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नेपाल में खसरे का प्रकोप बढ़ा, टीकाकरण की अपील

Measles Outbreak Surges in Nepal; Appeal Issued for Vaccination - World News in Hindi

काठमांडू । नेपाल के बागलुंग जिले में खसरे का प्रकोप बढ़ा है। कई बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। यह प्रकोप जनवरी में मलंगावा नगर पालिका, सरलाही जिले से शुरू हुआ था और करीब 10 दिन पहले धोरपाटन नगर पालिका तक पहुंच गया था। अब यह संक्रमण पड़ोसी ग्रामीण पालिकाओं निशिखोला और बडीगढ़ में भी फैल चुका है। स्थानीय मीडिया ने इसकी जानकारी दी है। द काठमांडू पोस्ट ने स्वास्थ्य अधिकारियों के हवाले से बताया कि गुरुवार तक धोरपाटन से 83 लोग—ज्यादातर 10 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे—संक्रमित पाए गए हैं और इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। परिवार कल्याण प्रभाग के टीकाकरण अनुभाग के प्रमुख डॉ. अभियान गौतम ने बताया कि अब यह बीमारी निसिखोला और बडिगाड ग्रामीण पालिकाओं तक फैल चुकी है। उन्होंने कहा कि तेज बुखार से पीड़ित कई संक्रमित मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ में खसरे की जटिलता के रूप में निमोनिया भी विकसित हो गया है।
उन्होंने बताया कि गंभीर हालत में एक बच्चे को गंडकी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
धोरपाटन में तैनात स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, बीमारी नगर पालिका के वार्ड 7, 8 और 9 में तेजी से फैली है। धोरपाटन नगर पालिका में कार्यरत जनस्वास्थ्य अधिकारी भूमिश्वर शर्मा ने बताया कि तेज बुखार और अन्य जटिलताओं से पीड़ित 11 बच्चों को बुरतीबांग अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि छह अन्य बच्चों का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।
खसरा एक अत्यंत संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति की नाक और मुंह से निकलने वाली बूंदों के जरिए फैलती है। यह बीमारी बिना टीकाकरण वाले लोगों के लिए जानलेवा भी हो सकती है। खसरे से बचाव के लिए दो खुराक वाला टीका लगाया जाता है, जो बच्चों को 9 महीने और 15 महीने की उम्र में दिया जाता है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि निसिखोला में पिछले दो महीनों में यह चौथा प्रकोप है, जिससे स्पष्ट होता है कि वायरस का प्रसार अभी नियंत्रित नहीं हो पाया है। नौ महीने से कम उम्र के शिशु भी संक्रमित पाए गए हैं, जबकि अधिकांश संक्रमित बच्चों की टीकाकरण स्थिति स्पष्ट नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार पिछले एक दशक में टीकाकरण में आई कमी भी इस तेजी से फैलते संक्रमण की बड़ी वजह हो सकती है।
इसी बीच सरकार ने शुक्रवार से धोरपाटन नगर पालिका में टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान के तहत 10 से 19 वर्ष की आयु के लगभग 7,000 बच्चों को टीका लगाने की योजना है। साथ ही निसिखोला और बडिगाड में भी टीकाकरण अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सरकार ने आपातकालीन वैक्सीन आपूर्ति के लिए खसरा और रूबेला पार्टनरशिप से भी अनुरोध किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कम टीकाकरण कवरेज, जागरूकता की कमी, प्रवासी आबादी और सरकारी तंत्र की ढिलाई के कारण देश में समय-समय पर खसरे के प्रकोप सामने आते रहते हैं।
नेपाल ने 2026 तक खसरे को खत्म करने का लक्ष्य रखा था, क्योंकि जून 2023 के बाद कोई बड़ा प्रकोप दर्ज नहीं हुआ था। हालांकि बागलुंग और सरलाही में हालिया संक्रमण ने इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में देश की प्रगति पर नकारात्मक असर डाला है।
डॉक्टरों के अनुसार खसरे के शुरुआती लक्षण संक्रमण के 10-12 दिन बाद दिखाई देते हैं, जिनमें तेज बुखार, नाक बहना, आंखों का लाल होना और खांसी शामिल हैं। यह बीमारी छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए विशेष रूप से खतरनाक हो सकती है।
--आईएएनएस

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Web Title-Measles Outbreak Surges in Nepal; Appeal Issued for Vaccination
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