• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव - जितेंद्र मिश्रा को सीईओ, गोविंददेव गिरि को महामंत्री की कमान

Major Changes in Ram Mandir Trust - Jitendra Mishra Appointed CEO, Govinddev Giri Takes Charge as General Secretary - Lucknow News in Hindi

अयोध्या, । श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त उपाध्यक्ष एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया। वहीं, स्वामी गोविंददेव गिरि को महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही न्यास में रिक्त तीन पदों पर महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडे और डॉ. निर्मला यादव को नया न्यासी नियुक्त किया गया है। न्यास की बैठक में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच की प्रगति और उच्चतम न्यायालय के आदेश पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा मंदिर में आने वाले चढ़ावे की नकद राशि की गणना में मानवीय हस्तक्षेप कम करने के लिए तकनीक के इस्तेमाल, वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक लेखों समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लिए गए। सीईओ के चयन के लिए गठित समिति की अनुशंसा पर विचार करने के बाद न्यास ने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को मंजूरी दी। न्यास के अनुसार, मिश्र ने भारतीय वायुसेना में करीब 39 वर्ष तक विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं और उन्हें नेतृत्व का लंबा अनुभव है।
न्यास की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया है। न्यास ने पिछले वर्ष हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का संचालन भी उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में होने की बात कही है। उम्मीद जताई गई है कि जितेंद्र मिश्रा शीघ्र ही सीईओ का कार्यभार संभालेंगे। राम मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या के बीच सीईओ के सामने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने की चुनौती होगी। मंदिर प्रबंधन, सुरक्षा, कर्मचारी व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों के बीच समन्वय उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होगा।
न्यास ने सीईओ चयन समिति के सदस्यों न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी, सुरेश हावडे और समिति के सचिव समीर पंडा के प्रति आभार जताया। न्यास के अनुसार, चयन समिति ने कम समय में करीब साढ़े पांच हजार आवेदनों की जांच की और सैकड़ों आवेदकों का साक्षात्कार लेने के बाद इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को पूरा किया। न्यास में तीन नए सदस्यों की नियुक्ति के साथ पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया है।
स्वामी गोविंददेव गिरि अब महामंत्री की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि महेश भागचंदका कोषाध्यक्ष का दायित्व निभाएंगे। न्यासियों ने पिछले दो महीनों की कठिन और चुनौतीपूर्ण अवधि में महामंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के लिए कृष्ण मोहन जी की सराहना की और उनके प्रति आभार जताया। बैठक में मंदिर में आने वाले चढ़ावे की नदद राशि की गणना की प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम करने पर भी जोर दिया गया।
न्यास के अनुसार, इस संबंध में दो बैंकों और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) से प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जा रहा है और तकनीक की सहायता से इस दिशा में जल्द आगे बढ़ने की तैयारी है। न्यासियों ने कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित मामले में एसआईटी की जांच और उच्चतम न्यायालय में हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की। न्यास ने सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश का स्वागत किया, जिसके तहत जांच का दायरा कालखंड और विषय, दोनों स्तर पर विस्तृत किया गया है।
न्यास ने कहा कि विस्तृत जांच से वास्तविक तथ्य सामने आने और जनमानस में पैदा हुए किसी भी भ्रम के दूर होने में मदद मिलेगी। वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक लेखे भी बैठक में प्रस्तुत किए गए। न्यास के अनुसार, इस वित्त वर्ष में उसकी कुल आय 237 करोड़ रुपए रही, जबकि कुल व्यय 91 करोड़ रुपए रहा। इसके अलावा निर्माण आदि कार्यों पर 425 करोड़ रुपए का पूंजीगत व्यय किया गया। 31 मार्च 2026 को वित्त वर्ष की समाप्ति पर न्यास के पास कुल उपलब्ध राशि 1,882 करोड़ रुपए थी।न्यासी मंडल ने वार्षिक लेखों का अनुमोदन कर दिया।
महेश भागचंदका 68 वर्षीय स्नातक, व्यवसायी और समाजसेवी हैं तथा नई दिल्ली में रहते हैं। वह ‘हिन्दुत्व के पुरोधा’ पुस्तक के लेखक हैं। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भूमि-पूजन और प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रमों में उन्होंने यजमान के रूप में अनुष्ठानों में सहभागिता की है। वह श्रीराम वन गमन यात्रा से जुड़े 292 पवित्र तीर्थस्थलों पर श्रीराम स्तंभ स्थापना के कार्य से भी जुड़े रहे हैं। वह वर्ल्ड हिंदू इकनॉमिक फोरम की कार्यकारिणी के सदस्य हैं।
मदन मोहन पांडे 74 वर्षीय विधि स्नातक और अधिवक्ता हैं। अयोध्या छावनी निवासी पांडे ने श्रीराम जन्मभूमि मामले में 1990 से 2019 तक उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में श्रीराम लला विराजमान और महंत श्री रामचंद्र परमहंस दास की ओर से पैरवी की। वह उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त महाधिवक्ता का दायित्व छह वर्ष तक संभाल चुके हैं। वह श्री हरि सत्संग समिति के उपाध्यक्ष और अयोध्या में कथाकार योजना प्रशिक्षण केंद्र के पालक हैं।
डॉ. निर्मला यादव 66 वर्षीय शिक्षाविद हैं। उन्होंने हिंदी और संस्कृत में परास्नातक तथा पीएचडी की है। वह 19 वर्ष तक महाविद्यालय की प्राचार्य रहीं और अब सेवानिवृत्त हैं। वह पीएचडी शोधप्रबंध और एमए की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन से भी जुड़ी रही हैं। वह 15 वर्ष तक विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की सदस्य भी रहीं।
--आईएएनएस

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-Major Changes in Ram Mandir Trust - Jitendra Mishra Appointed CEO, Govinddev Giri Takes Charge as General Secretary
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: ram mandir trust - jitendra mishra appointed ceo, govinddev giri general secretary, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, lucknow news, lucknow news in hindi, real time lucknow city news, real time news, lucknow news khas khabar, lucknow news in hindi
Khaskhabar.com Facebook Page:
स्थानीय ख़बरें

उत्तर प्रदेश से

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved