• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

कोरोना संकट में ग्रामीण महिलाओं का योगदान, 61 लाख मास्क किए तैयार

Contribution of rural women in corona crisis, - Lucknow News in Hindi

लखनऊ । कोरोना संकट में जब सारे कामकाज ठप पड़े हैं। शहर से गांवों तक सभी परेशान हैं, तब भी ग्रामीण पृष्ठभूमि की महिलाएं इस समय में देश के लिए अपना योगदान देने में जुटी हुई हैं। लॉकडाउन के दौरान इन ग्रामीण महिलाओं ने 61 लाख मास्क तैयार किए हैं और खुद को निष्ठावान कोरोना वारियर्स के रूप में प्रस्तुत किया है। इतना ही नहीं, इन महिलाओं ने अपनी कमाई से घर-गृहस्थी के आर्थिक मोर्चे को भी संभाला है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के एक मजबूत स्तंभ के रूप में खुद को साबित किया।

जबकि प्रदेश सरकार ने हर किसी को मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में हर किसी को मास्क और डॉक्टरों को पीपीई किट मिल सके इसके लिए गांवों में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं दिन रात मेहनत कर मास्क बना रही हैं। लॉकडाउन के कारण आर्थिक दिक्कतों से जूझ रहे ग्रामीण परिवारों को रोजगार से जोड़ने के लिए एसआरएलएम ने बड़ी योजना पर काम शुरु किया है।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के निदेशक सुजीत कुमार ने बताया, "प्रदेश में 12 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह द्वारा करीब 61 लाख 52 हजार 982 मास्क बनाए गए हैं। जिनमें से करीब 48 लाख 84 हजार 289 मास्क बिक चुके हैं। अब तक 3 करोड़ 70 लाख 75 हजार 936 रूपये के मास्क बेचे जा चुके हैं। वहीं प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों ने करीब 36 हजार 299 पीपीई किट तैयार की हैं।

सरकार ने भी महिलाओं के हुनर की सराहना करते हुए उन्हें रोजगार से जोड़ दिया है। लखनऊ के बीकेटी ब्लाक के गंगा सहायता समूह ने अब तक 40 हजार से ज्यादा मास्क, 443 पीपीई किट बनाए हैं। इनके गांव नवादा में कुल 9 समूह कार्य कर रहे हैं। जिनमें करीब 40 मशीनें हैं और 100 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। यहां एक दिन में करीब 1500 मास्क तैयार हो जाते हैं।

गंगा स्वयं सहायता समूह में सखी व सदस्य के तौर पर काम रही सरिता यादव ने बताया कि सरकार द्वारा दिए गए खादी के कपड़े से यहां मास्क बन रहे हैं। जिससे काफी फायदा हो रहा है। यही नहीं सरकार द्वारा पीपीई किट के लिए भी कपड़ा उपलब्ध कराया गया है। जिससे उन्होंने पीपीई किट भी बनाई हैं। इस कार्य के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी को सराहा है।

समूह में सदस्य के तौर पर काम रही सोना देवी ने बताया कि उनके पति की तीन साल पहले एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। उनके पास आय का कोई साधन नहीं था जिसके बाद उन्हें अपने परिवार वालों से ही स्वयं सहायता समूह के बारे में पता चला। सोना देवी करीब डेढ़ साल से इस समूह में काम कर रही हैं। बंदी के दौरान उन्हें करीब 10 हजार रुपये का रोजगार मिला है।

लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की सदस्य सुनिता यादव ने कहा कि हमारे समूह से जुड़ी महिलाएं पहले स्कूल की ड्रेस बनाने का काम कर रही थीं। लॉकडाउन में सरकार ने सभी बेरोजगार महिलाओं को काम दिया है। जिसे वह पूरी मेहनत के साथ कर रही हैं।

--आईएएनएस



ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-Contribution of rural women in corona crisis,
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: up news, up hindi news, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, lucknow news, lucknow news in hindi, real time lucknow city news, real time news, lucknow news khas khabar, lucknow news in hindi
Khaskhabar UP Facebook Page:
स्थानीय ख़बरें

उत्तर प्रदेश से

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

Copyright © 2020 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved