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वीडियोकॉन ग्रुप दिवालिया होने के कगार पर! NCLT ने स्वीकार की याचिका

NCLT admits Videocon case for insolvency proceedings - India News in Hindi

नई दिल्ली। देश में इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स बनाने वाली कंपनी वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के खिलाफ दिवालिया कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के नेतृत्व में कंपनी को कर्ज देने वाले बैंकों ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में याचिका दाखिल कर कंपनी को दिवालिया घोषित करने की मांग की है। एनसीएलटी ने बैंकों की याचिका को स्वीकार भी कर लिया। वीडियोकॉन अब बैंकरप्सी कोड के तहत नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के दायरे में आ गई है। अगले 180 दिनों में बोली के जरिए कंपनी के लिए नए मालिक की तलाश शुरू हो सकती है। दिवालिया याचिका हुई स्वीकार...
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ ने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के खिलाफ दिवालिया याचिका स्वीकार कर ली। वेणुगोपाल धूत की फ्लैगशिप कंपनी वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज पर बैंकों का करीब 20,000 करोड़ रुपए का कर्ज बकाया है और वह चुकाने में अनियमित रही है।
कर्ज में दबी इस कंपनी को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से कर्जदाताओं को 20000 करोड़ रुपए के कर्ज के 80 फीसदी हिस्से की वसूली हो जाएगी। कंपनी ने अप्रैल में एनसीएलटी की प्रधान पीठ का दरवाजा खटखटाया था। वीडियोकॉन टेलीकॉम के खिलाफ बैंकरप्सी कोर्ट में दायर अर्जी पर सुनवाई हो सकती है। हालांकि, कंपनी का अब मामूली कारोबार है, लेकिन अब भी कंपनी पर 2000 करोड़ से लेकर 3000 करोड़ तक का लोन बकाया है।

कंपनी पर कुल 44 हजार करोड़ कर्ज...

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, वीडियोकॉन ग्रुप की करीब एक दर्जन कंपनियों पर 44000 ककरोड़ का कर्ज है। सभी के खिलाफ लेनदारों ने मामला कोर्ट में डाला है। आरबीआई ने भी दिवालिया संहिता के तहत कर्ज समाधान वाली सूची में वीडियोकॉन को रखा है। हालांकि, वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज की विदेशी इकाई को दिवालिया अदालत नहीं ले जाया गया है, क्योंकि वह अपना कर्ज का पुनर्भुगतान कर रही है। वीडियोकॉन का करीब आधा कर्ज इसकी विदेशी इकाई का है। कंपनी के पास भारत समेत ब्राजील एवं कई अन्य देशों में भी संपत्तियां मौजूद हैं।
कर्ज चुकाने के लिए बेची संपत्ति...
कर्ज चुकाने के लिए पिछले दो साल में वीडियोकॉन ने अपनी कई संपत्तियां बेची। इनमें केनस्टार ब्रांड को एवरस्टोन कैपिटल को बेचा गया। वीडियोकॉन ने बैंकों को भेजे अपने आश्वासन पत्र में कहा था कि वह कर्ज चुकाने के लिए अपनी जमीन तक बेचेगी। कंपनी का फोर्ट मुंबई में मुख्यालय था, जिसे पिछले साल ही 300 करोड़ रुपए में बेचा गया। टाटा समूह ने यह मुख्यालय खरीदा था।

‘बाहर निकल जाएगी कंपनी...’

वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत को उम्मीद है कि वह बैंकरप्सी प्रॉसेस से बाहर निकल सकेगी। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, धूत को उम्मीद है कि वह नए प्रावधानों का इस्तेमाल करेंगे, जिसके तहत यदि 90 फीसदी कर्जदाता सहमत हों तो केस को वापस लिया जा सकता है। वेणुगोपाल धूत के मुताबिक, कंपनी के मामले में 100 फीसदी लेंडर्स नहीं चाहते कि कंपनी को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में ले जाया जाए।

वीडियोकॉन ने 1986 में की थी शुरूआत...

वीडियोकॉन कंपनी की शुरूआत 1986 में अधिगम ट्रेडिंग प्राइवेट के नाम से हुई थी। इस कंपनी ने पेपर ट्यूब के कारोबार की ट्रेडिंग से काम शुरू किया था। 1987 में कंपनी ने ब्लैक एंड व्हाइट टीवी, कलर टीवी और वॉशिंग मशीन के निर्माण में कदम रखा। वीडियोकॉन ने इलेक्ट्रॉनिक आयटम के अलावा तेल गैस, टेलीकॉम और डीटीएच जैसे कई कारोबार में हाथ आजमाया।

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Web Title-NCLT admits Videocon case for insolvency proceedings
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