• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

घोटाले उजागर करने पर IFS संजीव चतुर्वेदी की ACR खराब करने का आरोप: कैट में प्रमुख सचिव (वन) की टूर डायरी और घोटालों की पत्रावलियां तलब

Accused of spoiling IFS Sanjeev Chaturvedi ACR for exposing scams: Tour diary of Principal Secretary (Forest) and files of scams summoned in CAT - Dehradun News in Hindi

खास खबर। देहरादून उत्तराखंड वन विभाग में भ्रष्टाचार और बड़े घोटालों को उजागर करने वाले चर्चित IFS अधिकारी संजीव चतुर्वेदी की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में की गई मनमानी को लेकर केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने सख्त रुख अपनाया है। संजीव कुमार और राजवीर सिंह वर्मा की खंडपीठ ने IFS संजीव चतुर्वेदी द्वारा दाखिल प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए राज्य के मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव (वन) आर.के. सुधांशु को नोटिस जारी कर घोटालों पर कार्रवाई के समस्त दस्तावेज तथा प्रमुख सचिव की टूर डायरी तलब की है। मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को मुकर्रर की गई है।
इससे पहले चतुर्वेदी ने इस वर्ष जून में कैट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि वित्तीय वर्ष 2024-25 की एसीआर में प्रमुख सचिव (वन) आर.के. सुधांशु ने दुर्भावनावश उनकी ग्रेडिंग गिरा दी है। इससे पूर्व 17 जून को कैट ने आर.के. सुधांशु, मुख्य सचिव और प्रमुख वन संरक्षक को नामजद नोटिस जारी किए थे।
याचिका के अनुसार, उत्तराखंड के मुनस्यारी में वर्ष 2019 के दौरान बिना टेंडर फर्जी फर्मों से 1.7 करोड़ रुपए के ईको हट निर्माण, मसूरी वन प्रभाग के 12 हजार में से करीब 7 हजार सीमा स्तंभों (बाउंड्री पिलर्स) के गायब होने, बाहरी नर्सरी से 10 से 40 गुना अधिक दरों पर पौधे खरीदने और मियावाकी रोपण में वित्तीय अनियमिताओं की जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजने की कीमत उन्हें एसीआर में कम ग्रेडिंग के रूप में चुकानी पड़ी।
याचिका के अनुसार मुनस्यारी मामले में जनवरी 2025 में शासन को आपराधिक कार्रवाई हेतु रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसमें तत्कालीन डीएफओ विनय भार्गव को कारण बताओ नोटिस भी जारी हुआ था और केंद्र सरकार ने वन संरक्षण अधिनियम 1980 व भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत अभियोजन के लिए पत्र लिखा था। वहीं, मसूरी में सीमा स्तंभ गायब होने और तत्कालीन डीएफओ द्वारा 2021 से 2024 के बीच करोड़ों रुपए की संपत्तियां जुटाने के मामले में चतुर्वेदी ने सीबीआई या एसआईटी जांच की सिफारिश की थी।
सर्वोच्च न्यायालय की 'ललिता कुमारी' नजीर का हवाला देते हुए याचिका में कहा गया कि संज्ञेय अपराध सामने आने के बावजूद इतने समय से प्राथमिकियां दर्ज नहीं की गईं। चतुर्वेदी ने कैट से प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु की 2024-25 की टूर डायरी मंगाने का अनुरोध किया ताकि यह साबित हो सके कि पूरे साल उन्होंने न तो चतुर्वेदी के किसी काम का भौतिक निरीक्षण किया और न ही कोई बैठक की, जिससे आधारहीन ग्रेडिंग स्वतः निरस्त हो जाए। कैट ने इस पर उत्तराखंड सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-Accused of spoiling IFS Sanjeev Chaturvedi ACR for exposing scams: Tour diary of Principal Secretary (Forest) and files of scams summoned in CAT
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: sanjiv chaturvedi ifs, central administrative tribunal, uttarakhand forest department, rk sudhanshu, acr downgrading, munsyari eco hut scam, mussoorie boundary pillars, lalita kumari judgment, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, dehradun news, dehradun news in hindi, real time dehradun city news, real time news, dehradun news khas khabar, dehradun news in hindi
Khaskhabar.com Facebook Page:

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved