• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

यूक्रेन: लगभग हर दिन हमला, निरन्तर त्रासदी का साया, रूसी हमलों से जूझते आम नागरिक

 - World News in Hindi

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार जाँचकर्ताओं ने आगाह किया है कि यूक्रेन में आम नागरिकों को लगभग हर दिन रूसी सैन्य बलों के हमलों का सामना करना पड़ रहा है और उनके लिए हालात कठिन होते जा रहे हैं. यूक्रेन में यूएन मानवाधिकार निगरानी मिशन ने रूसी आक्रमण के चार वर्ष पूरे होने के कुछ सप्ताह पहले प्रकाशित अपनी एक नई रिपोर्ट में यह जानकारी दी है. यूएन निगरानी मिशन की प्रमुख डैनियल बैल ने बताया कि रिपोर्ट में कई चिन्ताजनक रुझानों को साझा किया गया है.लड़ाई के अग्रिम मोर्चों पर व शहरी इलाक़ों में हताहत होने वाले आम नागरिकों की संख्या बढ़ रही है ऊर्जा प्रतिष्ठानों व बुनियादी ढाँचों को निरन्तर निशाना बनाकर हमले किए जा रहे हैं युद्ध बन्दियों और हिरासत में लिए गए आम नागरिको के साथ बुरे बर्ताव व यातना के मामले सामने आए हैं Tweet URL

रूस ने 24 फ़रवरी 2022 को यूक्रेन में तथाकथित विशेष सैन्य अभियान शुरू किया था. मंगलवार को जारी की गई इस रिपोर्ट में इस वर्ष 1 जून से 30 नवम्बर की अवधि पर ध्यान केन्द्रित किया गया है.रिपोर्ट के अनुसार, लड़ाई के अग्रिम मोर्चों और शहरी इलाक़ों में हताहत होने वाले आम नागरिकों की संख्या में उछाल आया है. अप्रैल 2022 के बाद इस वर्ष जुलाई में मृतक व घायल होने वाले आम लोगों की संख्या सबसे अधिक आंकी गई है.1 जून से 30 नवम्बर के दौरान 1,420 आम लोग मारे गए, 6,545 लोग घायल हुए, जोकि पिछले वर्ष इसी अवधि की तुलना में 12 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है.हताहतों में 61 चिकित्साकर्मी, 99 आपात सेवा कर्मचारी, 6 मीडियाकर्मी और 13 मानवीय सहायताकर्मी हैं.यूक्रेन पर रूसी आक्रमण की शुरुआत से अब तक, पश्चिमी यूक्रेन के टेरनोपिल में 19 नवम्बर को अब तक का सबसे अधिक घातक ड्रोन-मिसाइल हमला हुआ, जिसमें 36 आम नागरिक मारे गए.अग्रिम मोर्चों पर बिगड़ते हालातयूक्रेन में जो इलाक़े लड़ाई से सर्वाधिक प्रभावित हैं, वहाँ आम नागरिकों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है. छोटी दूरी तक मार करने वाले ड्रोन, हवाई बमबारी और अन्य आयुध सामग्री से रिहायशी इमारतों व अन्य प्रतिष्ठानों को गहरी क्षति पहुँची है.कुछ इलाक़े अब रहने योग्य नहीं बचे हैं और इस वजह से आम नागरिक अन्य इलाक़ों में शरण लेने के लिए मजबूर हुए हैं.लड़ाई के अग्रिम मोर्चों पर स्थित अनेक अस्पताल और क्लीनिक ध्वस्त हो गए हैं या वहाँ कामकाज ठप है, जिससे आम लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएँ नहीं मिल पा रही हैं.इन हालात में आम नागरिकों के लिए जल, तापन व्यवस्था, बिजली आपूर्ति में भी व्यवधान आया है, जिससे वृद्धजन और विकलांग व्यक्ति पर विशेष रूप से असर हुआ है.अक्टूबर और नवम्बर महीनों के दौरान, रूस ने 8 सिलसिलेवार ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं, जिनमें यूक्रेन की ऊर्जा प्रणाली को निशाना बनाया गया है. इससे अनेक इलाक़ों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है और कुछ स्थानों पर 18 घंटे तक की बिजली कटौती की जा रही है.बन्दियों की अदला बदली, न्यायेतर हत्याएँवर्ष 2022 के बाद, यूक्रेन और रूस ने अब तक सबसे बड़े स्तर पर युद्ध बन्दियों की अदला-बदली की है और दोनों पक्षों की ओर से 3 हज़ार से अधिक लोगों को रिहा किया गया है. हालांकि, युद्ध बन्दियों के साथ होने वाले बर्ताव में कोई बेहतरी नज़र नहीं आई है.यूएन निगरानी मिशन ने कहा कि बन्दियों के साथ बड़े पैमाने पर, व्यवस्थागत ढंग से बुरे बर्ताव, उन्हें यातना दिए जाने की घटनाएँ, इस युद्ध की एक स्तब्धकारी तस्वीर है.रिपोर्ट में युद्ध बन्दियों को बिना अदालती सुनवाई के ही जान से मार दिए जाने की घटनाओं में आई तेज़ी पर चिन्ता जताई गई है. कम से कम 4 ऐसी घटनाएँ हुई हैं, जिनमें रूसी सैन्य बलों द्वारा यूक्रेन के 10 सैन्यकर्मियों को पकड़े जाने के बाद मार दिया गया.यूक्रेनी सैन्य बलों द्वारा रूस के चार सैन्यकर्मियों को मारे जाने के भी चार मामले दर्ज किए गए हैं, और तीन अन्य मामलों की पड़ताल की जा रही है.

यह भी पढ़े

Web Title-
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news
Khaskhabar.com Facebook Page:

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved