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विमानन परिषद: 'मलेशिया एयरलाइंस का विमान गिराने के लिए रूस ज़िम्मेदार'

 - World News in Hindi

संयुक्त राष्ट्र की एक संस्था ने 17 जुलाई 2014 को, यूक्रेन के पूर्वी हवाई क्षेत्र से गुज़र रहे मलेशिया एयरलाइंस के विमान MH17 को गिराने के लिए, रूस को ज़िम्मेदार ठहराया है. इस घटना में, विमान में सवार सभी 298 लोगों की मौत हो गई थी. अन्तरराष्ट्रीय नागरिक विमानन संगठन (ICAO) की परिषद ने, सोमवार को एक मतदान के ज़रिये यह निष्कर्ष निकाला है, जिसके अनुसार, रूस, अन्तरराष्ट्रीय विमानन क़ानून के तहत अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में विफल साबित हुआ है.इस क़ानून के तहत सदस्य देशों का यह दायित्व है कि वे उड़ान भर रहे नागरिक विमानों पर हथियारों का प्रयोग नहीं करें.यह मामला, नैदरलैंड्स और ऑस्ट्रेलिया ने, ICAO के सामने प्रस्तुत किया था.विमानन संगठन ने कहा कि ICAO के इतिहास में ऐसा पहली बार है जब परिषद ने अपनी विवाद निपटान व्यवस्था के तहत सदस्य देशों के बीच किसी मामले पर निर्णय सुनाया है.17 देशों के यात्री मलेशिया एयरलाइंस का विमान, उड़ान संख्या MH17, ऐम्स्टर्डम से कुआलालम्पुर जाते समय, यूक्रेन के पूर्वी हवाई क्षेत्र में मिसाइल का निशाना बनने की वजह से दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. यह घटना उस समय हुई जब क्षेत्र में रूसी समर्थित विद्रोहियों और यूक्रेनी सैन्य बलों के बीच सशस्त्र लड़ाई चल रही थी.इस विमान में सवार सभी 283 यात्रियों और चालक दल के 15 सदस्यों की मौत हो गई थी. मृतकों में 17 देशों के नागरिक थे, जिनमें 196 डच नागरिक, 43 मलेशियाई और 38 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक या निवासी थे.ICAO, वैश्विक विमानन रणनीतियों और तकनीकी मानकों को विकसित व उन्हें लागू करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी है. ICO ने इस हादसे के कुछ सप्ताह बाद, युद्धग्रस्त क्षेत्रों से नागरिक उड्डयन को होने वाले जोखिमों की समीक्षा के लिए एक विशेष टास्क फ़ोर्स भी गठित की थी.नैदरलैंड्स ने अगस्त 2014 में ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, बेल्जियम और यूक्रेन के साथ मिलकर एक संयुक्त जाँच दल (JIT) की स्थापना की.JIT जाँच के निष्कर्ष के अनुसार, उड़ान MH17 को एक Buk TELAR प्रणाली से दागी गई मिसाइल से निशाना बनाया गया था, जिसे रूस से लाकर पूर्वी यूक्रेन के एक खेत में तैनात किया गया था. यह क्षेत्र उस समय अलगाववादियों के नियंत्रण में था.नवम्बर 2022 में एक डच अदालत ने इस मामले में तीन लोगों, दो रूसी और एक यूक्रेनी नागरिक को हत्या का दोषी ठहराया. उनकी अनुपस्थिति में मुक़दमे की कार्रवाई हुई, और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई. एक अन्य रूसी अभियुक्त को बरी कर दिया गया.विमानन सन्धि का उल्लंघनउसी वर्ष, नैदरलैंड्स और ऑस्ट्रेलिया ने यह मामला ICAO के समक्ष पेश किया.इस मामले में मुख्य आरोप था कि यूक्रेन के पूर्वी इलाक़े में विमान को सतह से हवा में मारने वाली मिसाइल से गिराने में, रूस की भूमिका, अन्तरराष्ट्रीय नागरिक विमानन सन्धि का उल्लंघन है.वर्ष 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर पूर्ण स्तर पर आक्रमण शुरू किए जाने के बाद से, इस युद्ध ने और अधिक भयावह रूप ले लिया है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) के अनुसार, अब तक 13 हज़ार से अधिक आम लोग मारे जा चुके हैं और 31 हज़ार से ज़्यादा घायल हुए हैं.

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