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ग़ाज़ा: हिंसक टकराव से हुई भारी तबाही, पुनर्निर्माण की क़ीमत 70 अरब डॉलर होने का अनुमान

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पिछले दो वर्ष से जारी लड़ाई और इसराइली बमबारी में ग़ाज़ा में बड़े पैमाने पर बर्बादी हुई है, जिसे फिर से खड़ा करने और सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 70 अरब डॉलर की धनराशि की आवश्यकता होगी. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के अनुसार, ग़ाज़ा का 84 प्रतिशत हिस्सा विध्वंस का शिकार हुआ है और कुछ इलाक़ों में तो यह 92 फ़ीसदी तक है. ग़ाज़ा पट्टी 41 किलोमीटर लम्बा और दो से पाँच किलोमीटर तक चौड़ा है, मगर इस क्षेत्र में बीते शुक्रवार को लागू हुए युद्धविराम से पहले निरन्तर इसराइली बमबारी की वजह से बहुत कम इलाक़े ही अछूते हैं.फ़लस्तीन के लिए यूएन विकास कार्यक्रम के विशेष प्रतिनिधि याको सिलियर्स ने मंगलवार को येरुशलम से बताया कि संयुक्त राष्ट्र, योरोपीय संघ और विश्व बैन्क के एक आकलन में ग़ाज़ा में हुई क्षति की क़ीमत 70 अरब डॉलर आंकी गई है. Tweet URL

उन्होंने जिनीवा में पत्रकारों को बताया कि पूरे ग़ाज़ा में क़रीब 84 प्रतिशत इलाक़ा क्षतिग्रस्त है जबकि ग़ाज़ा सिटी जैसे इलाक़ों में यह 92 प्रतिशत तक है. विशाल स्तर पर पुनर्निर्माण अभियान के लिए अगले तीन वर्षों में 20 अरब डॉलर की आवश्यकता होगी.यूएन विकास कार्यक्रम, अपने साझेदार संगठनों के साथ मिलकर 21 लाख लोगों तक मानवीय सहायता पहुँचाने के लिए प्रयासों में जुटी है. इसके तहत, स्वच्छ जल, आपात रोज़गार, मेडिकल आपूर्ति, ठोस कचरा प्रबन्धन, आवास व सार्वजनिक स्थल सुरक्षा, समेत मलबे में छिपे हुए विस्फोटकों को हटाने की कोशिशें की जा रही हैं.विशेष प्रतिनिधि सिलियर्स ने कहा कि अब तक 81 हज़ार टन मलबा हटाया जा चुका है, यानि लगभग 3,100 ट्रकों में लदे मलबे जितना. इस सफ़ाई से मानवीय सहायताकर्मियों के लिए स्थानीय आबादी तक ज़रूरी राहत व समर्थन पहुँचाने में मदद मिलेगी. इसके अलावा, अस्पतालों व सामाजिक सेवाओं के लिए भी मलबे को हटाया जा रहा है.यूएन विकास कार्यक्रम प्रतिनिधि के अनुसार, ग़ाज़ा में पुनर्निर्माण के लिए अरब देशों के अलावा योरोपीय देशों व संयुक्त राज्य अमेरिका से सम्भावित दान के संकेत मिले हैं.युद्धविराम पर हुई सहमतिसोमवार को 20 जीवित इसराइली बन्धकों को रिहा कर दिया गया था, और इसराइली जेलों में बन्द फ़लस्तीनी बन्दियों को भी रिहा किया गया.सोमवार को ही मिस्र के शर्म अल-शेख़ शहर में इसराइल और हमास के बीच युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर हुए जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प, क़तर, मिस्र और तुर्कीये के नेताओं ने अहम भूमिका निभाई है.संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सभी शेष बन्धकों की रिहाई का स्वागत किया था, जिन्हें 7 अक्टूबर 2023 को इसराइल पर हमास व अन्य हथियारबन्द गुटों के आतंकी हमलों के बाद बन्धक बना लिया गया था.अब मृत बन्धकों को उनके परिवार को सौंपने पर ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है, जोकि अन्तरराष्ट्रीय रैडक्रॉस समिति की देखरेख में होगा. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हमास द्वारा कितने मृत बन्धकों को सौंपा जाएगा.सहायता का स्तर बढ़ाना होगाइस बीच, मानवीय सहायता संगठनों ने एक बार फिर इसराइली प्रशासन से ग़ाज़ा तक पहुँचने के लिए सभी मार्गों को खोलने की अपील दोहराई है.ग़ाज़ा के लिए विशाल स्तर पर मानवीय सहायता अभियान चलाए जाने की कोशिशें हो रही हैं. तीन लाख से अधिक फ़लस्तीनियों ने शुक्रवार से ग़ाज़ा के उत्तरी हिस्से में स्थित ग़ाज़ा सिटी का रुख़ किया है.संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) के प्रवक्ता रिकार्डो पिरेस ने बताया कि अन्तरराष्ट्रीय समुदाय और आम लोगों में यह आशा थी कि पीड़ा का अन्त होने की शुरुआत हो गई है और हालात बदलना शुरू हो जाएंगे.मगर फ़िलहाल यह ज़मीन पर परिलक्षित नहीं हो पा रहा है. पर्याप्त स्तर पर राहत सामग्री मुहैया नहीं हो पा रही है.इसराइली प्रशासन ने 1.90 लाख टन राहत सामान की अनुमति दी है और यूएन एजेंसियाँ अपने साझेदार संगठनों के साथ इसे वितरित करने में जुटी हैं, मगर इससे कहीं अधिक पैमाने पर आपूर्ति की ज़रूरत होगी.इसके मद्देनज़र, यूएन मानवतावादी कार्यालय के प्रवक्ता येन्स लार्क ने शर्म अल-शेख़ में एकत्र हुए विश्व नेताओं से अपील की है कि सहायता अभियान को आगे बढ़ाने के लिए हरसम्भव प्रयास किए जाने होंगे.

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