधारण रूप से भीषण क़रार दिया गया है. प्रभावित समुदाय अपनी ज़िन्दगी को फिर से पटरी पर लाने की कोशिशें कर रहे हैं.बाढ़ों ने बहते पानी को, बहती मिट्टी की नदियों में तब्दील कर दिया है. बहुत से विस्थापित लोगों को अब भी सरकार द्वारा संचालित आश्रय स्थलों में, मेज़बान परिवारों के पास पनाह लेनी पड़ रही है. मेज़बान परिवारों पर भी भारी बोझ है.पाकिस्तान के उत्तरी ज़िले बुनेर के बिशनोई गाँव में, बहुत तेज़ी से आई बाढ़ में अनेक लोग मलबे में दब गए क्योंकि बाढ़ ने कुछ ही मिनटों के भीतर जानलेवा प्रकोप बरसा दिया. © IOM/Ovais Ahmed बिशनोई गाँव के एक अध्यापक 35 वर्षीय हबीब-उन-नबी का कहना था, “हमने ऐसी तबाही कभी नहीं देखी.”उनके इन साधारण और गिने-चुने शब्दों में पीड़ा और हैरत का वज़न साफ़ नज़र आता है. केवल एक ही दिन में, हबीब के परिवार के 18 सदस्यों को इन बाढ़ों ने मौत के मुँह में धकेल दिया, जिनमें हबीब के माता-पिता और भाई भी हैं.हबीब याद करते हुए बताते हैं कि जो लोग जीवित बचे हैं, उनके पास अपनों की मौत पर शोक महसूस करने का भी समय नहीं हैं. “हम मलबे में दबे अन्य लोगों को इस उम्मीद में बचाने के लिए जद्दोजहद में लगे गए कि शायद वो जीवित बच जाएँ, जिस किसी की भी मदद हम कर सकें.”घर व मवेशी बाढ़ में बह गएअन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन – IOM के पाकिस्तान कार्यालय ने, देश के बाढ़ प्रभावित उत्तरी इलाक़ों में मानवीय सहायता अभियान पहले ही शुरू कर दिए हैं. इन इलाक़ों में सैकड़ों लोगों की मौतें हुई हैं और हज़ार लोग बेघर हो गए हैं.पाकिस्तान के सबसे बड़ी आबादी वाले प्रान्त – पंजाब में, इस वर्ष बाढ़ों का सबसे अधिक नुक़सान हुआ है. वहाँ भी IOM ने अनेक मानवीय सहायता कार्यक्रम चलाए हैं.यूएन प्रवासन एजेंसी ने अगस्त और सितम्बर में, सभी चार प्रान्तों में लगभग 14 हज़ार परिवार राहत किट वितरित किए हैं, जो स्थानीय लोगों की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए. ये सहायता कार्यक्रम समुदायों को जलवायु संकट का सामना करने के लिए तैयार करने के वृहद प्रयासों का हिस्सा हैं.ध्यान रहे कि जलवायु आपदाएँ मुख्य रूप में मानव-निर्मित हैं, और इन्हें वनों की बढ़ती कटाई से उत्पन्न होते ख़ाली स्थानों, व प्राकृतिक निकासी प्रणालियों की गुणवत्ता गिरने जैसे कारणों से बढ़ावा मिल रहा है.काशमोर में नसीर ख़ान लोलाई नामक एक गाँव में एक 65 वर्षीय बुज़ुर्ग अली गौहर ने अपने जीवन में अनेक बाढ़ें देखी हैं, मगर उनमें से कोई भी बाढ़ इतनी विनाशकारी नहीं रही.पूरे के पूरे घर ढह गए, मवेशी बाढ़ के पानी में बह गए, और स्थानीय किसानों के पास अपने जीवन को फिर से पटरी पर लाने के लिए कोई उपाय नज़र नहीं आ रहा है.ग़ौरतलब है कि इस इलाक़े में अधिकतर ज़मीनों के मालिक ज़मींदार हैं जिन पर खेती करने वाले किसान बाढ़ से हुए नुक़सान में स्वयं को बेसहारा महसूस कर रहे हैं.ऐसे में जबकि देश में बाढ़ें और ताप लहरें अपनी सघनता बढ़ रही हैं, समुदाय ज़ोर दे रहे हैं कि जलवायु आपदाओं का सामना करने की क्षमता विकसित करना यानि अनुकूलन, ना केवल सम्भव है बल्कि ज़रूरत भी है.इसके तहत जलवायु परिवर्तन से हो रहे मानवीय नुक़सान को, साझा ज़िम्मेदारी और कहीं अधिक मज़बूत कार्रवाई के लिए पुकार में तब्दील किया जा रहा है.

यह भी पढ़े

Web Title-
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news
Khaskhabar.com Facebook Page:

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved