• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

भारत: हर बड़े बदलाव की सीढ़ी का पहला क़दम होता है ‘घर से शुरू’

 - World News in Hindi

भारत में ओडिशा के एक छोटे से गाँव की चमेली जेना के पास हमेशा आवाज़, आत्मविश्वास और लोगों से बात करने की क्षमता थी. कमी थी तो केवल एक अवसर की. उनके परिवार ने जैसे ही चेमेली जेना के फ़ैसलों में उनका साथ दिया और उनकी घर की कुछ ज़िम्मेदारियाँ उनसे हटाईं तो चमेली की दुनिया बदल गई. चमेली अब केवल अपने घर के लिए ही नहीं, पूरे समुदाय के लिए काम कर रही हैं. यही दृष्टिकोण है, भारत में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के अभियान ‘घर से शुरू’ का – जब समर्थन घर से मिलता है, तो महिलाएँ लम्बी उड़ान भरती है और बदलाव पूरे समुदाय तक पहुँचता है.ओडिशा के पुरी ज़िले के तटीय गाँव अलुपतना की चमेली जेना ने दसवीं तक शिक्षा हासिल की है. चमेली घर के कामों में निपुण, आत्मविश्वासी और अपने स्वयं सहायता समूह (Self Help Group) में हमेशा बेझिझक बोलने वाली रही हैं. लेकिन उनकी प्रतिभा का दायरा अब तक रसोई और घर की चाहरदीवारी तक ही सिमटा था.वह हँसकर कहती हैं, “मैं एकदम आदर्श बहू थी. हर समय घरवालों के लिए ही व्यस्त रहती थी. कभी सोचा ही नहीं कि अपने लिए भी कुछ कर सकती हूँ.”शुरुआती झिझकउनके स्वयं सहायता समूह ने उनकी क्षमता पहचानी और ECRICC परियोजना (Enhancing Climate Resilience of India’s Coastal Communities) के तहत “जलवायु चैम्पियन” के लिए उनका नाम सुझाया.चमेली झिझकीं - “जलवायु परिवर्तन” उनके लिए अब तक सिर्फ़ एक किताबी शब्द था, ज़िन्दगी का हिस्सा नहीं.लेकिन एक स्थानीय सरकारी स्कूल के सेवानिवृत्त शिक्षक, उनके ससुर धरनीधर जेना ने उनमें छुपी क्षमता पहचानी.धरनीधर जेना कहते हैं, “इनकी आवाज़ प्रभावशाली है. लोगों को इनकी बात ध्यान से सुनने पर मजबूर कर देती है. सोचा, क्यों न इस आवाज़ का प्रयोग किसी अच्छे काम में लगाया जाए.”परिवार के इस भरोसे ने चमेली को पहली बैठक तक पहुँचा दिया. वहाँ उन्होंने ध्यान से बातें सुनीं, सवाल पूछे और तेज़ी से सीखा. उनकी सक्रियता और समझ देखकर टीम ने उन्हें “जलवायु चैम्पियन” के रूप में चुन लिया. © UNDP India घर का समर्थनउनके पति प्रकाश जेना चिल्का झील में डॉल्फ़िन-दिखाने वाली नाव चलाते हैं. शुरुआत में वह सहज नहीं थे.वह बताते हैं, “गाँव की बैठकों तक तो ठीक था. लेकिन बाहर जाना… वह पहली बार अकेले जा रही थीं. मुझे डर लगता था.”तभी ससुर ने बेटे को मनाया, “डर को उसका रास्ता मत रोकने दो. हम उसका साथ देंगे.”प्रकाश ने शुरुआत में चमेली को पास के गाँव नुआगाँव तक ख़ुद पहुँचाना और वापिस लाना शुरू किया. जब वो परियोजना से जुड़े लोगों से मिले, वहाँ का माहौल देखा, और धीरे-धीरे उनकी चिन्ता कम होती गई.जैसे-जैसे चमेली का प्रशिक्षण और यात्राएँ बढ़ीं, गाँव में कानाफूसी भी बढ़ी. चमेली बताती हैं, “कुछ लोग मेरे बाहर जाने पर ताने मारते थे और मेरे पति को भी भड़काने की कोशिश करते थे.”लेकिन इस बार वह नहीं रुकीं. क्योंकि इस बार उनका परिवार, उनके साथ खड़ा था. © UNDP India नई शुरुआतचमेली जेना आज ECRICC परियोजना के 304 जलवायु नायक-नायिकाओं में से एक हैं. वह 40 किसानों के साथ जलवायु-अनुकूल धान खेती (System of Rice Intensification (SRI) पर काम करती हैं और विभिन्न विभागों के साथ मिलकर पौधारोपण, जागरूकता कार्यक्रम व पशु–टीकाकरण अभियानों का समन्वय सम्भालती हैं.उनके ससुर आज भी उनके “पहले शिक्षक” की तरह उनके साथ हैं.चमेली कहती हैं, “मैं जब काम से लौटती हूँ तो वे इंतज़ार करते हैं कि मैंने क्या नया सीखा. अगर कुछ समझ नहीं आए, तो वही बैठकर समझाते हैं.”सास के साथ-साथ पति भी घर के काम में हाथ बँटाते हैं, और मिल-बाँटकर ज़िम्मेदारियाँ सम्भालते हैं.अब गाँव के लोग उन्हें सम्मान देते हैं और सलाह लेने आते हैं.प्रकाश मुस्कुराकर कहते हैं, “पहले वो केवल घर की चाहरदीवारी तक सीमित थीं. आज वही हमारे घर की पहचान बन गई हैं.” © UNDP India दृश्यता की शक्तिकाम का असर सिर्फ़ समुदाय में नहीं, घर में भी दिखने लगा है. भुवनेश्वर में पढ़ रहा उनका बेटा, जो पहले जेबख़र्च माँगने में हिचकिचाता था, अब सीधे अपनी माँ से बात करता है.चमेली मुस्कुराकर बताती हैं, “पहली बार मेहनताना मिला तो उसने मुझसे अपने दोस्तों को दावत देने के लिए पैसे माँगे. मुझे बहुत ख़ुशी हुई.”घर की छोटी–छोटी ज़रूरतों में योगदान देने से उन्हें वह आत्मनिर्भरता महसूस होती है.चमेली कहती हैं, “पहला क़दम सबसे मुश्किल था. लेकिन एक बार वो उठा लिया, तो बाक़ी रास्ता आसान हो गया. मैं हमेशा काम करना चाहती थी, दुनिया देखना चाहती थी और चाहती थी कि दुनिया भी मुझे देखे.”चमेली जेना की कहानी दिखाती है कि जब बदलाव ‘घर से शुरू’ होता है, तब बदलाव केवल एक महिला तक सीमित नहीं रहता, वह पूरे समुदाय का मार्ग रौशन करता है.

यह भी पढ़े

Web Title-
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news
Khaskhabar.com Facebook Page:

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved