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UNRWA: धन की क़िल्लत से लाखों फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए सेवाओं पर असर होगा

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फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए यूएन एजेंसी (UNRWA) के महाआयुक्त फ़िलिपे लज़ारिनी ने कहा है कि युद्ध से तबाह हुए ग़ाज़ा में स्थिरता लाने और पुनर्निर्माण में उनके संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका है, मगर पर्याप्त धनराशि उपलब्ध न होने की वजह से उनके कामकाज पर गहरा असर हो रहा है. यूएन एजेंसी प्रमुख ने गुरूवार को यूएन महासभा को सम्बोधित करते हुए आगाह किया कि संगठन की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने और वित्तीय समर्थन में कमी लाने के इरादे से एक विषैली मुहिम चलाई गई और संगठन के बारे में जानबूझकर दुष्प्रचार किया गया.फ़िलिपे लज़ारिनी ने कहा कि UNRWA द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं में यदि कटौती की जाती है या फिर उनका अन्त किया जाता है, तो इसके पूरे क्षेत्र के लिए गम्भीर परिणाम होंगे. Tweet URL

“इससे ग़ाज़ा में स्थिरता लाने और पुनर्बहाली के प्रयास कमज़ोर होंगे और एक राजनैतिक मार्ग पर आगे बढ़ना जोखिमपूर्ण हो जाएगा.”उन्होंने कहा कि UNRWA टीम ने दो वर्षों में बमबारी, विस्थापन और घेराबन्दी को झेला है. उन्हें अनगिनत प्रियजन और अपने 380 से अधिक सहकर्मियों को खोया है. “वे पूरी तरह से थक चुके हैं, लेकिन उन्होंने काम करना नहीं रोका है.”कट्टरता से बचना होगावर्ष 1950 से सक्रिय यूएन एजेंसी द्वारा, जॉर्डन, लेबनान, सीरियाई अरब गणराज्य, पूर्वी येरूशलम समेत पश्चिमी तट और ग़ाज़ा पट्टी में फ़लस्तीनी शरणार्थियों को बुनियादी सेवाएँ, संरक्षण व मानवीय सहायता प्रदान की जाती है.वर्ष 2024 में, UNRWA ने ग़ाज़ा में 19 लाख फ़लस्तीनियों तक आपात खाद्य सहायता पहुँचाई, 40 फ़ीसदी प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएँ मुहैया कराईं और 50 हज़ार बच्चों के लिए व्यक्तिगत रूप से पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था की.फ़िलिपे लज़ारिनी के अनुसार, “हम फ़लस्तीनियों की पीढ़ियों को शिक्षित करने में सफल रहे हैं, जो वैश्विक नागरिक के रूप में फल-फूल रहे हैं, इस क्षेत्र व उससे परे समुदायों को समृद्ध बना रहे हैं, योरोप व उत्तरी अमेरिका में भी.”महाआयुक्त लज़ारिनी ने बाद में न्यूयॉर्क में पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि यदि मलबा और सदमा, सीखने-सिखाने का नया माहौल बन जाए, तो फिर इन बच्चों का और शोषण किए जाने का जोखिम बढ़ेगा और वे हथियारबन्द गुट में शामिल हो सकते हैं या कट्टरता का शिकार हो सकते हैं.कामकाज पर असर 7 अक्टूबर 2023 को इसराइल पर हमास व अन्य हथियारबन्द गुटों द्वारा किए गए हमलों में UNRWA कर्मचारियों के शामिल होने के आरोप लगे थे, जिसके बाद यूएन एजेंसी की बारीकी से समीक्षा की गई है. संयुक्त राज्य अमेरिका ने 2023 में अपना वित्तीय योगदान रोक दिया था.फ़िलिपे लज़ारिनी ने कहा कि यदि जल्द ही नई रक़म प्राप्त नहीं हुई तो पूरे क्षेत्र में लाखों फ़लस्तीनियों तक अहम सेवाएँ पहुँचाने के प्रयासों पर असर होगा.फ़लस्तीन पर वर्किंग समूह ने यूएन एजेंसी के लिए धन कटौती पर गहरी चिन्ता जताई और कहा कि यह अनिवार्य है कि UNRWA को वित्तीय संकट का निपटारा करने और ग़ाज़ा को भयावह हालात से उबारने के लिए आवश्यक समर्थन प्रदान किया जाए.

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