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सशस्त्र बलों का एकीकरण विरोधी देशों की चुनौतियों का सामना करने के लिए : राजनाथ

Unification of armed forces to meet challenges of hostile countries: Rajnath - India News in Hindi

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि सशस्त्र बलों का एकीकरण विरोधी देशों की चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत की क्षमताओं को संयुक्त रूप से बढ़ाने का एक प्रयास है। 'आजादी का अमृत महोत्सव' के हिस्से के रूप में रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित समारोह में उन्होंने सशस्त्र बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को पांच रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के उत्पाद भी सौंपे और सात सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ छह प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (टीओटी) समझौतों का निष्पादन किया। इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने कहा, "जब हम एकीकरण और संयुक्तता के बारे में बात करते हैं, तो यह केवल सरकार द्वारा की गई पहलों तक ही सीमित नहीं है। इसकी सफलता हमारे रक्षा बलों के दिमाग से मिलकर हासिल की जानी है। यह एक प्रयास है। हमारे विरोधियों द्वारा पेश की गई चुनौतियों का सामना करने के लिए हमारी क्षमताओं को संयुक्त रूप से बढ़ाने के लिए।" उन्होंने कहा, "हम जिस एकीकरण की बात करते हैं, वह हमारे बलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका मतलब देश के हर संबंधित संगठन के बीच तालमेल भी है।"
रक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षो में डीआरडीओ के दृष्टिकोण में एक बड़ा बदलाव आया है, जिससे यह न केवल मौजूदा खतरों को कम करने के लिए प्रौद्योगिकियों पर काम कर रहा है, बल्कि भविष्य का सामना करने के लिए अपनी तरह की पहली प्रौद्योगिकियों पर भी काम कर रहा है।
रक्षा विनिर्माण आधार और शुद्ध रक्षा निर्यातक के लिए भारत को एक मजबूत मंच बनाने के उद्देश्य पर राजनाथ सिंह ने कहा कि डीआरडीओ ने इस प्रयास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा, "इसका मार्ग डीआरडीओ, सशस्त्र बलों, निजी उद्योग, स्टार्टअप और शिक्षाविदों के बीच सहयोग से गुजरता है। निजी खिलाड़ियों के साथ टीओटी जो आज हुआ, यह दर्शाता है कि हम देश में एक मजबूत रक्षा औद्योगिक आधार बनाने के लिए तैयार हैं जो न केवल घरेलू रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि रक्षा वस्तुओं के निर्यात से मित्र देशों की जरूरतों को भी पूरा करेगा।"
तमिलनाडु में हाल ही में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में जान गंवाने वाले दिवंगत चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस), जनरल बिपिन रावत और अन्य लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि तीनों सेनाओं के एकीकरण और आधुनिकीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। सीडीएस और सैन्य मामलों के विभाग के पद का सृजन निर्बाध रूप से आगे बढ़ेगा और लक्ष्य को जल्द से जल्द हासिल करना सरकार की प्राथमिकता होगी।
युद्ध में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर जोर देते हुए सिंह ने कहा कि भारत का उद्देश्य देश को रक्षा प्रौद्योगिकी में अग्रणी बनाना होना चाहिए और हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल के विकास को एक ऐसी उन्नत तकनीक के रूप में पहचाना जाना चाहिए और इसके लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए।
रक्षा मंत्री ने मिशन शक्ति को विकसित करने में डीआरडीओ के वैज्ञानिक कौशल का हवाला देते हुए कहा कि डीआरडीओ स्मार्ट सामग्री, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निग आधारित सिस्टम, झुंड ड्रोन, असममित युद्ध और अन्य पर काम कर रहा है।
सिंह ने कहा कि सरकार कई नीतिगत सुधार लाकर 'मेक इन इंडिया और मेक फॉर द वल्र्ड' के उद्देश्य को साकार करने के लिए एक ठोस तरीके से काम कर रही है, जैसे कि रक्षा क्षेत्र में स्वचालित मार्ग से एफडीआई को 74 प्रतिशत तक बढ़ाना, ओएफबी का निगमीकरण। उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में रक्षा गलियारों का निर्माण, रक्षा उत्पादन और निर्यात संवर्धन नीति 2020 का निर्माण और अन्य के बीच घरेलू विनिर्माण के लिए रक्षा वस्तुओं की सकारात्मक सूची लाना।
उन्होंने कहा कि इन नीतियों का उद्देश्य घरेलू रक्षा उद्योग को मजबूत करके सशस्त्र बलों को मजबूत बनाना है।
सशस्त्र बलों और गृह मंत्रालय को सौंपे गए उत्पाद एंटी-ड्रोन सिस्टम, मॉड्यूलर ब्रिज, स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड हथियार, चैफ वेरिएंट और लाइट वेट फायर फाइटिंग सूट हैं।
रक्षा मंत्री ने आने वाले ड्रोनों का पता लगाने, उन्हें रोकने और नष्ट करने के लिए डीआरडीओ द्वारा विकसित काउंटर ड्रोन सिस्टम सीआईएससी को सौंपे।
उन्होंने थल सेनाध्यक्ष जनरल एम.एम. नरवणे को एक मॉड्यूलर ब्रिज भी सौंपा।
आर एंड डीई (इंजीनियरों) द्वारा विकसित मॉड्यूलर ब्रिज मिल्रिटी लोड क्लास एमएलसी-70 का सिंगल स्पैन, यांत्रिक रूप से लॉन्च किया गया असॉल्ट ब्रिज है, जिसे अलग-अलग स्पैन में लॉन्च किया जा सकता है।
उन्होंने वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी को स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड वेपन (एसएएडब्ल्यू) भी सौंपा। (आईएएनएस)

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Web Title-Unification of armed forces to meet challenges of hostile countries: Rajnath
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