लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) 38, समाजवादी पार्टी्र (सपा) 37 और आरएलडी 3 सीटों पर गठबंधन के रूप में चुनाव लड़ी थीं। बसपा को 10 और सपा को सिर्फ 5 सीटों पर जीत मिली, जबकि माना जा रहा था कि गठबंधन भाजपा को कड़ी टक्कर देगा। ये भी पढ़ें - अपने राज्य - शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
इस नतीजे के बाद से ही लग रहा था कि गठबंधन टूटेगा, जिस पर आज मंगलवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने मोहर लगा दी। मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बसपा प्रदेश में 11 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में अकेले लड़ेगी। उन्होंने कहा कि सपा का बेस वोट ही छिटक गया है तो उन्होंने बसपा को वोट कैसे दिया होगा। यह बात सोचने पर मजबूर करती है।
हमने समीक्षा बैठक में पाया कि बसपा काडर आधारित पार्टी है और खास मकसद से सपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा गया था लेकिन हमें सफलता नहीं मिल पाई। सपा के काडर को भी बसपा की तरह किसी भी वक्त के लिए तैयार रहने की जरूरत है। इस बार के चुनाव में सपा ने यह मौका गंवा दिया।
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