• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

इमरान ख़ान ने जेल से साधा निशाना : आसिम मुनीर ने पाकिस्तान को हार्ड स्टेट बना दिया

Imran Khan takes aim from jail: Asim Munir has turned Pakistan into a hard state - World News in Hindi

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) के ज़रिए जारी एक बयान में सेना प्रमुख फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सैन्य नेतृत्व ने “पाकिस्तान को ताक़त के ज़रिए चलने वाला हार्ड स्टेट” बना दिया है, जहां संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों को कुचल दिया गया है। 73 वर्षीय इमरान ख़ान, जो पिछले दो वर्षों से विभिन्न मामलों में जेल में बंद हैं, ने अपने बयान में लिखा—“असल मायनों में एक मज़बूत देश वह होता है, जहां संविधान की सर्वोच्चता, क़ानून का राज, न्याय और लोकतांत्रिक आज़ादियां कायम हों। लेकिन आसिम मुनीर के ‘हार्ड स्टेट’ का मतलब है ऐसा सिस्टम जहां लोकतंत्र के सभी स्तंभों को कुचलकर ‘आसिम क़ानून’ लागू किया गया है।” इमरान ख़ान ने अपने बयान में “आसिम क़ानून” शब्द का प्रयोग कर सीधे तौर पर यह संकेत दिया कि देश में अब संविधान नहीं, बल्कि सेना प्रमुख की इच्छानुसार “नया क़ानून” चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस तथाकथित क़ानून के तहत नागरिकों, पत्रकारों और विपक्षी नेताओं पर अत्याचार किए जा रहे हैं।
“किसी भी देश को उसके लोगों के समर्थन और सहमति के बिना मज़बूत नहीं बनाया जा सकता। जिस तरह के अत्याचार तथाकथित ‘आसिम क़ानून’ के तहत किए जा रहे हैं, वह देश को मज़बूत नहीं बल्कि उसकी नींव को कमज़ोर कर रहे हैं,”इमरान ने लिखा।
बयान में इमरान ख़ान ने अपने जेल जीवन की परिस्थितियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने दावा किया कि उन्हें पूरी तरह से अलग-थलग रखा गया है और जेल मैनुअल के तहत मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित किया गया है।
उन्होंने कहा-“मुझे पूरी तरह अकेलेपन में रखा गया है। पाकिस्तान के इतिहास में राजनीतिक बदले की इससे बड़ी मिसाल नहीं है,”।
इमरान ख़ान को मई 2023 में गिरफ़्तार किया गया था। उस समय उनके समर्थकों ने पूरे देश में हिंसक प्रदर्शन किए थे, जिसके बाद सेना ने सख़्ती से हालात संभाले।तब से इमरान और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (PTI) पर व्यापक कार्रवाई जारी है — कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया, पार्टी के दफ़्तर बंद किए गए और मीडिया कवरेज पर रोक लगाई गई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इमरान ख़ान और आसिम मुनीर के बीच यह टकराव पाकिस्तान की सत्ता-संरचना का मूल संकट बन चुका है। सेना लंबे समय से पाकिस्तान की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाती रही है, लेकिन इमरान ख़ान पहले ऐसे नेता बने जिन्होंने खुलकर सेना के भीतर ‘सत्ता-नियंत्रण’ की आलोचना की।
“हार्ड स्टेट” की अवधारणा पाकिस्तान की सियासी बहस में नई नहीं है, लेकिन इमरान के बयान ने इसे एक बार फिर केंद्र में ला दिया है। उन्होंने ‘हार्ड स्टेट’ को उस शासन व्यवस्था से जोड़ा है जहां क़ानून की जगह डर और सत्ता का प्रभाव चलता है, जबकि लोकतांत्रिक संस्थान सिर्फ़ दिखावे के लिए रह जाते हैं।
“इमरान ख़ान का बयान सेना और सरकार दोनों के लिए एक चुनौती है। वह जेल में रहते हुए भी एक प्रतीकात्मक प्रतिरोध का केंद्र बने हुए हैं। उनके शब्द देश के भीतर असंतोष की झलक दिखाते हैं।”
अब तक सेना या सरकार की ओर से इमरान ख़ान के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि हाल के महीनों में आसिम मुनीर ने कई मौकों पर कहा है कि “राज्य के दुश्मनों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा” और “क़ानून का राज हर कीमत पर कायम रखा जाएगा”।
सेना समर्थक विश्लेषक कहते हैं कि इमरान ख़ान की भाषा “राज्य-विरोधी नैरेटिव” को बढ़ावा देती है, जो पाकिस्तान की स्थिरता के लिए ख़तरनाक है।
भले ही इमरान ख़ान शारीरिक रूप से जेल में हैं, लेकिन उनके बयान लगातार सोशल मीडिया पर सामने आ रहे हैं। PTI की डिजिटल टीम उनके विचारों और संदेशों को एक्स, यूट्यूब और टेलीग्राम जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर साझा करती है। यह रणनीति उन्हें राजनीतिक रूप से जीवित रखे हुए है, जबकि उनकी पार्टी को चुनावी राजनीति से लगभग बाहर कर दिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तान में विपक्षी नेताओं और पत्रकारों पर हो रही कार्रवाई को लेकर चिंता जताई है। एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच ने बार-बार इमरान ख़ान की जेल स्थिति की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
पाकिस्तान में अगले आम चुनावों को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।विश्लेषकों का मानना है कि अगर इमरान ख़ान को राजनीतिक रूप से निष्क्रिय रखने की कोशिश जारी रही, तो देश में राजनीतिक अस्थिरता और गहराई पकड़ सकती है।
इमरान ख़ान का ताज़ा बयान पाकिस्तान की सियासी लड़ाई के अगले दौर का संकेत देता है। एक ओर आसिम मुनीर की सैन्य सत्ता है, जो खुद को “राज्य की स्थिरता” का संरक्षक बताती है, और दूसरी ओर इमरान ख़ान, जो जेल से भी “जनता की आवाज़” बनने का दावा करते हैं। अब देखना यह है कि पाकिस्तान का भविष्य किस ओर झुकता है — “हार्ड स्टेट” की दिशा में या “रूल ऑफ लॉ” की ओर।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-Imran Khan takes aim from jail: Asim Munir has turned Pakistan into a hard state
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: imran khan, jail, asim munir, pakistan, hard state, \r\n, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news
Khaskhabar.com Facebook Page:

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved