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जापान की यूएनएससी में स्थायी सदस्यता का चीन ने किया विरोध

China opposes Japan permanent UNSC membership - World News in Hindi

बीजिंग । संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू कांग ने यूएनएससी (संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद) में जापान की स्थायी सदस्यता का विरोध किया। उन्होंने ताइवान को लेकर जापानी पीएम ताकाइची की टिप्पणी को आधार बनाकरअपनी बात रखी। मंगलवार (18 नवंबर) को (स्थानीय समयानुसार) कहा कि जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची की ताइवान पर टिप्पणी बेहद गलत और खतरनाक है, इसलिए ऐसा देश सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता पाने के योग्य नहीं है। फू ने सुरक्षा परिषद सुधार पर संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक बहस में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ताकाइची ने संसदीय बैठक के दौरान ताइवान को लेकर भड़काऊ टिप्पणी की थी। उन्होंने दावा किया था कि चीन का "ताइवान पर बल प्रयोग" जापान के "अस्तित्व के लिए खतरा" पैदा कर सकता है।
फू ने ताइवान को चीन का अविभाज्य हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, "यह सर्वविदित है कि दुनिया में केवल एक ही चीन है, और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की सरकार पूरे चीन का प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र वैध सरकार है। ताइवान चीनी क्षेत्र का एक अविभाज्य हिस्सा है।"
उन्होंने कहा, "ऐसी टिप्पणियां अंतर्राष्ट्रीय न्याय, युद्धोत्तर अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी मानदंडों का अपमान हैं और शांतिपूर्ण विकास के प्रति जापान की प्रतिबद्धता से बिलकुल उलट हैं।"
सिन्हुआ के अनुसार जापान ने जब अपना पक्ष रखा तो फू ने जापानी पक्ष की टिप्पणियों के जवाब में कहा, "द्वितीय विश्व युद्ध को 80 वर्ष हो चुके हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के तथ्य निर्विवाद और अकाट्य हैं, और जापान के युद्ध और औपनिवेशिक अपराध असंख्य और अक्षम्य हैं, जिनमें संशोधन की कोई गुंजाइश नहीं है। जापानी पक्ष द्वारा किया गया कोई भी बचाव इस बात को और पुष्ट करता है कि जापान अभी भी अपने आक्रमण के इतिहास पर चिंतन करने में विफल रहा है।"
फू ने यह भी कहा कि ऐतिहासिक रूप से, जापानी सैन्यवाद ने तथाकथित "अस्तित्वगत संकट" को बार-बार विदेशी आक्रमणों को शुरू करने के बहाने के रूप में इस्तेमाल किया है, जिसमें 1931 में 18 सितंबर की घटना भी शामिल है, जब जापान ने चीन पर आक्रमण करने और आक्रामक युद्ध शुरू करने के लिए "आत्मरक्षा" के अधिकार का दावा किया था, जिससे चीन और दुनिया के लोगों को भारी पीड़ा हुई थी।
चीनी स्थायी प्रतिनिधि ने जापान को कड़ी चेतावनी दी। बोले, "वह चीन के आंतरिक मामलों में दखल देना तुरंत बंद करे और भड़काऊ टिप्पणियों और कार्रवाइयों को वापस ले जो सीमा पार कर गई हैं, और ताइवान के मुद्दे पर आग से खेलना बंद करे।"
--आईएएनएस

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Web Title-China opposes Japan permanent UNSC membership
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